OpenAI पर एलन मस्क का हमला पड़ा कमजोर, कोर्ट ने खारिज किए दावे

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 19 May 2026 1:57 PM

विज्ञापन

सैम ऑल्टमैन को राहत, Elon Musk की AI जंग में बड़ा ट्विस्ट / सिंबॉलिक पिक एक्स से

OpenAI और सैम ऑल्टमैन के खिलाफ एलन मस्क को अमेरिकी कोर्ट में बड़ा झटका लगा है. ज्यूरी ने समय सीमा पार होने के आधार पर कई दावे खारिज कर दिए, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी बाकी है.

विज्ञापन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में चल रही सबसे बड़ी कानूनी लड़ाइयों में से एक में एलन मस्क को बड़ा झटका लगा है. अमेरिका की एक फेडरल ज्यूरी ने OpenAI, सैम ऑल्टमैन, ग्रेग ब्रॉकमैन और माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ दायर मस्क के कई दावों को खारिज कर दिया है. दिलचस्प बात यह रही कि कोर्ट ने मामले के असली आरोपों पर फैसला देने के बजाय इसे समय सीमा पार होने के आधार पर खारिज किया. यानी अदालत ने यह नहीं कहा कि OpenAI सही था या गलत, बल्कि यह माना कि मस्क ने मुकदमा बहुत देर से दायर किया.

AI इंडस्ट्री में पहले ही OpenAI, Google, xAI और Microsoft जैसी कंपनियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है. ऐसे में इस फैसले को सिर्फ कानूनी मामला नहीं बल्कि AI की भविष्य की दिशा तय करने वाली बड़ी घटना के तौर पर भी देखा जा रहा है.

आखिर कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

कैलिफोर्निया के ओकलैंड में चली करीब तीन हफ्ते की सुनवाई के बाद नौ सदस्यीय ज्यूरी ने सर्वसम्मति से माना कि एलन मस्क के दावे तय कानूनी समय सीमा के बाद दाखिल किए गए थे. इसी वजह से कोर्ट ने उनके ब्रीच ऑफ चैरिटेबल ट्रस्ट और अनजस्ट एनरिचमेंट जैसे आरोपों को खारिज कर दिया.

जज यवोन गोंजालेज रोजर्स ने भी कहा कि रिकॉर्ड में ऐसे पर्याप्त सबूत मौजूद थे, जिनसे यह साबित होता है कि मस्क ने मुकदमा दायर करने में काफी देर कर दी थी. इस फैसले के बाद OpenAI को फिलहाल भारी आर्थिक नुकसान या कंपनी संरचना में बदलाव जैसे बड़े जोखिमों से राहत मिल गई है.

OpenAI और Microsoft के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

इस फैसले को OpenAI के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है. अगर मस्क का केस सफल होता, तो कंपनी के फॉर-प्रॉफिट मॉडल पर बड़ा असर पड़ सकता था. इतना ही नहीं, नेतृत्व में बदलाव और कारोबारी ढांचे को तोड़ने जैसी स्थिति भी बन सकती थी.

OpenAI पिछले कुछ वर्षों में AI सेक्टर की सबसे तेजी से बढ़ती कंपनियों में शामिल रही है. माइक्रोसॉफ्ट ने इसमें अरबों डॉलर का निवेश किया है और भविष्य में संभावित IPO को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. ऐसे में यह फैसला कंपनी की स्थिरता और निवेशकों के भरोसे के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

एलन मस्क ने फैसले पर क्या कहा?

फैसले के बाद एलन मस्क ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने मामले के असली मुद्दों पर कोई फैसला नहीं दिया, बल्कि सिर्फ कैलेंडर टेक्निकलिटी के आधार पर केस खत्म कर दिया. मस्क का आरोप है कि OpenAI ने अपने शुरुआती गैर-लाभकारी मिशन से हटकर निजी मुनाफे को प्राथमिकता दी.

मस्क ने यह भी साफ कर दिया कि वे इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे. उनका कहना है कि अगर ऐसे मामलों में सिर्फ समय सीमा को आधार बनाकर फैसले दिए जाएंगे, तो इससे भविष्य में चैरिटी और रिसर्च संस्थानों पर लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है.

गैर-लाभकारी संस्था से अरबों डॉलर की AI कंपनी तक का सफर

OpenAI की शुरुआत 2015 में एक नॉन-प्रॉफिट AI रिसर्च लैब के रूप में हुई थी. उस समय एलन मस्क भी इसके को-फाउंडर्स में शामिल थे और उन्होंने कंपनी को करोड़ों डॉलर की फंडिंग दी थी. लेकिन बाद में कंपनी ने बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए कैप्ड-प्रॉफिट मॉडल अपनाया.

2018 में मस्क ने OpenAI छोड़ दिया और बाद में अपनी खुद की AI कंपनी xAI शुरू की. इसके बाद से ही OpenAI और मस्क के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया. मौजूदा मुकदमा सिर्फ व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि AI इंडस्ट्री में मुनाफा बनाम रिसर्च और सुरक्षा जैसे बड़े सवालों को भी सामने लाता है.

क्या मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया?

फिलहाल नहीं. मस्क की तरफ से दायर कुछ अन्य कॉन्ट्रैक्ट और फेडरल दावे अभी भी सक्रिय हैं. आने वाले समय में कोर्ट की अगली सुनवाई तय करेगी कि यह कानूनी लड़ाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी.

AI सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए यह विवाद आने वाले महीनों में और ज्यादा सुर्खियां बटोर सकता है, खासकर तब जब OpenAI, xAI और अन्य कंपनियां नई AI टेक्नोलॉजी लॉन्च करने की तैयारी में हैं.

यह भी पढ़ें: Elon Musk vs OpenAI: कोर्ट में आमने-सामने आये टेक दुनिया के दो बड़े नाम, अब क्या होगा आगे?

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola