Mahagama Vidhan Sabha Result 2024 : BJP के अशोक कुमार सिंह से पिछड़ी दीपिका पांडेय सिंह
Mahagama Vidhan Sabha Result 2024
Mahagama Chunav Result 2024 : महगामा विधानसभा झारखंड के गोड्डा संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है. यह झारखंड राज्य के गोड्डा जिले में है. यह एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है. महगामा विधानसभा सीट पर वर्ष 2019 में BJP और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला हुआ था.
Mahagama Assembly Election Result 2024 : महगामा विधानसभा क्षेत्र में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है. यहां से विधायक कांग्रेस की दीपिका पांडेय सिंह हैं. 2024 के चुनाव में उन्हें टक्कर दे रहे हैं अशोक कुमार सिंह. 2019 के चुनाव में भी इन दोनों प्रत्याशियों के बीच टक्कर हुई थी. यहां के मुकाबले को और भी रोचक बना रहे हैं जेएलकेएम के जवाहर लाल यादव.
महगामा विधानसभा झारखंड के गोड्डा संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है. यह झारखंड राज्य के गोड्डा जिले में है. यह एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है. महगामा विधानसभा सीट पर वर्ष 2019 में कुल 18 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था. इसमें 4 महिला उम्मीदवार थीं. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला हुआ. कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं दीपिका पांडेय सिंह ने भाजपा के अशोक कुमार को पराजित किया. दीपिका पांडेय सिंह को 89224 (45.49 प्रतिशत) और अशोक कुमार को 76725 (39.12 प्रतिशत) वोट मिले. कांग्रेस की दीपिका पांडेय सिंह महगामा की विधायक चुनी गईं. इस चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 297621 थी, जिसमें 196119 यानी 65.90 प्रतिशत ने मतदान किया था.
2024 के चुनाव में प्रमुख प्रत्याशी
| 1 | Ashok Kumar | अशोक कुमार | Bharatiya Janata Party |
| 2 | Deepika Pandey Singh | दीपिका पांडेय सिंह | Indian National Congress |
| 3 | Jawahar Lal Yadav | जवाहर लाल यादव | Jharkhand Loktantrik Krantikari Morcha |
| 4 | Pavan Kumar Turi | Mera Adhikaar Rashtriya Dal | |
| 5 | Mohammad Kamran Khan | All India Majlis-E-Ittehadul Muslimeen | |
| 6 | Krishan Mohan Choubey | Independent | |
| 7 | Md Khurshid Alam | Independent | |
| 8 | Mokkram Ansari | Independent | |
| 9 | Md Sahajhan Alam | Independent | |
| 10 | Md. Harunrasid | Independent | |
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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