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हरित ऊर्जा की प्रयोगशाला बनेगा जमशेदपुर , टाटा स्टील में 'सिनगैस' से होगा स्टील का उत्पादन

Updated at : 27 Aug 2023 1:36 PM (IST)
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हरित ऊर्जा की प्रयोगशाला बनेगा जमशेदपुर , टाटा स्टील में 'सिनगैस' से होगा स्टील का उत्पादन

सिनगैस को लेकर काम करने के लिए टाटा स्टील ने जर्मनी के एसएमएस ग्रुप के साथ एमओयू किया है. एसएमएस ग्रुप स्टील मेकिंग प्रक्रिया के डी-कार्बोनाइजेशन पर सहयोग करेगी. टाटा स्टील एसएमएस ग्रुप की मदद से विकसित इजीमेल्ट प्रौद्योगिकी के संयुक्त औद्योगिक प्रदर्शन के संचालन के लिए तकनीकी से काम करेगी.

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जमशेदपुर, ब्रजेश सिंह : टाटा स्टील और टाटानगर एक बार फिर से नये बदलाव के दौर में है. यह बदलाव हरित क्रांति की दिशा में होने जा रहा है. टाटा स्टील ने देश में पहली बार स्टील के उत्पादन में हाइड्रोजन का इस्तेमाल का प्रयोग किया. वहीं, टाटा कमिंस भी हाइड्रोजन आधारित इंजन को जमशेदपुर में बनाने जा रही है. अब टाटा स्टील पर्यावरण और नेट जीरो मिशन के तहत अब ‘सिनगैस’ के जरिये स्टील का उत्पादन करने जा रही है. इसकी प्रयोगशाला टाटा स्टील का इ-ब्लास्ट फर्नेस बनने जा रहा है.

इसको लेकर टाटा स्टील के इ-ब्लास्ट फर्नेस को नये अवतार में तैयार किया गया है ताकि वहां इसका इंजेक्ट करने की प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सके. टाटा स्टील के इ-ब्लास्ट फर्नेस में ही इससे पहले हाइड्रोजन का इस्तेमाल शुरू किया गया था. इसके बाद अब यहां सिनगैस से स्टील का उत्पादन करने की प्रक्रिया का सफल संचालन किया जायेगा. यह देश में पहला प्रयोग होगा. इजीमेल्ट पद्धति यानी इलेक्ट्रिक असिस्टेड सिनगैस स्मेल्टर की मदद से यह काम होगा. इसकी पुष्टि टाटा स्टील की ओर से की गयी है. इसके लिए काम चल रहा है.

टाटा स्टील ने किया है जर्मनी कंपनी के साथ किया है एमओयू

सिनगैस को लेकर काम करने के लिए टाटा स्टील ने जर्मनी के एसएमएस ग्रुप के साथ एमओयू किया है. एसएमएस ग्रुप स्टील मेकिंग प्रक्रिया के डी-कार्बोनाइजेशन पर सहयोग करेगी. एमओयू के तहत, टाटा स्टील एसएमएस ग्रुप की मदद से विकसित इजीमेल्ट प्रौद्योगिकी के संयुक्त औद्योगिक प्रदर्शन के संचालन के लिए तकनीकी से काम करेगी.

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ऐसे काम करेगा यह पद्धति

इजीमेल्ट (इलेक्ट्रिक-असिस्टेड सिनगैस स्मेल्टर) तकनीक एक अत्याधुनिक आयरन मेकिंग प्रक्रिया है जिसे डीकार्बोनाइजेशन में तेजी लाने के लिए मौजूदा एकीकृत इस्पात संयंत्रों में लागू किया जा रहा है. प्रौद्योगिकी का मूल कोक ओवन गैस में सुधार के माध्यम से सिनगैस उत्पादन के लिए ब्लास्ट फर्नेस टॉप गैस रीसाइक्लिंग का उपयोग करता है. इसके बाद परिणाम स्वरूप सिनगैस को सॉफ्ट और ट्यूयर दोनों स्तरों पर इंजेक्ट किया जाता है, साथ ही ट्यूयर स्तर पर इंजेक्ट की गई गैस को प्लाज्मा टॉर्च सिस्टम का उपयोग करके गर्म किया जाता है.

कंपनी का अधिकारिक बयान

टाटा स्टील के प्रवक्ता रुना राजीव कुमार ने कहा है कि टाटा स्टील ने इ ब्लास्ट फर्नेस में स्ट्रक्चर का विनिर्माण कर चुकी है. 114 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद काम शुरू किया गया है. रिपेयरिंग का काम पूरा होने के बाद फर्नेस को जलाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. नवाचार और स्थिरता के प्रति टाटा स्टील के समर्पण का उदाहरण जर्मनी के एसएमएस ग्रुप के साथ उसका हालिया सहयोग है, जिसका उद्देश्य डीकार्बोनाइजेशन तकनीक को आगे बढ़ाना है. यह साझेदारी जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न गंभीर चुनौतियों का समाधान करते हुए उद्योग-अग्रणी नवाचार के लिए टाटा स्टील के सक्रिय दृष्टिकोण को रेखांकित करती है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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