खतियानी जोहार यात्रा : सरायकेला में JMM विधायकों की हुंकार- 1932 का खतियान आधारित स्थानीयता बिल फिर लायेंगे
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Jan 2023 4:07 PM
खतियानी जोहार यात्रा के समापन की पूर्व संध्या पर ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने सरायकेला में कहा कि राज्य के लोगों के सुरक्षित भविष्य के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं. राज्यपाल ने 1932 के खतियान आधारित स्थानीयता के विधेयक को खारिज कर दिया है. फिर से इस बिल को पारित करायेंगे.
सरायकेला, प्रताप मिश्रा. सरायकेला में खतियानी जोहार यात्रा से सत्ताधारी दल के विधायकों ने सोमवार को ऐलान किया कि सरकार एक बार फिर 1932 के खतियान आधारित स्थानीयता का विधेयक झारखंड विधानसभा से पारित करवायेगी. विधायकों ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने झारखंड के लोगों के हितों में कई अहम फैसले किये हैं. सरकार आगे भी जनहित में काम करती रहेगी. कहा कि जो खतियान की बात करेगा, वही झारखंड पर राज करेगा. विधायकों ने राज्यपाल पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया.
सरायकेला के भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित खतियानी जोहार यात्रा के समापन की पूर्व संध्या पर ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने कहा कि खतियानी जोहार कार्यक्रम में राज्य के लोगों के सुरक्षित भविष्य के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं. राज्यपाल ने 1932 के खतियान आधारित स्थानीयता के विधेयक को खारिज कर दिया है. लेकिन, हमारी सरकार फिर से इस विधेयक को विधानसभा में पारित करायेगी.
खरसावां के विधायक दशरत गगरई ने कहा कि जो खतियान का बात करेगा, वही झारखंड पर राज करेगा. उन्होंने विधानसभा से पारित बिल को वापस करने के लिए राज्यपाल की निंदा की. कहा कि भाजपा के इशारे पर इस बिल को खारिज करवाया गया है. श्री गगरई ने कहा कि भाजपा ने छत्तीसगढ़ के लोगों को बुलाकर वर्ष 1985 को स्थानीय नीति का आधार बनाया था.
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श्री गगरई ने कहा कि एकीकृत बिहार में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलता था. भाजपा सरकार ने 27 प्रतिशत से घटाकर इसे 14 प्रतिशत कर दिया. हमारी सरकार बनी, तो हेमंत सोरेन ने फिर से 27 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव विधानसभा में पारित करवाया. इसे राज्यपाल को भेजा, ताकि राज्य के लोगों का हित हो. लेकिन, राज्यपाल ने इसे लौटा दिया है. झामुमो नेता ने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में खतियान ही झारखंड का आधार होगा.
चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि झारखंड में बाहरी लोगों की घुसपैठ हुई है. हमारी भाषा-संस्कृति और परंपरा लुप्त हो रही है. उन्होंने कहा कि जब से हेमंत सोरेन की अगुवाई में यूपीए की सरकार बनी है, तब से हमारे नेता को टॉर्चर किया जा रहा है. सुखराम उरांव ने कहा कि हमारे बीच कई लोग घुसे हुए हैं. ये लोग पीठ पीछे वार कर रहे हैं. ऐसे लोगों को चिह्नित करना होगा. तभी राज्य का विकास हो पायेगा.
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कांग्रेस नेता सह झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि राज्य की जनता को भाजपा की चाल समझ आ गयी है. उन्होंने कहा कि झारखंड शहीदों की भूमि है. यहां के लोग सीधे एवं सरल होते हैं. हमारी कैबिनेट की बैठक होती है, विपक्षियों के पेट में दर्द होने लगता है कि न जाने क्या निर्णय लेने वाले हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी आप सरकार को आगे बढ़ा रहे हैं. इसी तरह काम करते रहिए. राज्य से भाजपा का नाम-ओ-निशान मिट जायेगा.
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