कई लोग नहीं जानते AC के इस बटन का कमाल, केबिन जल्दी ठंडा करने के साथ बचा सकता है फ्यूल

एसी रिसर्कुलेशन मोड (Photo: AI Generated)
AC Recirculation Mode: कार में मौजूद एक छोटा-सा फीचर आपकी ड्राइविंग को ज्यादा स्मार्ट बना सकता है. सही समय पर इसका यूज करने से AC ज्यादा अच्छे ढंग से काम करता है, केबिन का टेम्परेचर जल्दी कंट्रोल होता है और इंजन पर एक्स्ट्रा लोड भी कम पड़ता है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
AC Recirculation Mode: क्या आपने कभी अपनी कार के डैशबोर्ड पर बने उस छोटे से बटन पर ध्यान दिया है, जिस पर कार के अंदर घूमता हुआ तीर बना होता है? ज्यादातर लोग या तो इसे इग्नोर कर देते हैं या फिर बिना समझे यूज करते हैं. लेकिन यह एयर रीसर्कुलेशन बटन आपकी सोच से कहीं ज्यादा काम का है. यह सिर्फ AC पैनल की शोभा बढ़ाने के लिए नहीं दिया गया है. अगर आप इसका सही यूज करना सीख लें, तो कार का केबिन तेजी से कूल हो सकता है, AC पर कम दबाव पड़ता है और फ्यूल की भी बचत हो सकती है. आइए आपको बताते हैं कैसे.
क्या करता है रीसर्कुलेशन बटन?
जब आप अपनी कार में एयर रीसर्कुलेशन बटन दबाते हैं, तो AC बाहर की गर्म हवा लेना बंद कर देता है और केबिन के अंदर की हवा को ही दोबारा ठंडा करके घुमाने लगता है. सुनने में यह छोटा-सा बदलाव लग सकता है, लेकिन इसका असर काफी बड़ा होता है. क्योंकि AC को बार-बार बाहर की गर्म हवा को ठंडा नहीं करना पड़ता, इसलिए केबिन जल्दी ठंडा होता है और ठंडी हवा भी ज्यादा असरदार तरीके से मिलती है. खासकर गर्मियों में यह फीचर कुछ ही मिनटों में कार के अंदर का माहौल चेंज कर देता है.
कैसे यह मोड कार को तेजी से कूल करता है?
बहुत से लोग सोचते हैं कि कार का AC ठंडी हवा बनाता है, जबकि असल में उसका काम हवा से गर्मी को बाहर निकालना होता है. अगर AC फ्रेश एयर मोड पर चल रहा है और बाहर का टेम्परेचर 35°C है, तो सिस्टम को हर बार 35°C की गर्म हवा को ठंडा करना पड़ता है. ऐसे में केबिन को ठंडा होने में ज्यादा समय लगता है.
वहीं, जब आप रीसर्क्युलेशन मोड ऑन करते हैं, तो AC बाहर की गर्म हवा की बजाय केबिन के अंदर की हवा को ही बार-बार ठंडा करता है. मान लीजिए केबिन का टेम्परेचर 25°C तक आ गया, तो अब सिस्टम 35°C नहीं बल्कि 25°C की हवा को और ठंडा करेगा. फिर अगली बार और ठंडी हवा को कूल करेगा. यही वजह है कि रीसर्क्युलेशन मोड में कार का केबिन जल्दी ठंडा हो जाता है और AC को भी कम मेहनत करनी पड़ती है.
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रिसर्कुलेशन मोड से फ्यूल की बचत कैसे होती है?
आपकी कार का AC कंप्रेसर इंजन से बेल्ट के जरिए चलता है. जब AC को बार-बार बाहर की गर्म हवा को ठंडा करना पड़ता है, तो कंप्रेसर पर ज्यादा लोड पड़ता है. इसका सीधा असर इंजन पर पड़ता है और इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे फ्यूल की खपत भी बढ़ जाती है.
वहीं, जब आप रीसर्कुलेशन मोड का यूज करते हैं, तो AC पहले से ठंडी हो चुकी केबिन की हवा को दोबारा ठंडा करता है. इससे कंप्रेसर का काम आसान हो जाता है और उसे पूरी ताकत से लगातार चलने की जरूरत नहीं पड़ती. नतीजा यह होता है कि इंजन पर लोड कम पड़ता है और कार थोड़े कम फ्यूल में भी चल जाती है.
कब यूज करना चाहिए रिसर्कुलेशन मोड?
गर्मी में खड़ी कार में बैठते ही अगर आप चाहते हैं कि केबिन जल्दी ठंडा हो जाए, तो AC का रिसर्कुलेशन मोड तुरंत ऑन कर दें. इससे AC बार-बार बाहर की गर्म हवा खींचने के बजाय अंदर की पहले से ठंडी हो रही हवा को ही ठंडा करता है, जिससे केबिन तेजी से कूल होता है.
इतना ही नहीं, भारी ट्रैफिक में यह मोड बाहर के धुएं और प्रदूषण को भी केबिन के अंदर आने से रोकता है. हालांकि, अगर कार में कई लोग बैठे हों तो रिसर्कुलेशन मोड को लगातार लंबे समय तक चालू रखने से बचना चाहिए. बंद केबिन में CO2 का लेवल बढ़ सकता है, जिससे हवा बासी लगने लगती है और कुछ लोगों को घुटन भी महसूस हो सकती है.
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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.
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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.
उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई और करियर
बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.
विजन
अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.
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