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Nimisha Priya Execution: 11 करोड़ में निमिषा प्रिया को मौत से माफी? लेकिन कहां से आएगा इतना पैसा…

Updated at : 15 Jul 2025 5:35 PM (IST)
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Nimisha Priya Execution Yemen

Nimisha Priya Execution Yemen

Nimisha Priya Execution: यमन में मौत की सजा का सामना कर रहीं केरल की नर्स निमिषा प्रिया की फांसी टाल दी गई है. भारत की कूटनीतिक कोशिशें और धार्मिक नेताओं की मध्यस्थता से उम्मीद जगी है कि ब्लड मनी के जरिए पीड़ित परिवार माफी दे सकता है.

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Nimisha Priya Execution: 2017 में यमन में अपने बिजनेस पार्टनर की हत्या के मामले में मौत की सज़ा पा चुकीं केरल की नर्स निमिषा प्रिया को बचाने के लिए यमन में तेजी से कूटनीतिक प्रयास जारी हैं. 16 जुलाई को तय की गई फांसी की तारीख को टाल दिया गया है, जिससे बातचीत और समझौते की उम्मीदें बनी हुई हैं. सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल के वकील सुभाष चंद्रन के मुताबिक, फिलहाल सबसे जरूरी है फांसी को टालना ताकि आगे बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके. उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित के परिवार की सहमति मिलती है, तो ‘ब्लड मनी’ यानी आर्थिक मुआवजे के बदले माफी मिलने की संभावना है.

कौन कर रहा प्रयास? Nimisha Priya Execution

इस प्रयास में भारत के ग्रैंड मुफ्ती कंथापुरम ए. पी. अबूबक्कर मुसलियार भी मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. उनके प्रतिनिधि पीड़ित तालाल अब्दो महदी के परिवार से संपर्क में हैं. खास बात यह है कि पहली बार मृतक के किसी करीबी रिश्तेदार ने भी बातचीत में भाग लिया है. शरिया कानून के तहत पीड़ित परिवार चाहे तो दोषी को माफ कर सकता है बिना शर्त या ब्लड मनी के बदले.

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माना जा रहा है कि अगर परिवार मुआवजा स्वीकार करता है, तो फंड जुटाना मुश्किल नहीं होगा. अब्दुल रहीम को सऊदी अरब से छुड़वाने में अहम भूमिका निभाने वाले ट्रस्ट ने इस बार भी ₹11 करोड़ देने की पेशकश की है. कारोबारी एम. ए. यूसुफ अली और बॉबी केमेनूर ने भी ₹1-1 करोड़ का सहयोग देने का वादा किया है.

भारत सरकार ने क्या कहा? Nimisha Priya Execution

सरकार की ओर से भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटारमणि ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारत ने अपनी पूरी कूटनीतिक कोशिशें कर ली हैं. कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को 18 जुलाई तक का समय दिया है ताकि वे यमन में पीड़ित के परिवार से बातचीत कर सकें. इस बीच निमिषा की मां और एक सामाजिक कार्यकर्ता यमन में मौजूद हैं.

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निमिषा प्रिया को 2020 में यमनी अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी. उस पर आरोप है कि उसने अपने बिजनेस पार्टनर महदी को केटामीन का इंजेक्शन दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई. परिवार का कहना है कि महदी ने धोखाधड़ी कर उसे अपनी पत्नी घोषित कर दिया था, पासपोर्ट जब्त कर लिया था और लंबे समय तक प्रताड़ित किया. दस्तावेज वापस लेने की कोशिश में यह हादसा हुआ. भारत की यमन में कूटनीतिक मौजूदगी नहीं होने से मामला बेहद जटिल हो गया है, लेकिन अंतिम वक्त में हो रही बातचीतों से एक उम्मीद जरूर बनी है.

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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