ताक पर डील! इजराइल हिजबुल्ला में फिर छिड़ी जंग, भीषण हमले में 18 लोगों की मौत

Edited by Pritish Sahay
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इजराइल हिजबुल्ला में फिर छिड़ी जंग, फोटो- एआई

Israel Hezbollah War: इजराइल और हिजबुल्ला में एक बार फिर जंग छिड़ गई है. लेबनान स्थित हिजबुल्ला के कई ठिकानों पर इजराइल के हमले जारी है. वहीं, हिज्बुल्ला भी जोरदार तरीके से पलटवार कर रहा है. इस लड़ाई के कारण ईरान और अमेरिका युद्धविराम समझौते पर सवाल उठने लगे हैं.

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Israel Hezbollah War: इजराइल और हिज्बुल्ला के बीच फिर से जंग छिड़ गई है. इजराइली सेना ने शुक्रवार (19 जून) को बताया कि उसने रातभर दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला ठिकानों पर हवाई हमले किए. दूसरी ओर हिज्बुल्ला ने भीषण हमला किया, जिसमें इजराइल के चार सैनिक मारे गए. इजराइल हिजबुल्ला के बीच फिर से छिड़ी जंग ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए शुरुआती युद्धविराम समझौते के भविष्य को लेकर टेंशन खड़ी कर दी है.

ईरान-अमेरिका वार्ता टली

इजराइल और हिजबुल्ला की जंग के कारण ईरान और अमेरिका के बीच शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित वार्ता को स्थगित कर दिया गया है. इस बैठक में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के शामिल होने की संभावना थी. क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, मध्यस्थ अब नई तारीख तय करने और वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश में लगे हैं.

इजराइल के हमलों से बढ़ रहा लेबनान में मौतों का आंकड़ा

इजराइल के लगातार हो रहे हवाई हमलों और सैन्य कार्रवाई के कारण लेबनान में जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है. लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. वहीं इजराइली सेना ने साफ किया है कि उसकी सैन्य कार्रवाई अभी भी जारी है.

इजराइल के चार सैनिक भी मारे गए

हालांकि संघर्ष में इजराइल को भी नुकसान उठाना पड़ा है. इजराइली सेना के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान एक लेफ्टिनेंट कर्नल सहित चार सैनिक मारे गए हैं. इसके अलावा, एक विस्फोटक ड्रोन हमले में पांच अन्य सैनिक घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है.

बेका घाटी में भी इजराइल ने की सैन्य कार्रवाई

इजराइल दक्षिणी लेबनान के अलावा लेबनान की पूर्वी बेका घाटी में भी कई ठिकानों पर हमला किया. इजराइली फौज का कहना है कि ये हमले हिज्बुल्ला से जुड़े सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं. वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जब तक हिज्बुल्ला का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक इजराइली सेना लेबनान से पीछे नहीं हटेगी.

युद्धविराम समझौते पर संकट के बादल!

इजराइल की लगातार जारी सैन्य कार्रवाई से हाल ही में हुए ईरान-अमेरिका प्रारंभिक समझौते की सफलता पर सवाल उठने लगे हैं. समझौते में सभी मोर्चों पर तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रावधान शामिल है, जिसमें लेबनान भी शामिल है. इसके साथ ही लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी जताई गई थी. लेकिन जमीनी हालात इस समझौते की भावना के विपरीत दिखाई दे रहे हैं.

हॉर्मुज जलमार्ग खुलने से वैश्विक राहत

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का प्रमुख उद्देश्य क्षेत्रीय युद्ध को समाप्त करना और तनाव कम करना था. वहीं समझौते के बाद हॉर्मुज जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय परिवहन के लिए फिर से खुल गया है. इससे वैश्विक तेल आपूर्ति में राहत मिली है. युद्ध के दौरान ईरान के कड़े नियंत्रण के कारण इस मार्ग से तेल की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई थी.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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