नये इंजन की मदद से 39 दिनों में मंगल पर पहुंच सकता है मानव
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Apr 2015 12:17 AM
वाशिंगटन : एक अमेरिकी कंपनी एक ऐसे युगांतरकारी इंजन का विकास कर रही है जिससे मानव को केवल 39 दिनों में मंगल पर भेजा जा सकता है. नासा ने इसके लिए कंपनी को एक करोड डॉलर का अनुदान दिया है. टेक्सास के वेबस्टर में स्थित ‘ऐड एस्ट्रा रॉकेट कंपनी वस्मिर इंजन का विकास करेगी जिसमें […]
वाशिंगटन : एक अमेरिकी कंपनी एक ऐसे युगांतरकारी इंजन का विकास कर रही है जिससे मानव को केवल 39 दिनों में मंगल पर भेजा जा सकता है. नासा ने इसके लिए कंपनी को एक करोड डॉलर का अनुदान दिया है. टेक्सास के वेबस्टर में स्थित ‘ऐड एस्ट्रा रॉकेट कंपनी वस्मिर इंजन का विकास करेगी जिसमें प्रणोदक के रूप में आवेशित गैस प्लाज्मा का इस्तेमाल किया जाएगा.
कंपनी के सीईओ फ्रैंकलिन चांग डियाज ने कहा, ‘आपने पहले कभी ऐसा रॉकेट नहीं देखा होगा. यह एक प्लाज्मा रॉकेट है. वस्मिर रॉकेट का इस्तेमाल प्रक्षेपण के लिए नहीं किया जाता. इसका इस्तेमाल वहां पहले से मौजूद चीजों के लिए किया जाता है जिसे हम ‘इन स्पेस प्रोपल्शन’ कहते हैं.’
चांग अंतरिक्षयात्री रह चुके हैं और सात अंतरिक्ष यान अभियानों में उडान भर चुके हैं. यह इंजन रेडियो तरंगों की मदद से प्लाज्मा को अत्यधिक तापमान पर गर्म कर काम करता है. इसके बाद मजबूत चुंबकीय क्षेत्र इस प्लाज्मा को इंजन के पीछे से बाहर निकालते हैं. इसकी वजह से धक्का लगता है और तेज गति के साथ इंजन आगे बढता है.
आरटी डॉट कॉम की खबर के अनुसार नासा इंजन को अंतरिक्ष में उडान भरने लायक बनाने के लिए कंपनी को तीन साल में एक करोड डॉलर देगा.
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