Bangladesh Crisis: खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी उगलने लगी भारत के खिलाफ जहर

Edited by Amitabh Kumar
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तख्तापलट के बाद भारत में शेख हसीना

Bangladesh Crisis: खालिदा जिया की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) भारत के खिलाफ जहर उगलने लगी है. देखें ये वीडियो

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Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में मची बड़ी राजनीतिक उलटफेर के बाद वहां अंतरिम सरकार बन चुकी है. इस बीच खालिदा जिया की कट्टरपंथी विचारधारा वाली पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) अपने रंग में आने लगी है. पार्टी के एक सीनियर नेता ने भारत के खिलाफ जहर उगला है. उन्होंने कहा है कि यदि भारत शेख हसीना को अपने देश में शरण देता है तो भारत और बांग्लादेश के संबंध खराब हो सकते हैं.

भारत के खिलाफ बीएनपी के वरिष्ठ नेत गायेश्वर रॉय की ओर से यह बयान दिया गया है. रॉय बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य हैं जो पार्टी से जुड़े सभी बड़े निर्णय करती है. रॉय ने भारत को नसीहत देते हुए कहा- दो देशों के बीच सहयोग की जो आपसी भावना होती है, भारत को उसी के अनुरूप व्यवहार करने की जरूरत है. 1991 में बीएनपी की नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रह चुके गायेश्वर रॉय ने कहा कि हसीना सरकार के विदेश मंत्री ने कहा था कि सरकार में वापसी के लिए भारत हमारी मदद करेगा. अब भारत उनकी मदद कर रहा है.

बांग्लादेश में नयी अंतरिम सरकार का स्वागत

इधर, बांग्लादेश में लोगों ने नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली नयी अंतरिम सरकार का स्वागत किया है. लोगों ने उम्मीद व्यक्त की है कि यह सरकार व्यवस्था बहाल करेगी. सरकार दमन को समाप्त करेगी और सत्ता के लोकतांत्रिक हस्तांतरण के लिए निष्पक्ष चुनाव कराएगी. 84 साल के यूनुस ने गुरुवार को अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली थी. शेख हसीना ने विवादास्पद आरक्षण प्रणाली को लेकर अपनी सरकार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अचानक इस्तीफा दे दिया था. अभी वह भारत में हैं.

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मोहम्मद यूनुस के मंत्रिमंडल में ये हैं शामिल

मोहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री के समकक्ष पद मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ ली. महिला अधिकार कार्यकर्ता फरीदा अख्तर, दक्षिणपंथी पार्टी हिफाजत-ए-इस्लाम के उप प्रमुख ए.एफ.एम. खालिद हुसैन के अलावा ग्रामीण दूरसंचार ट्रस्टी नूरजहां बेगम, स्वतंत्रता सेनानी शर्मीन मुर्शिद, चटगांव हिल ट्रैक्ट्स डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष सुप्रदीप चकमा, प्रोफेसर बिधान रंजन रॉय और पूर्व विदेश सचिव तौहीद हुसैन सलाहकार परिषद के सदस्यों में शामिल हैं.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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