बगैर सरकारी प्रक्रिया के बच्चा गोद लेने पर होगी जेल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Nov 2016 12:52 AM

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जलपाईगुड़ी. सरकारी कानूनों का पालन किये बिना बच्चा गोद लेने पर इसे मानव तस्करी का मामला माना जायेगा. जिला शिशु सुरक्षा विभाग ने बच्चों को गोद लेने की सरकारी व्यवस्था को तेज बनाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की है. डुवार्स के चाय बागान इलाकों और शहर क्षेत्र में सरकार से मंजूरी प्राप्त […]

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जलपाईगुड़ी. सरकारी कानूनों का पालन किये बिना बच्चा गोद लेने पर इसे मानव तस्करी का मामला माना जायेगा. जिला शिशु सुरक्षा विभाग ने बच्चों को गोद लेने की सरकारी व्यवस्था को तेज बनाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की है. डुवार्स के चाय बागान इलाकों और शहर क्षेत्र में सरकार से मंजूरी प्राप्त गोद लेने की प्रक्रिया का जिला प्रशासन प्रचार-प्रसार कर रहा है.
जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर सुष्मिता घोष ने बताया कि जुवेनाइज जस्टिस एक्ट 2015 के एक हिस्से के रूप में चाइल्ड एडप्शन रिसोर्स इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क ऐंड गाइडेंस सिस्टम मौजूद है. केन्द्र सरकार की संस्था की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यू. सीएआरए. एनआइसी. इन के जरिये ही बच्चे को गोद लिया जा सकेगा. जिला शिशु सुरक्षा कमेटी की चेयरमैन बेबी उपाध्याय ने बताया कि अब भी बहुत से लोग फोन करते रहते हैं कि उनके पास काफी पैसा है और उन्हें बच्चा गोद लेना है, लेकिन ऐसा नियम नहीं है.
सुष्मिता घोष ने बताया कि पहले भी कानून था. दो साल पहले से ऑन लाइन व्यवस्था थी. लेकिन इसके बावजूद बहुत सी जगहों पर लोग चोरी-छुपे गैर कानूनी तरीके से मोटी रकम के बदले में बच्चा गोद ले रहे हैं. लेकिन अब ऑन लाइन व्यवस्था में बच्चा गोद लेने के लिए मां और पिता का रजिस्ट्रेशन होगा. इसके बाद छह महीने में गोद देने की प्रक्रिया पूरी हो जायेगी. पहले जब यह काम मैनुअल था तो इसमें दो साल तक लग जाते थे. ऑनलाइन सरकारी व्यवस्था में बच्चा गोद लेने के लिए 46 हजार रुपये लगेंगे. वहीं गैर कानूनी तरीके से बच्चा गोद लेने पर धंधेबाज मां-बाप से इसके लिए दो से तीन लाख रुपये वसूलते रहे हैं. इस गैर कानूनी क्रिया-कलाप को रोकने के लिए ऑनलाइन सरकारी नियम को जिले में कड़ाई से लागू किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिले में करीब 50 नि:संतान दंपतियों ने बच्चा गोद लेने के लिए आवेदन किया है.
इधर, जिला अधिकारी मुक्ता आर्य ने बताया कि ऑन लाइन सरकारी प्रक्रिया को छोड़ गैर कानूनी तरीके से बच्चा गोद लेने पर कानून की धारा 80 और 81 के तहत ऐसे दंपतियों को मानव तस्कर मानकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी और उन्हें गिरफ्तार किया जायेगा. उन्होंने बताया कि आगामी 21 नवंबर को मालबाजार में जिला प्रशासन की ओर से इस बारे में चाय बागानों में प्रचार चलाया जायेगा. स्कूल-कॉलेज, बस स्टैंड, बस्तियों, बाजारों में इस बारे में पोस्टर लगाये जा रहे हैं. इससे पुलिस, एसएसबी, ग्राम पंचायत, बीडीओ, स्वयंसेवी संस्थाओं आदि को भी जोड़ा जा रहा है.
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