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धर्म की राजनीति करने वालों को बंगाल से बाहर कर दिया जायेगा : अभिषेक

Updated at : 23 May 2024 9:18 PM (IST)
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धर्म की राजनीति करने वालों को बंगाल से बाहर कर दिया जायेगा : अभिषेक

अभिषेक ने कहा : पश्चिम बंगाल की जनता चुनाव के बाद सुनिश्चित करेगी कि धर्म के आधार पर विभाजनकारी राजनीति करने वालों को राज्य से बाहर कर दिया जायेगा. लोकसभा चुनाव के तहत अबतक हुए पांच चरण के मतदान में बंगाली विरोधी ताकतें हार रही हैं. इन ताकतों को आखिरी झटका एक जून को अंतिम चरण के मतदान के बाद लगेगा.

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कोलकाता.

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को जादवपुर लोकसभा सीट से अपनी पार्टी की उम्मीदवार सायनी घोष के समर्थन में भांगड़ और मथुरापुर में तृणमूल उम्मीदवार के समर्थन में मोगराहाट में जनसभा को संबोधित किया. इस दिन उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र डायमंड हार्बर में भी सभा की. भांगड़ में आयोजित सभा के दौरान भी श्री बनर्जी ने भाजपा पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा : पश्चिम बंगाल की जनता चुनाव के बाद सुनिश्चित करेगी कि धर्म के आधार पर विभाजनकारी राजनीति करने वालों को राज्य से बाहर कर दिया जायेगा. लोकसभा चुनाव के तहत अबतक हुए पांच चरण के मतदान में बंगाली विरोधी ताकतें हार रही हैं. इन ताकतों को आखिरी झटका एक जून को अंतिम चरण के मतदान के बाद लगेगा.

भाजपा पर निशाना साधते हुए तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने संकल्प लिया : हम सुनिश्चित करेंगे कि जो अशांति पैदा करने के लिए सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ा दे रहे हैं, उनका पश्चिम बंगाल में कोई राजनीतिक आधार न हो. इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्र की सत्ता से बेदखल होंगे.

भांगड़ के विधायक व इंडियन सेकुलर फ्रंट (आइएसएफ) के नेता नौशाद सिद्दिकी का नाम लिये बिना अभिषेक बनर्जी ने भाजपा की कथित तौर पर आलोचना नहीं करने पर उनपर कटाक्ष किया. उन्होंने सिद्दिकी पर भाजपा की ‘बी टीम’ होने का आरोप लगाया. तृणमूल नेता ने यह भी कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 2010 से बंगाल में दिये गये ओबीसी प्रमाण पत्र को खत्म करने का आदेश दिया है. क्या भांगड़ के विधायक ने इसपर प्रतिक्रिया दी? पश्चिम बंगाल की पूजनीय धरती पर विभाजनकारी राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है. इस राज्य के लोग अनेकता में एकता पर विश्वास रखते हैं.

उन्होंने दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनाव में बंगाल की सत्ता हासिल करने में विफल रहने के बाद भाजपा ने मनरेगा और आवास योजना जैसी कई केंद्रीय योजनाओं की राशि रोक दी. लेकिन तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने 100 दिन रोजगार कार्यक्रम के तहत नहीं दी गयी राशि का भुगतान अपने कोष से किया. उन्होंने गरीब समर्थक होने का दावा करने के बावजूद आवश्यक घरेलू वस्तुओं और जीवन रक्षक दवाओं की बढ़ती कीमतों के प्रति उदासीन रहने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की. साथ ही अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर अपनी एजेंसियों का मनमाने ढंग से इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा : मेरे परिवार को भी नहीं बख्शा गया. इसके बावजूद मैंने भाजपा के आगे अपना सिर नहीं झुकाया. उन्होंने भविष्यवाणी की कि अगली केंद्र सरकार में तृणमूल कांग्रेस अहम भूमिका निभायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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