Monica O My Darling Movie Review: दमदार परफॉर्मेंस से सजी, मजेदार है यह मर्डर मिस्ट्री फिल्म
Published by : Ashish Lata Updated At : 11 Nov 2022 10:22 PM
मोनिका ओ माय डार्लिंग हिंदी सिनेमा को नयी दिशा दे सकती है. ये मर्डर मिस्ट्री आपको पूरी तरह से बांध कर रखती है. इस सस्पेंस थ्रिलर में आपके जेहन में यह सवाल आता रहता है कि आखिर कातिल कौन है, लेकिन यह फिल्म पूरे समय आपको पूरे समय हंसाती भी रहती है.
फ़िल्म- मोनिका ओ माय डार्लिंग
निर्माता- मैचबॉक्स
निर्देशक- वासन बाला
कलाकार- राजकुमार राव, हुमा कुरैशी, राधिका आप्टे, सिकन्दर खेर, बक्स, आकांक्षा रंजन कपूर, सुकान्त गोयल, जायन मारी खान और अन्य
प्लेटफार्म- नेटफ्लिक्स
रेटिंग- तीन
पिछले कुछ समय से रीमेक फिल्मों को लेकर लगातार बहस हो रही है कि हिंदी सिनेमा को रीमेक फिल्मों से खुद को बचाने की जरुरत है, लेकिन मोनिका ओ माय डार्लिंग जैसी फिल्में हिंदी सिनेमा को नयी दिशा दे सकती है. नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई मोनिका ओ में डार्लिंग को देखकर यह बात शिद्दत से महसूस होती है. फिल्म जापानी लघु फिल्म का हिंदी रीमेक है.
फिल्म की शुरुआत में ही एक मर्डर हो जाता है और कहानी छह महीने आगे बढ़ जाती है. रोबोटिक्स की एक बड़ी कम्पनी जयंत (राजकुमार राव) को अपना शेयर होल्डर घोषित करती है. जिससे कंपनी के प्रमुख के बेटे (सिकन्दर खेर) से लेकर दूसरे सभी कर्मचारियों को उससे ईर्ष्या होती है, लेकिन छोटे से गांव अगोला से आए जयंत की पूरी जिंदगी सेट है. इस कंपनी का शेयर होल्डर बनने के साथ-साथ वह कंपनी के मालिक का दामाद भी जल्द बनने वाला है. इसी बीच कंपनी की एक कर्मचारी मोनिका (हुमा कुरैशी) जयंत को ब्लैकमेल करने लगती है कि वह उसके बच्चे की मां बनने वाली है. जयंत अपनी सफलता को किसी कीमत पर खोना नहीं चाहता है फिर उसके लिए उसे मोनिका को ठिकाने ही क्यों ना लगाना पड़े. क्या मोनिका को वह ठिकाने लगा पाएगा या खुद वो किसी जाल में फंसने वाला है. इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी.
यह मर्डर मिस्ट्री आपको पूरी तरह से बांध कर रखती है. इस सस्पेंस थ्रिलर में आपके जेहन में यह सवाल आता रहता है कि आखिर कातिल कौन है, लेकिन यह फिल्म पूरे समय आपको पूरे समय हंसाती भी रहती है. फिल्म का ट्रीटमेंट कमाल का है. एक बाद एक ट्विस्ट एंड टर्न है. हर किरदार ग्रे है, एक के बाद एक मर्डर हो रहे हैं, लेकिन फिल्म कहीं भी भारी नहीं लगती है. फिल्म के संवादों को कमाल के पंचेस के साथ जोड़ा गया है. निर्देशक वासम बाला ने फिल्म में अपनी छाप छोड़ी है.
खामियों की बात करें तो जेहन में ये बात भी आती है कि यह फिल्म रोबोटिक्स कंपनी में काम कर रहे लोगों के इर्द-गिर्द बुनी गयी है. एक छोटी सी घड़ी बड़े से मशीन को कंट्रोल कर रही है, लेकिन एक के बाद एक आसानी से हो रहे मर्डर्स को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं है. सीसीटीवी जैसी मामूली सी चीज नहीं है. सेकेंड हाफ में कहानी की पकड़ थोड़ी ढीली हुई है. फिल्म के कई दृश्य और सीक्वेंस दूसरी फिल्मों की याद भी दिलाते हैं.
फिल्म के ट्रीटमेंट के साथ साथ फ़िल्म को खास इसका रेट्रो फील वाला म्यूजिक भी बनाता है. जिसके लिए गीत-संगीत से जुड़ी पूरी टीम की जबरदस्त सराहना बनती है. फिल्म के गीत संगीत फ़िल्म की कहानी को साथ साथ लेकर बखूबी आगे बढ़ते हैं, जो बहुत कम फिल्मों में देखने को मिलता है. इसके लिए संगीतकार अंचित कौर, गीतकार वरुण धवन और गायिका अनुपमा चक्रवर्ती बधाई के पात्र हैं.
फिल्म की कास्टिंग जबरदस्त है. कहानी का अहम चेहरा राजकुमार राव है और उन्होंने इसे बखूबी निभाया है. कहानी जैसे-जैसे ऊंचाई को छूती है, वैसे-वैसे राजकुमार का परफॉरमेंस भी. हुमा कुरैशी ने भी शानदार परफॉरमेंस दी है. सिकन्दर खेर की भूमिका छोटी जरूर है, लेकिन उनके अभिनय का प्रभाव गहरा है. अपनी बॉडी लैंग्वेज और संवादों से उन्होंने अपने किरदार को दिलचस्प बनाया है. राधिका आप्टे एक अलग अंदाज में इस फिल्म में नजर आयी है, उनकी सहजता उनके अभिनय को खास बना गयी है. बक्स, आकांक्षा, सुकान्त सहित बाकी के किरदारों ने भी अपने अभिनय से कहानी के साथ न्याय किया है.
अगर सिनेमा के रटे रटाए पॉपुलर फॉर्मूले से अलग कुछ देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म बेहतरीन ऑप्शन है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Ashish Lata
आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










