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श्रावणी मेला 2022 : झारखंड के मिनी बाबाधाम गजेश्वरनाथ धाम में शिवलिंग पर होता रहता है अनवरत जलाभिषेक

Updated at : 18 Jul 2022 11:48 AM (IST)
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श्रावणी मेला 2022 : झारखंड के मिनी बाबाधाम गजेश्वरनाथ धाम में शिवलिंग पर होता रहता है अनवरत जलाभिषेक

Shravani Mela 2022 : साहिबगंज जिला मुख्यालय से 58 किलोमीटर दूर बरहेट प्रखंड की प्राकृतिक वादियों के बीच बसे शिवगादी स्थित बाबा गजेश्वरनाथ धाम में श्रावण व भादो माह में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल व ओडिशा के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक करते हैं.

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Shravani Mela 2022 : साहिबगंज जिला मुख्यालय से 58 किलोमीटर दूर बरहेट प्रखंड की प्राकृतिक वादियों के बीच बसे शिवगादी स्थित बाबा गजेश्वरनाथ धाम में श्रावण व भादो माह में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल व ओडिशा के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक करते हैं. शिवगादी धाम को संताल परगना का मिनी बाबाधाम के नाम से भी जाना जाता है. यहां पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यहां भगवान भोले सपरिवार पहाड़ की गुफा में विराजमान हैं. शिवलिंग पर सालोंभर अपने आप जल गिरता रहता है. यहां श्रावणी मेला पर दुकानें सजी हुई हैं.

शिवलिंग पर हमेशा जलाभिषेक

मिनी बाबाधाम शिवगादी स्थित बाबा गजेश्वरनाथ धाम में भगवान शिव ऊंचे पहाड़ पर पहाड़ी गुफा के अंदर विराजमान हैं. गुफा में प्रवेश करने से पहले पहाड़ से गिरता झरना मन्दिर में आए भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है. सैकड़ों सीढ़ी चढ़कर गुफानुमा मन्दिर में प्रवेश करने के बाद भगवान भोले दर्शन देते हैं. शिवगादी में भगवान भोलेनाथ गुफा के अंदर विराजमान है. गुफा के अंदर ही शिवलिंग पर अपने आप सालोंभर हमेशा जलाभिषेक होता रहता है. यहां पूजन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. गुफा के अंदर भगवान भोलेनाथ सपरिवार विराजमान हैं.

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नन्दी महाराज के पैरों पर जलार्पण के बिना अधूरी है पूजा

सैकड़ों सीढ़ी चढ़कर गुफानुमा मन्दिर में प्रवेश करने के बाद फिर सैकड़ों सीढ़ी चढ़कर नन्दी महाराज का पैर का निशान है. मान्यता है कि नन्दी महाराज के पैरों पर जलार्पण करने के बाद ही शिवगादी धाम में पूजा सम्पन्न होती है, वर्ना ये पूजा अधूरी रह जाती है. शिवगादी धाम पूजा स्थल के साथ-साथ पिकनिक स्थल भी है. हरी-भरी वादियों वादियों के बीच गुफा में विराजमान भगवान भोलेनाथ का दर्शन व आशीर्वाद लेने व वनभोज के लिए हर वर्ष झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल व ओडिशा के लोग सालोंभर आते रहते हैं.

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कहां से लेते हैं गंगा जल

मिनी बाबाधाम शिवगादी धाम में पूजन के लिए भक्त साहिबगंज गंगा से, राजमहल गंगा से, महाराजपुर गंगा से, सकरीगली गंगा से, फरक्का गंगा से जल लेते हैं और बाबा पर जलाभिषेक करते हैं. पूरे शिवगादी परिसर में पूजन सामग्री की दुकानों से लेकर खाने-पीने की दुकानें सजी हुई हैं.

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कैसे पहुंचे मिनी बाबाधाम शिवगादी

रेलमार्ग से साहिबगंज रेलवे स्टेशन पहुंचकर जिला मुख्यालय से 58 किलोमीटर सड़क मार्ग से चार पहिया वाहन, ऑटो, बस के जरिये बोरियो बरहेट सड़क मार्ग. जलमार्ग से सकरीगली समदा या साहिबगंज फेरी घाट पहुंचकर ऑटो, चार पहिया वाहन व बस से बरहेट पहुंचकर वहां से शिवगादी धाम पहुंच सकते हैं. श्रावण महीने में बरहरवा, तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन के समीप से भी बरहेट शिवगादी धाम के लिए ऑटो व चार पहिया वाहन इत्यादि से पहुंच सकते हैं.

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रिपोर्ट : नवीन कुमार, साहिबगंज

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