चोगम में भारत की मौजूदगी को खुर्शीद ने सही ठहराया

Published at :13 Nov 2013 2:52 PM (IST)
विज्ञापन
चोगम में भारत की मौजूदगी को खुर्शीद ने सही ठहराया

कोलंबो : श्रीलंका में हो रहे चोगम सम्मेलन का बहिष्कार करने की तमिलनाडु के राजनीतिक दलों की मांग को खारिज करते हुए विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज यहां पहुंचे और कहा कि भारत श्रीलंका के तमिलों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. इस सप्ताह होने जा रहे चोगम […]

विज्ञापन

कोलंबो : श्रीलंका में हो रहे चोगम सम्मेलन का बहिष्कार करने की तमिलनाडु के राजनीतिक दलों की मांग को खारिज करते हुए विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज यहां पहुंचे और कहा कि भारत श्रीलंका के तमिलों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. इस सप्ताह होने जा रहे चोगम सम्मेलन में शामिल होने आए खुर्शीद ने कहा कि राष्ट्रीय हित की खातिर हमें बातचीत जारी रखनी है.खुर्शीद का यहां पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया. उनके साथ विदेश सचिव सुजाता सिंह और अन्य भारतीय अधिकारी यहां आए हैं. विदेश मंत्री ने कहा कि वह यहां द्विपक्षीय बातचीत में भाग लेने नहीं बल्कि बहुपक्षीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए आए हैं. उन्होंने कहा कि सम्मेलन से अलग, उनके पास तमिलों को सत्ता के और अधिक विकेंद्रीकरण किए जाने तथा श्रीलंका से लगने वाले समुद्री जल क्षेत्र में भारतीय मछुआरों पर हमले जैसे मुद्दों को श्रीलंका सरकार के समक्ष उठाने और भारत की चिंता जाहिर करने का मौका होगा.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शुक्रवार से यहां शुरु हो रहे तीन दिवसीय चोगम सम्मेलन में भाग लेने की योजना बना रहे थे. लेकिन तमिलनाडु में चल रही प्रतिस्पर्धी राजनीति और अगले साल होने जा रहे लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में कांग्रेस के अलग थलग पड़ जाने की आशंका के चलते सिंह को बीते सप्ताह अपनी योजना रद्द करनी पड़ी.तमिलनाडु विधानसभा में बीती रात आम सहमति से पारित प्रस्ताव की पृष्ठभूमि में खुर्शीद ने कहा कि मांग को लेकर वह ‘‘हैरत’’ में थे. हाल में पारित यह दूसरा प्रस्ताव था जिसमें मांग की गई थी कि भारत चोगम का पूरी तरह बहिष्कार करे.खुर्शीद ने कहा ‘‘श्रीलंका के उत्तरी इलाकों के तमिलों के लिए हम बहुत कुछ कर रहे हैं. हम वहां (युद्ध प्रभावित इलाकों में) 15,000 मकान बनवाने, सड़कें तैयार करने और अवसंरचना बनाने की बड़ी परियोजना से जुड़े हैं. कोई भी यह नहीं कह रहा है कि आपको यह नहीं करना चाहिए.’’उन्होंने पांच दिवसीय श्रीलंका यात्रा में विशेष विमान से अपने साथ आए संवाददाताओं से कहा ‘‘अगर हम यहां नहीं होते तो यह सब कैसे कर सकते थे. इसीलिए मैं उन लोगों की बात से हैरत में हूं जो कहते हैं कि हमें श्रीलंका नहीं जाना चाहिए. मेरा काम इसे देखना और भारत के व्यापक राष्ट्रीय हित में प्रतिनिधित्व करना है.’’

खुर्शीद से संवाददाताओं ने तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव और राज्य के राजनीतिक दलों की इस मांग के बारे में पूछा था कि लिट्टे के खिलाफ युद्ध के अंतिम चरण में नागरिकों के ‘‘मानवाधिकारों के व्यापक हनन’’ और तमिल बहुल जाफना में प्रांतीय परिषद में अधिकारों के विकेंद्रीकरण से श्रीलंका की सरकार के इंकार के मद्देनजर भारत से किसी को भी चोगम सम्मेलन में भाग नहीं लेना चाहिए. चोगम देशों के विदेश मंत्रियों की, सम्मेलन से पूर्व आज होने वाली बैठक में खुर्शीद शामिल होंगे. फिर वह शुक्रवार से शुरु हो रहे सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola