कोरोना वायरस के खौफ के बीच कोलकाता के इंटाली में इटली का प्रयोग, देखें VIDEO

experiment of italy in entally police station area of kolkata amid covid19 pandemic कोलकाता : कोरोना वायरस के संक्रमण को सीमित करने के लिए पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पुलिस ने इटली का प्रयोग शुरू किया है. सिटी ऑफ जॉय कोलकाता के इंटाली थाना के प्रभारी ने एक अभिनव प्रयोग शुरू किया है. जिस तरह पर्यटकों के सबसे पसंदीदा देशों में शुमार इटली में कोरोना से लड़ने के लिए लोगों ने संगीत को अपना हथियार बनाया था. उसी तरह इंटाली के थाना प्रभारी अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को कोरोना से लड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
कोलकाता : कोरोना वायरस के संक्रमण को सीमित करने के लिए पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पुलिस ने इटली का प्रयोग शुरू किया है. सिटी ऑफ जॉय कोलकाता के इंटाली थाना के प्रभारी ने एक अभिनव प्रयोग शुरू किया है. जिस तरह पर्यटकों के सबसे पसंदीदा देशों में शुमार इटली में कोरोना से लड़ने के लिए लोगों ने संगीत को अपना हथियार बनाया था. उसी तरह इंटाली के थाना प्रभारी अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को कोरोना से लड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन के बीच कोलकाता पुलिस लोगों का हौसला बढ़ा रही है. उनका मनोरंजन कर रही है. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है, जिसमें इंटाली थाना के प्रभारी देवाशीष दत्ता अपनी पूरी टीम के साथ सड़कों पर माइक से गाना गा रहे हैं और बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों में मौजूद लोगों से अपील कर रहे हैं कि वह भी उनके साथ यह गीत गायें. वह लोगों को सकारात्मक बने रहने का संदेश भी दे रहे हैं.
यही वजह है कि कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन के दौरान पुलिस अधिकारी ‘हम होंगे कामयाब…’ के अंग्रेजी संस्करण ‘वी शैल ओवरकम, कम डे…’ गीत गाकर लोगों को यह बता रहे हैं और विश्वास दिला रहे हैं कि हम सब मिलकर जानलेवा कोरोना विषाणु को परास्त कर देंगे. भारत जीतेगा, कोरोना हारेगा. इसके लिए जरूरी है कि हमारा हौसला बुलंद हो. सोच सकारात्मक हो और हम सब मिलकर इस घातक विषाणु को फैलने से रोकें. इस घातक विषाणु के फैलने के चेन को तोड़कर ही हम उसे परास्त कर सकते हैं.
वह लोगों को यह बताना चाह रहे हैं कि आप घर में रहेंगे, तो कोरोना देश से बाहर जायेगा. इसके बाद फिर सभी लोग उसी आजादी के साथ अपने शहर में, अपने देश में घूम पायेंगे, जैसे 22 मार्च से पहले घूमते थे. इसलिए जरूरी है कि हम कुछ दिन का कष्ट झेल लें, ताकि और लोगों को कष्ट न झेलना पड़ा.
कोलकाता पुलिस की इस पहल की लोग काफी तारीफ कर रहे हैं. पुलिस यह भी संदेश दे रही है कि कोरोना वायरस के चेन को तोड़ने के लिए हम सबका अपने-अपने घरों में रहना जरूरी है. तीन सप्ताह के लॉकडाउन के दौरान यदि आप घर में बोरियत महसूस कर रहे हैं, तो गीत गाइये. संगीत से नाता जोड़िये. पड़ोसियों से भले न मिलें, लेकिन अपनी-अपनी बालकनी में आकर एक-दूसरे के साथ बातें करें, गीत-संगीत सुनें. गीत गायें.
सिटी ऑफ जॉय कोलकाता के पुलिस अधिकारियों की यह पहल ठीक वैसी ही है, जैसे इटली की पुलिस ने किया था. कोरोना वायरस की सबसे बड़ी मार इटली ही झेल रहा है. अब तक सबसे ज्यादा लोगों की वहां मौत हो चुकी है. बावजूद इसके लोगों ने हिम्मत नहीं हारी. जब पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा हुई, तो इटली के लोगों ने एक वक्त तय किया और उस वक्त सभी अपनी-अपनी बालकनी में आ जाते थे.
वाद्य यंत्रों के साथ लोग एक-दूसरे के साथ गीत गाते थे. कोरोना वायरस के आतंक को कम करते थे. इसमें पुलिस के जवान भी उनका साथ देते थे. कोलकाता पुलिस के इंटाली थाना के प्रभारी ने उससे प्रेरणा ली और अपने थाना क्षेत्र में लोगों का मनोबल बढ़ाने में जुट गये हैं. इस काम में पुलिस सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा-पूरा पालन कर रही है.
उल्लेखनीय है कि देश के कई इलाकों से पुलिस वालों के वीडियो वायरल हुए हैं, जिसमें कोई पुलिस अधिकारी गीत गाकर लोगों को बता रहे हैं कि यदि वे इस वक्त लॉकडाउन का पालन नहीं करेंगे, तो देश खतरे में आ जायेगा. वहीं, कुछ पुलिस वाले ऐसे गीत गा रहे हैं, जो लोगों को अनुशासन में रहने का संदेश देते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




