आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस विषय को केवल दो ही विद्यार्थियों ने चुना

Updated at : 09 Jul 2024 9:50 PM (IST)
विज्ञापन
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस विषय को केवल दो ही विद्यार्थियों ने चुना

राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों को स्वावलंबी बनाने के लिए राज्य के उच्च विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा डेटा साइंस पाठ्यक्रम आरंभ किया गया है. वर्ष 2023 से राज्य के कई स्कूलों में यह पाठ्यक्रम आरंभ किया गया है. इस वर्ष पुरुलिया जिले के एकमात्र स्कूल भरपूरनाथ जिउ उच्च विद्यालय में यह पाठ्यक्रम शुरू किया गया.

विज्ञापन

पुरुलिया.

राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों को स्वावलंबी बनाने के लिए राज्य के उच्च विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा डेटा साइंस पाठ्यक्रम आरंभ किया गया है. वर्ष 2023 से राज्य के कई स्कूलों में यह पाठ्यक्रम आरंभ किया गया है. इस वर्ष पुरुलिया जिले के एकमात्र स्कूल भरपूरनाथ जिउ उच्च विद्यालय में यह पाठ्यक्रम शुरू किया गया. शिक्षा विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार दोनों विषयों में संभावनाएं काफी अधिक हैं. इसे देखते हुए इन्हें शुरू किया गया है. लेकिन पुरुलिया में केवल दो विद्यार्थियों ने इन विषयों को चुना है.

जिले के प्रखंड दो अंतर्गत भरपूरनाथ जीउ उच्च विद्यालय के प्रधान शिक्षक नंददुलाल बनर्जी ने बताया कि उन्होंने अपने स्कूल में डेटा साइंस तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम को आरंभ करने के लिए पिछले वर्ष शिक्षा विभाग को आवेदन किया था. इसी के अनुसार ही उन्हें इसकी सहमति मिली थी क्योंकि इससे पहले उन्होंने स्कूल में कंप्यूटर साइंस तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन पाठ्यक्रम आरंभ किया था. जिसमें उन्हें काफी सफलता मिली थी. इसी के आधार पर उन्होंने नये पाठ्यक्रम को आरंभ किया. इस विषय में उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी इस विषय में जागरूक किया. लेकिन अब तक इन दोनों विषय में मात्र एक-एक विद्यार्थी ने ही दाखिला लिया है. उन्हें उम्मीद थी कि इस नये पाठ्यक्रम में विज्ञान विभाग के अधिकांश विद्यार्थी दाखिला लेंगे.

लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है. शिक्षा विभाग के मुताबिक इस नये पाठ्यक्रम में वही विद्यार्थी पढ़ाई कर सकते हैं जिनका मुख्य विषय विज्ञान है. यानी विज्ञान में उनका भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान के साथ-साथ गणित का रहना आवश्यक है. जिला शिक्षा विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार जिला के और भी कई स्कूलों ने इस पाठ्यक्रम को आरंभ करने के लिए आवेदन किया है. सभी तरह के सुविधाओं को देखते हुए आवेदनकारी स्कूलों को इसकी मंजूरी प्रदान की जायेगी क्योंकि इस पाठ्यक्रम के लिए स्कूल में विज्ञान विभाग के साथ-साथ कंप्यूटर विभाग होना अति आवश्यक है. बांंग्ला में पुस्तकों की जरूरत

इन दोनों अलग-अलग पाठ्यक्रम में दाखिल हुए छात्र सुशांत गोराय तथा रुद्र कुमार दिगर ने बताया वे आगे चलकर इंजीनियरिंग या सॉफ्टवेयर को लेकर पढ़ाई करना चाहते हैं. इन पाठ्यक्रमों से उन लोगों को अपनी मंजिल हासिल होने में काफी सहायता मिलेगी. छात्रों ने बताया कि इस पाठ्यक्रम के लिए अब तक उनके पास बांग्ला में कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं है. इससे समस्या हो रही है. इसलिए इस पाठ्यक्रम के लिए बांग्ला भाषा में पुस्तक जल्द से जल्द सरकार को उपलब्ध कराना चाहिए. शिक्षक संगठन से मिली जानकारी के अनुसार इन नये पाठ्यक्रम के लिए कंप्यूटर की आवश्यकता है. साथ-साथ प्रशिक्षित शिक्षकों की भी जरूरत है. जो इन विषयों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर छात्र-छात्राओं को इसका प्रशिक्षण दे सके. जिस स्कूल में यह पाठ्यक्रम आरंभ हुआ है वहां के एक शिक्षक जादवपुर यूनिवर्सिटी से अल्प समय में इस विषय पर प्रशिक्षण प्राप्त कर इस पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण दे रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola