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माहिका गौर 18 साल की उम्र में दो देशों के लिए खेलने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं, एमएस धोनी हैं इनके आदर्श

Updated at : 01 Sep 2023 8:27 PM (IST)
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माहिका गौर 18 साल की उम्र में दो देशों के लिए खेलने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं, एमएस धोनी हैं इनके आदर्श

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का अपना आदर्श मानने वाली महिला क्रिकेटर माहिका गौर ने 18 साल की उम्र में इतिहास रच दिया है. वह दो देशों के लिए डेब्यू करने वाली इतने कम उम्र की पहली महिला क्रिकेटर बन गयी हैं. उन्होंने यूएई और इंग्लैंड की टीम की ओर से खेला.

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  • माहिका गौर दो देशों के लिए खेलने वाली सबसे कम उम्र की महिला क्रिकेटर

  • टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को मानती हैं अपना आदर्श

  • पिता ने गेंदबाजी की दी ट्रेनिंग, आईपीएल से थी काफी प्रभावित

  • इंग्लैंड के लिए टी20 डेब्यू में चटकाया पहला विकेट

पहली बार 12 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाली क्रिकेटर माहिका गौर ने शुक्रवार को दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करते हुए इतिहास रच दिया. UAE के बाद उन्होंने दूसरी बार इंग्लैंड के लिए डेब्यू किया. इंग्लैंड ने टी-20 मैच में श्रीलंका का सामना करने के लिए प्लेइंग इलेवन में बाएं हाथ की चतुर तेज गेंदबाज माहिका का नाम भी शामिल किया. अपने लिए खास दिन पर माहिका ने चमारी अटापट्टू का आउट कर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट भी हासिल किया.

बारिश की वजह से रद्द हुआ खेल

अगर बारिश ने खेल में खलल नहीं डाला होता, तो महिका को और अधिक विकेट मिल सकते थे. पहले बल्लेबाजी करते हुए, इंग्लैंड ने बोर्ड पर 186 रन बनाए, जिसमें डेनिएल व्याट और एलिस कैप्सी प्रमुख रन-स्कोरर रहीं. लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका का स्कोर 6 ओवर में 55/3 था. तभी बारिश के कारण मैच रुक गया. डीएलएस पद्धति से इंग्लैंड को 12 रनों से विजेता घोषित किया गया.

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इंग्लैंड की कप्तान ने की तारीफ

मैच के बाद इंग्लैंड की कप्तान हीथर नाइट ने 6 फीट 3 इंच लंबी महिका की जमकर तारीफ की. नाइट ने कहा, ‘माहिका अपने डेब्यू में शानदार थीं. बारिश के बाद उसे डेथ ओवर में बॉलिंग के लिए जाना पड़ा और उसने अपनी योजना को पूरी तरह से क्रियान्वित किया. उस ऊंचाई पर उसे स्विंग मिलती है जो उसका हथियार है.’ एमएस धोनी और मिचेल स्टार्क को अपना आदर्श मानने वाली महिका पहले ही एक बेहतरीन तेज गेंदबाज बनने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा चुकी हैं. लेकिन, वह भी एक दिन माही की तरह खेल खत्म करना चाहती है.

आईपीएल से मिली प्रेरणा

इंग्लैंड के दक्षिण में रीडिंग में जन्मी माहिका ने 2011 में जयपुर में एक आईपीएल मैच के बाद एक पेशेवर क्रिकेटर बनने का फैसला किया. उस मैच में दिवंगत ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर शेन वार्न दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे थे.

बगीचे में करती थी गेंदबाजी का अभ्यास

गौर ने कुछ महीने पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि मैं बगीचे में गेंदबाजी का अभ्यास कर रही थी. मेरे पिता इस बात से आश्चर्यचकित थे कि अपने हाथ को पूरी तरह घुमाकर गेंद फेंक पा रही थी. मेरे पिता कॉलेज में वह बाएं हाथ के गेंदबाज थे, लेकिन उन्हें कभी क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला. लेकिन जब उन्होंने देखा कि मुझमें क्षमता है, तो वह हमेशा मेरे साथ रहे और मेरी मदद की.

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आईसीसी एकेडमी में लिया दाखिला

जब माहिका का परिवार दुबई चला गया, तो उन्होंने आईसीसी अकादमी में दाखिला लिया और संयुक्त अरब अमीरात की भावी कप्तान छाया मुगल से मुलाकात की. गौर ने बताया कि जब मैं पहली बार आईसीसी (अकादमी) में गयी, तो मुगल इनडोर प्रशिक्षण ले रही थी और वहां कोच अदनान (साबरी) सर ने कहा कि मैं उसे गेंदबाजी कर सकती हूं. माहिका ने खुलासा किया, ‘मैंने मुगल को गेंदबाजी की और वह पहली व्यक्ति थी जिसे मैंने गेंदबाजी की थी. मैं आश्चर्यचकित थी जब मेरे पिता ने मुझे बताया कि वह यूएई की राष्ट्रीय टीम से है.

अब तक 10 विकेट चटकाए हैं

माहिका गौर ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 डेब्यू किया और अब तक वह 20 टी20 मुकाबले खेल चुकी हैं. जिसमें उन्होंने यूएई के लिए 19 टी20 मुकाबले खेले हैं. उन्होंने यूएई के लिए नौ और इंग्लैंड के लिए एक विकेट हासिल किया है. माहिका साल 2019 से 2022 तक UAE महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा रहीं थी. उन्होंने 32.00 की औसत से 10 विकेट लिए हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/21 विकेट का रहा है.

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AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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