नोटबंदी ने तोड़ी चाय बागानों की कमर, नयी पत्तियां तोड़ने का काम प्रभावित, श्रमिकों के सामने खाने का संकट
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Nov 2016 1:31 AM
जलपाईगुड़ी. केंद्र सरकार की नोटबंदी का सीधा असर डुवार्स के चाय बागानों पर पड़ रहा है. यहां के बागानों में काम कर रहे चाय श्रमिक रोजगार की तलाश में भूटान चले जा रहे हैं. जिससे आनेवाले दिनों में चाय उद्योग को भारी नुकसान होने की संभावना है. यह समस्या सिर्फ बंद अथवा खुले चाय बागानों […]
श्रमिकों के पास भी पैसा खत्म हो गया है. उनके सामने भूखों मरने की स्थिति पैदा हो गयी है. यही वजह है कि कई चाय श्रमिक काम करने के लिए पड़ोसी देश भूटान चले गये हैं. वहां उन्हें नगद में भुगतान किया जाता है. एक तो यहां काम नहीं है, ऊपर से काम करने पर पैसे मिलने की उम्मीद भी नहीं है. ऐसे में भला कौन चाय श्रमिक यहां काम करना चाहेगा. नागराकाटा ब्लॉक स्थित केरन चाय बागान के डिप्टी मैनेजर प्रियव्रत भद्र का कहना है कि वह क्या कर सकते हैं. बैंक में पैसा है, लेकिन श्रमिकों को निकाल कर नहीं दे पा रहे हैं. बैंकों से जो पैसा मिल रहा है, उतने कम में क्या होगा. इसी वजह से श्रमिकों की मजदूरी रोक दी गयी है. श्रमिक भी अब काम के लिए भूटान जाने लगे हैं. श्रमिकों की संख्या कम होने से चाय पत्तियों को तोड़ने का काम प्रभावित हो रहा है. यही स्थिति बनी रही, तो चाय उद्योग को काफी नुकसान होगा. इसी तरह की बातें डीबीआइटीए के सचिव सुमंत गुहा ठाकुराता ने कही है. उन्होंने हालांकि यह भी कहा है कि जिला प्रशासन ने इस समस्या को दूर करने की पहल शुरू की है.
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