Google Wallet: गूगल ने भारत में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए पेश किया वॉलेट, Google Pay से अलग है ये

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 08 May 2024 4:08 PM

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Google Wallet: गूगल ने भारत में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए पेश किया गूगल वॉलेट पेश किया है. क्या चीज है यह और Google Pay से कितनी अलग है, आइए जानते हैं-

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Google Wallet: गूगल ने भारत में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक निजी डिजिटल वॉलेट पेश किया है. इसमें यूजर्स को लॉयल्टी कार्ड और गिफ्ट कार्ड, सार्वजनिक वाहनों के पास सहित अन्य चीजें रखने की सुविधा मिलेगी. गूगल वॉलेट को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. डिजिटल वॉलेट की सेवा बुधवार से भारत में शुरू हो गई.

फिर गूगल पे का क्या होगा?

गूगल के महाप्रबंधक एवं इंडिया इंजीनियरिंग लीड (एंड्रॉयड) राम पापाटला ने कहा, गूगल पे कहीं नहीं जा रहा है. यह हमारा प्राथमिक भुगतान ऐप बना रहेगा. गूगल वॉलेट विशेष रूप से गैर-भुगतान उपयोग मामलों के लिए तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि इस सेवा का मकसद एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाना है, जहां ओईएम (मूल उपकरण विनिर्माता) और डेवलपर्स बेहतर उत्पाद बना सकें.

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20 भारतीय ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप

भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल वॉलेट की इस नयी सेवा के लिए गूगल ने एयर इंडिया, इंडिगो, फ्लिपकार्ट, पाइन लैब्स, कोच्चि मेट्रो, पीवीआर और आईनॉक्स जैसे 20 भारतीय ब्रांड के साथ साझेदारी की है. उसकी आने वाले महीनों में और अधिक गठजोड़ करने की योजना है.

सुरक्षा और गोपनीयता के आधार पर बना

गूगल वॉलेट उपयोगकर्ताओं को फिल्म / समारोह टिकट, बोर्डिंग पास, मेट्रो टिकट रखने, कार्यालय / कॉर्पोरेट बैज रखने और भौतिक दस्तावेजों का डिजिटलीकरण करने का विकल्प देगा. उन्होंने कहा, गूगल वॉलेट, सुरक्षा और गोपनीयता के आधार पर बनाया गया है. गूगल खुलापन, विकल्प तथा सुरक्षा प्रदान करने के अपने वादे को लेकर प्रतिबद्ध है. गूगल वॉलेट की सेवाएं वर्तमान में करीब 80 देशों में मुहैया करायी जा रही हैं.

Google Wallet क्या है और यह किस लिए उपयोगी है?

Google Wallet एक निजी डिजिटल वॉलेट है जिसे भारत में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए पेश किया गया है। इसमें यूजर्स लॉयल्टी कार्ड, गिफ्ट कार्ड, सार्वजनिक वाहनों के पास, फिल्म टिकट, बोर्डिंग पास और अन्य चीजें रख सकते हैं।

क्या Google Pay का भविष्य क्या होगा?

Google Pay अभी भी कंपनी का प्राथमिक भुगतान ऐप रहेगा। Google Wallet खासतौर पर गैर-भुगतान उपयोग मामलों के लिए विकसित किया गया है।

Google Wallet के लिए किस-किस ब्रांड के साथ साझेदारी की गई है?

Google ने इस सेवा के लिए एयर इंडिया, इंडिगो, फ्लिपकार्ट, पाइन लैब्स, कोच्चि मेट्रो, पीवीआर और आईनॉक्स जैसे 20 भारतीय ब्रांड्स के साथ साझेदारी की है।

Google Wallet की सुरक्षा और गोपनीयता के बारे में क्या जानकारी है?

Google Wallet को सुरक्षा और गोपनीयता के आधार पर बनाया गया है। यह यूजर्स को अपने भौतिक दस्तावेजों का डिजिटलीकरण करने और सुरक्षा विकल्पों की पेशकश करता है।

Google Wallet कब से उपलब्ध है?

Google Wallet की सेवा बुधवार से भारत में शुरू की गई है और इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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