USB-C पोर्ट में ‘C’ का मतलब क्या होता है? ज्यादातर लोग नहीं जानते सही जवाब

Updated at : 05 Apr 2026 5:20 PM (IST)
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USB-C Port

USB-C पोर्ट (Photo: How To Geek)

USB-C में ‘C’ का मतलब कोई खास फीचर नहीं, बल्कि सिर्फ इसका डिजाइन है. असली खेल इसके अंदर छिपी टेक्नोलॉजी का है. हर USB-C पोर्ट एक जैसा दिखता जरूर है, लेकिन उसकी स्पीड, चार्जिंग और फीचर्स अलग-अलग हो सकते हैं. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

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क्या आपने कभी अपने फोन या लैपटॉप में केबल लगाते समय ये सोचा है कि आखिर इसे USB-C क्यों कहा जाता है? कई लोगों को लगता है कि इसमें ‘C’ का मतलब चार्जिंग (charging) या केबल (cable) होगा. लेकिन असल में ऐसा बिल्कुल नहीं है. ये बस USB कनेक्टर की सीरीज का अगला लेटर है.

पहले हमें USB-A मिला था. वही बड़ा सा, रेक्टेंगुलर पोर्ट जो आज भी पुराने पेन ड्राइव्स में दिख जाता है. उसके बाद आया USB-B, जो थोड़ा चौकोर होता था और अक्सर प्रिंटर या पुराने हार्ड ड्राइव्स में इस्तेमाल होता था. फिर समय के साथ mini-B, micro-B जैसे कई छोटे-छोटे वर्जन आए और चले गए. फिर साल 2014 में USB Implementers Forum (USB-IF) ने एक नया और बेहतर कनेक्टर पेश किया और इसे नाम दिया गया USB-C.

USB-C में C का क्या मतलब है?

USB-C में C का मतलब सिर्फ इसके डिजाइन और शेप से है, न कि इसकी ताकत या फीचर्स से. USB-C एक ऐसा पोर्ट है जो रिवर्सिबल होता है. यानी अब आपको ये सोचने की जरूरत नहीं कि केबल ऊपर से लगानी है या नीचे से, ये दोनों तरफ से काम करता है.

आज के समय में USB-C फोन, लैपटॉप, टैबलेट, चार्जर लगभग हर डिवाइस में इस्तेमाल हो रहा है. ये छोटा है, सिंपल है और काफी पावरफुल भी है. लेकिन इसकी असली ताकत ‘C’ लेटर में नहीं, बल्कि इसके पीछे की टेक्नोलॉजी में छिपी हुई है. आइए जानते हैं इसके बारे में.

USB-C पोर्ट दिखने में एक जैसे, लेकिन काम में बड़ा फर्क

अगर आपको लगता है कि हर USB-C पोर्ट तेज स्पीड और फास्ट चार्जिंग देता है, तो ऐसा जरूरी नहीं है. USB-C सिर्फ पोर्ट का डिजाइन (shape) बताता है, उसकी असली ताकत नहीं. यानी बाहर से देखने में सभी USB-C पोर्ट एक जैसे लगते हैं, लेकिन अंदर से उनकी कैपेसिटी अलग-अलग हो सकती है. कोई पोर्ट सिर्फ USB 2.0 की स्लो स्पीड देता है, तो कोई USB 3.2, USB 4 या यहां तक कि Thunderbolt जैसी सुपरफास्ट स्पीड भी दे सकता है.

यही वजह है कि कई डिवाइस के पास आपको छोटे-छोटे लेबल दिखते हैं जैसे PD (Power Delivery) या लाइटनिंग का निशान. ये बताते हैं कि वो पोर्ट असल में क्या कर सकते हैं. जैसे फास्ट चार्जिंग, हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर या फिर डिस्प्ले पोर्ट.

यह भी पढ़ें: चार्जिंग के अलावा फोन का USB-C पोर्ट कर सकता है ये 5 चौंकाने वाले काम, जिन्हें 99% लोग अभी भी नहीं जानते

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Ankit Anand

लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.

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