Bengal Elections: परंपरा तोड़ मैदान में उतरीं मुख्यमंत्री ममता, मतदान के दिन बदला अंदाज, बूथ-बूथ पहुंचकर संभाली कमान

Published by :Ashish Jha
Published at :29 Apr 2026 10:25 AM (IST)
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Bengal Elections: परंपरा तोड़ मैदान में उतरीं मुख्यमंत्री ममता, मतदान के दिन बदला अंदाज, बूथ-बूथ पहुंचकर संभाली कमान

ममता बनर्जी

West Bengal Assembly Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्नी का बदला हुआ अंदाज चर्चा में है. आम तौर पर घर से हालात पर नजर रखने वाली ममता इस बार सड़कों पर उतरीं, बूथ-बूथ जाकर निरीक्षण किया और चुनावी कमान खुद संभाल ली.

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West Bengal Assembly Elections: कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अलग ही रूप देखने को मिला. आम तौर पर मतदान के दिन सुबह घर पर रहकर हालात पर नजर रखने वाली ममता इस बार परंपरा तोड़ते हुए सड़कों पर उतर आयीं और खुद बूथ-बूथ जाकर स्थिति का जायजा लिया. भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र, जहां उनका सीधा मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से है, वहां सुबह से ही ममता बनर्जी की सक्रियता देखने को मिली. कालीघाट स्थित आवास से निकलते ही उन्होंने साफ कर दिया कि आज वह मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि एक उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. चेतला से शुरुआत करते हुए उन्होंने कई बूथों का दौरा किया, व्यवस्था का जायजा लिया और मतदाताओं से सीधे संवाद किया.

बूथ के अंदर तक पहुंचीं ममता बनर्जी

सुबह सबसे पहले चेतला इलाके में पहुंचीं बनर्जी ने वहां के बूथों का निरीक्षण किया. इसके बाद पद्यपुकुर रोड होते हुए कई मतदान केंद्रों पर पहुंचकर उन्होंने न केवल व्यवस्था देखी, बल्कि स्थानीय कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से भी बातचीत की. बीच रास्ते में एक बूथ के सामने गाड़ी रोककर खुद अंदर जाना और स्थिति का जायजा लेना उनके बदले हुए तेवर को साफ दिखाता है. इस दौरान उन्होंने कोलकाता पोर्ट क्षेत्र के तृणमूल उम्मीदवार फिरहाद हकीम से भी मुलाकात की और इलाके में चल रही गतिविधियों की जानकारी ली. ममता बनर्जी का काफिला जब पद्यपुकुर रोड से गुजरा, तो उन्होंने बीच रास्ते में गाड़ी रोककर एक बूथ के अंदर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया, उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं से बातचीत की और चुनावी माहौल को नजदीक से समझने की कोशिश की.

केंद्रीय बलों और बाहरी पर्यवेक्षकों पर दबाव बनाने के आरोप

इस दौरान ममता बनर्जी ने केंद्रीय बलों और बाहरी पर्यवेक्षकों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए. उनका कहना है कि रात के समय कुछ नेताओं के घरों पर जाकर डर का माहौल बनाया गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है और चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है. ममता ने यहां तक कहा कि सीआरपीएफ के जवानों ने बिना स्थानीय पुलिस के कुछ घरों पर कार्रवाई की, जिससे लोगों में भय का माहौल बना. ममता बनर्जी ने कहा “अलग-अलग जगहों से कुछ पर्यवेक्षकों को लाया गया है, साथ ही ऐसे पुलिस अधिकारी भी हैं जिन्हें बंगाल की समझ नहीं है. कल एक अधिकारी ने पूरे बंगाल में हंगामा खड़ा कर दिया. मैं पूरी रात जागती रही. पर्यवेक्षक पुलिस थानों में जाकर टीएमसी पर दबाव बनाने और उसे निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और कह रहे हैं कि सभी टीएमसी एजेंटों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए.

मैं आपको सबूत दिखा सकती हूं

ममता ने आगे कहा- मेरे युवा ब्लॉक अध्यक्ष को सुबह गिरफ्तार कर लिया गया. इसीलिए मैं चेतला गई थी. मैं पुलिस स्टेशन नहीं गई; मेरा पार्टी कार्यकर्ता वहां गया था। कल रात करीब 2 बजे, सीआरपीएफ के गुंडों की एक टीम, माफ कीजिएगा, सिर्फ ‘गुंडा’ नहीं, सीआरपीएफ के जवान स्थानीय पुलिस के बिना मेरे वार्ड 70 के पार्षद के घर गए और उनके घर पर हमला किया. उनकी पत्नी बच्चों के साथ घर पर अकेली थीं. जब उन्होंने कहा कि वे घर पर नहीं हैं, तो सीआरपीएफ ने उन पर हमला किया (लात मारी), उनका फोन छीन लिया और उन्हें चेतावनी दी कि वे पार्टी का कोई काम न करें. मैं आपको सबूत दिखा सकती हूं.”

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मुकाबला बना प्रतिष्ठा की लड़ाई

दूसरी तरफ शुभेंदु अधिकारी भी दिनभर सक्रिय रहे और अलग-अलग बूथों का दौरा करते नजर आए. उन्होंने कहा- “यहां धारा 163 (बीएनएसएस की) लागू है. ममता बनर्जी कई लोगों के साथ घूम रही हैं. ममता बनर्जी यहां क्यों घूम रही हैं?” भवानीपुर में यह मुकाबला केवल एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है. ऐसे में मतदान के दिन मुख्यमंत्री का यह आक्रामक और जमीनी अंदाज चुनावी माहौल को और अधिक गरमा गया है. प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं, ताकि पूरे क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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