Voice Call Scam: AI की मदद से दोस्त और रिश्तेदार की आवाज निकाल रहे ठग, साइबर फ्रॉड का नया तरीका आया सामने

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Voice Call Scam: बदलते समय के साथ फ्रॉड करने के तरीकों में भी बदलाव आ रहे हैं. हाल ही में खबर आयी है कि लोगों को चूना लगाने के लिए अब जालसाजों ने AI का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. चलिए जानते हैं आखिर वे इस फ्रॉड को अंजाम कैसे दे रहे हैं.
Voice Call Scam: दुनिया काफी तेजी से बदल रही है. हर काम को करने का तरीका बदल गया है. सभी कामों को आसान बनाने के लिए अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाने लगा है. इस युग में अगर सबसे बड़ी खोज किसी को कही जा रही है तो वह है आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस.आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस ने समाज में कई तरह के बदलाव किए गए हैं. आम आदमी के लिए यह काफी काम की साबित हुई है और इसके कई फायदे भी सामने आए हैं. लेकिन, अब इसका इस्तेमाल गलत कामों के लिए भी किया जाने लगा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर अब साइबर फ्रॉड के लिए भी किया जाने लगा है. यह ठग AI की मदद से आपके दोस्तों या रिश्तेदारों की आवाज निकालकर आपको चूना लगा रहे हैं. ऐसे में अगर आपके पास भी आपके दोस्तों और रिश्तेदारों का इसी तरह का कोई कॉल आ रहा है और वे आपसे मदद की मांग कर रहे हैं तो आपके लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है. हाल ही में खबर आई है कि यूपी साइबर क्राइम बीते कुछ समय में हुई वॉयस कॉल फ्रॉड में एआई के इस्तेमाल की जांच कर रही है और इसे लेकर एडवायजरी भी जारी कर दी गई है.
जैसा कि हुमने आपको पहले भी बताया कि लोगों को चूना लगाने के लिए ठग अब आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने लगे हैं. ठगी को अंजाम देने के लिए वे वॉयस क्लोनिंग कर रहे हैं. ऐसे में अगर आपके पास आपके दोस्तों या रिश्तेदारों के नाम से अचानक कोई कॉल आता है तो हम आपसे सतर्क रहने की सलाह देंगे. अक्सर ये फ्रॉड कॉल कर किसी मुश्किल वक्त का हवाला देते हुए आपसे किसी भी तरह पैसे की मांग करते हैं. यह बात हमेशा ध्यान में रखें कि वह आपका जान पहचान नहीं बल्कि, एक ठग भी हो सकता है. बता दें AI की मदद से आवाज को इतनी अच्छी तरह से कॉपी की जा रही है कि आप आवाज में किसी भी तरह का कोई फरक नहीं पता कर सकेंगे. बता दें यह ठग घटना को अंजाम देने के लिए सबसे पहले पीड़ित के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जाते हैं और उसके उसकी किसी ऑडियो या वीडियो को अपने पास रख लेते हैं.
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पीड़ित के ऑडियो या वीडियो को डाउनलोड कर वे वॉयस क्लोनिंग टूल की मदद से उसकी आवाज की नकल करते हैं या फिर कहें तो उसे क्लोन करते हैं. इसके बाद वे उस आवाज का इस्तेमाल कर पीड़ित को कॉल करते हैं और बताते हैं कि उसका एक्सीडेंट हो गया है या वह किसी तरह की मुसीबत में फंसा हुआ है. मामले पर बात करते हुए यूपी साइबर क्राइम के एसपी ने बताया कि एआई की मदद से साइबर ठगी में एनसीआर के कई मामलों की जांच हो रही है. बीते कई दिनों के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इन सभी मामलों में AI का इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई जा रही है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें किसी भी आदमी के वॉयस की क्लोन बनाने के लिए सिर्फ तीन से पांच सेकेंड का वीडियो या ऑडियो फाइल चाहिए. इन आवजों को साइबर क्रिमिनल फेसबुक, इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर सर्च कर निकाल लेते हैं. इसके बाद उस आवाज को क्लोन कर दोस्तों और रिश्तेदारों को फोन लगाते हैं. क्लोन किए गए आवाज की क्वालिटी इतनी जबरदस्त होती है कि कॉल करने वाले के घर वाले भी उसे पहचान नहीं पाते हैं.
अगर आपको भी इस तरह की कोई कॉल आए तो सबसे पहले उसे कॉल कर सच्चाई का पता लगा लें. हो सकता है कि वह किसी भी तरह की मुसीबत में ना फंसा हो और आप इन ठगों का शिकार होने से बच जाएं. अगर आप बिना सोचे समझे उन्हें पैसे दे देंगे तो आपको काफी बड़ा नुकसान हो सकता है. ऐसे में अगर आप भी इस तरह के फ्रॉड से बचना चाहते हैं तो अपने सभी अकाउंट का पासवॉर्ड बदल दें और उन्हें अलग-अलग रखें. केवल यहीं नहीं अगर आपके साथ ऐसी कोई घटना हो तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर उसकी जानकारी दें.
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