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कोरोना वायरस से मरने वालों के लिए बंगाल सरकार ने आरक्षित किये श्मशान और कब्रिस्तान

Updated at : 04 Apr 2020 10:27 AM (IST)
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कोरोना वायरस से मरने वालों के लिए बंगाल सरकार ने आरक्षित किये श्मशान और कब्रिस्तान

west bengal govt reserved crematorium and graveyard for those who died of coronavirus कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमित के शव के दाह संस्कार और दफनाने के दौरान संक्रमण को लेकर उत्पन्न भय को दूर करने के लिए परामर्श जारी किया है. विभाग ने कहा कि ऐसे व्यक्तियों के दाह संस्कार या दफनाने के दौरान संक्रमण का खतरा नहीं है और अधिकारी जरूरी एहतियात बरत रहे हैं.

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमित के शव के दाह संस्कार और दफनाने के दौरान संक्रमण को लेकर उत्पन्न भय को दूर करने के लिए परामर्श जारी किया है. विभाग ने कहा कि ऐसे व्यक्तियों के दाह संस्कार या दफनाने के दौरान संक्रमण का खतरा नहीं है और अधिकारी जरूरी एहतियात बरत रहे हैं.

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स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि वायरस के हवा से फैलने की कोई आशंका नहीं है, क्योंकि संक्रमण मरीज के छींकने या खांसने से बाहर आये तरल कण (ड्रॉपलेट्स) से होता है. परामर्श में कहा गया, ‘दाह संस्कार के दौरान 800 से 1000 डिग्री सेल्सियस तक तापमान होता है, जिसमें वायरस प्रभावी नहीं रह सकता. अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि शव जलाने के दौरान होने वाले धुआं से कोरोना वायरस फैलता है.’

बयान में कहा गया कि अगर मानक एहतियात का अनुपालन किया जाता है, तो निश्चित रूप से संक्रमित व्यक्ति के शव से स्वास्थ्यकर्मियों, परिवार के सदस्यों या इलाके के लोगों में संक्रमण का खतरा नहीं है.’ स्वास्थ्य विभाग ने इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को भी उद्धृत किया, जिसके मुताबिक, संक्रमित के शव के संपर्क में आने से कोरोना वायरस का संक्रमण होने का मामला प्रकाश में नहीं आया है.

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परामर्श में कहा गया कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी ‘कोविड-19 शव प्रबंधन दिशा-निर्देश’ के अनुरूप अंतिम संस्कार के दौरान सभी एहतियात बरतना चाहिए. इसलिए स्पष्ट है कि अगर कोविड-19 के शव को ले जाने और अंतिम संस्कार करने के मानकों का पालन किया जाता है, तो संक्रमण का कोई खतरा नहीं है.’

उल्लेखनीय है कि 23 मार्च को कोलकाता के नीमतल्ला इलाके में स्थानीय लोगों ने कोरोना वायरस संक्रमित के शव का नजदीकी श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार कराने का विरोध किया था और सरकारी अधिकारियों को ऐसा करने से रोक दिया था. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दो घंटे लगे स्थानीय लोगों को अंतिम संस्कार के लिए मनाने में.

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इस बीच, कोलकाता नगर निगम ने धापा और तपसिया स्थित दो शव दाह गृह भट्टी और बाघमारा स्थित कब्रिस्तान को कोरोना वायरस संक्रमितों के शव को दफनाने के लिए आरक्षित किया है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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