राज्यों को मेडिकल परीक्षाएं कराने की मिले अनुमति : ब्रात्य

Updated at : 07 Jul 2024 12:27 AM (IST)
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राज्यों को मेडिकल परीक्षाएं कराने की मिले अनुमति : ब्रात्य

नीट में धांधली पर राज्य के शिक्षा मंत्री ने केंद्र को घेरा

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कोलकाता. राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने केंद्र पर जमकर हमला बोला. उन्होंने नीट को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि इस परीक्षा में अनियमितताओं के कारण 23 लाख छात्रों का भविष्य अनिश्चितता में है. राज्य सरकार ने पहले ही इस बारे में केंद्र को पत्र लिखा है. लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि 2016-17 शैक्षणिक वर्ष से पहले, मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं वेस्ट बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षाएं बोर्ड द्वारा पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाती थीं. उस समय कोई विवाद नहीं होता था. इसे फिर से लागू किया जाये, तो स्वच्छ व पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं हो सकेंगी. उन्होंने कहा कि राज्यों को अपने मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए पहले की तरह खुद की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने की अनुमति दी जानी चाहिए. शनिवार को नेताजी इंडोर स्टेडियम में एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल एकेडमिक इंस्टीट्यूशंस, पश्चिम बंगाल (एपीएआइ) की ओर इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा में इ-प्रवेश के लिए तीन दिवसीय प्री-काउंसेलिंग ”एपीएआइ प्री-काउंसेलिंग फेयर 2024” का उद्घाटन किया गया. मौके पर डब्ल्यूबीजेइइ बोर्ड की चेयरपर्सन प्रो सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी, जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के वाइस चांसलर प्रो भास्कर गुप्ता, एपीएआइ वेस्ट बंगाल के अध्यक्ष सरदार तरणजीत सिंह, एपीएआइ वेस्ट बंगाल के महासचिव सत्यम राय चौधरी, कोषाध्यक्ष आलोक टिबड़ेवाल समेत अन्य उपस्थित थे. कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवाल पर ब्रात्य बसु ने आरोप लगाया कि केंद्र का रवैया देश की संघीय संरचना के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आप (केंद्र) राज्य सरकारों की राय को नजरअंदाज नहीं कर सकते. गैरभाजपा शासित राज्यों को दरकिनार नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि केंद्र की यूजीसी-नेट परीक्षाओं में धांधली के कारण उच्च शैक्षिक संस्थानों में लाखों छात्रों का करियर खतरे में है. श्री बसु ने कॉलेजों में लंबित विद्यार्थी संघ चुनावों के बारे में कहा कि प्रक्रिया दुर्गापूजा से पहले होने की संभावना कम है. उन्होंने कहा कि हमें सेंट्रलाइज प्रवेश प्रक्रिया के लिए काफी अच्छा रिस्पांस मिला है. बंगाल में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन गुजरात, उत्तर प्रदेश, केरल, बिहार, कर्नाटक, झारखंड समेत कई राज्यों से आये हैं. इससे साबित होता है कि बंगाल में उच्च शिक्षा में सुधार हो रहा है. डब्ल्यूबीजेइइ बोर्ड की चेयरपर्सन सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी ने बताया कि डब्ल्यूबीजेइइ के लिए इ-काउंसेलिंग प्रक्रिया 10 जुलाई से पांच अगस्त तक आयोजित की जायेगी.

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