तो, ममता दीदी संविधान से ऊपर, आसनसोल की चुनावी रैली में ऐसा क्यों बोले PM मोदी?

Bengal Election 2021: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाकी बचे चरणों की वोटिंग को लेकर प्रचार जारी है. इसी बीच आसनसोल में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर कई हमले किए. खास बात यह रही कि पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को संविधान से ऊपर करार दिया. पीएम मोदी ने कई बातों और घटनाओं का हवाला देकर ममता पर लोकतंत्र और संविधान से हटकर काम करने का आरोप मढ़ा. उनके भाषण में कई घटनाओं का जिक्र था, जिसके आधार पर पीएम मोदी ने ‘आसोल पोरिबोर्तन’ की मांग की.
Bengal Election 2021: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाकी बचे चरणों की वोटिंग को लेकर प्रचार जारी है. इसी बीच आसनसोल में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर कई हमले किए. खास बात यह रही कि पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को संविधान से ऊपर करार दिया. पीएम मोदी ने कई बातों और घटनाओं का हवाला देकर ममता पर लोकतंत्र और संविधान से हटकर काम करने का आरोप मढ़ा. उनके भाषण में कई घटनाओं का जिक्र था, जिसके आधार पर पीएम मोदी ने ‘आसोल पोरिबोर्तन’ की मांग की.
Also Read: PM मोदी की रैली और कोरोना संकट पर महुआ मोइत्रा का Tweet, यूजर्स से मिली Bigg Boss में जाने की सलाह
आसनसोल की रैली में पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर कई हमले किए. पीएम मोदी ने भाषण के दौरान अपनी फेवरेट लाइन्स ‘दीदी ओ दीदी… ओ… आदरणीय दीदी’ का फिर से जिक्र किया. वहीं, एक दिन पहले शीतलकुची फायरिंग से जुड़ी ममता बनर्जी के कथित वायरल ऑडियो क्लिप के बारे में भी बात की. पीएम मोदी ने कहा कि ‘कूचबिहार में जो हुआ, उस पर कल एक ऑडियो टेप आपने सुना होगा. पांच लोगों की दुखद मृत्यु के बाद ममता दीदी कैसी राजनीति कर रही हैं. यह इस ऑडियो से सामने आता है. इस ऑडियो में कूचबिहार के टीएमसी नेता को कहा जा रहा है कि मारे गए लोगों के शवों के साथ रैली करो. मतलब दीदी खुद को लोकतंत्र और संविधान से ऊपर मानती हैं. ममता दीदी शुरुआत से शवों पर राजनीति करती रही हैं.’
पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के साल 2018 के पंचायत चुनाव के बारे में भी अपनी बातें कही. उन्होंने कहा कि ‘ साल 2018 के पंचायत चुनाव को पश्चिम बंगाल कभी नहीं भूल सकता. उस चुनाव में बर्धमान से लेकर, बांकुड़ा, बीरभूम, मुर्शिदाबाद के लोगों को आज भी याद है कैसे उनके अधिकारों को छीना गया. हिंसा से बचने के लिए प्रत्याशियों ने वॉट्सएफ से नॉमिनेशन किया. चुनाव में जीतने वालों को पड़ोसी राज्यों में शरण लेनी पड़ी. इसको लेकर सुप्रीमो कोर्ट तक ने नाराजगी जताई. ममता बनर्जी ने कभी भी लोकतंत्र और संविधान को सम्मान नहीं दिया. टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने कभी भी लोकतंत्र की परवाह नहीं की है.’
Also Read: इन मायनों में पांचवें चरण का चुनाव अहम, BJP-TMC और लेफ्ट गठबंधन के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई
पीएम मोदी ने भाषण में बताया कि ‘कोरोना पर पिछली दो बैठकों में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं. नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं. मां गंगा की सफाई के लिए देश में इतना बड़ा अभियान शुरू हुआ, लेकिन दीदी उससे संबंधित बैठक में भी नहीं आईं. ममता दीदी सबकुछ अपने हिसाब से करना चाहती हैं.’ पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर भय और लोगों को डराकर सत्ता चलाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि ‘आप जितनी चाहे साजिशें कर लीजिए, जितनी चाहे कोशिशें कर लीजिए. इस बार आपकी साजिश बंगाल के लोग खुद ही नाकाम कर रहे हैं.’ बता दें बंगाल में पांचवें चरण के बाद तीन फेज का मतदान 22, 26 और 29 अप्रैल को होगा और 2 मई को रिजल्ट निकलेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




