ट्वाय ट्रेन के रास्ते में एक यात्री ने अटकाया रोड़ा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Jun 2016 1:24 AM

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सिलीगुड़ी. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे द्वारा संचालित खिलौना गाड़ी (ट्वाय ट्रेन) समस्याओं से पार नहीं पा सक रही है. कभी प्रकृति तो कभी स्वयं यात्री ही समस्या खड़ी कर देते हैं. इन समस्याओं की वजह से यूनेस्को की ओर अंतरराष्ट्रीय धरोहर घोषित खिलौना गाड़ी का लुफ्त उठाने आये पर्यटकों को काफी परेशानी होती है. रविवार को […]

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सिलीगुड़ी. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे द्वारा संचालित खिलौना गाड़ी (ट्वाय ट्रेन) समस्याओं से पार नहीं पा सक रही है. कभी प्रकृति तो कभी स्वयं यात्री ही समस्या खड़ी कर देते हैं. इन समस्याओं की वजह से यूनेस्को की ओर अंतरराष्ट्रीय धरोहर घोषित खिलौना गाड़ी का लुफ्त उठाने आये पर्यटकों को काफी परेशानी होती है.

रविवार को सिलीगुड़ी से रंगटंग तक जाने वाली स्पेशल खिलौना गाड़ी ने एक घंटे की देरी से अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान किया. रंगटंग में घूमने के लिए काफी कम समय मिलने की वजह से यात्री कुछ मायूस दिखे. मुंह लटकाये एक पर्यटक ने कहा कि एक व्यक्ति की वजह से 26 पर्यटकों की यात्रा बेमजा हो गयी. सप्ताह के दो दिन शनिवार और रविवार को खिलौना रेलगाड़ी जंगल सफारी के लिये रंगटंग तक जाती है. यह सुबह 10.30 बजे सिलीगुड़ी जंक्शन रेलवे स्टेशन से रंगटंग के लिए रवाना होती है. फिर 2 बजकर 30 मिनट पर वापस सिलीगुड़ी पहुंच जाती है.

कुछ पर्यटक इस खिलौना गाड़ी का लुफ्त उठाने के लिये रंगटंग की यात्रा करते हैं. रविवार की सुबह भी ट्रेन समय के अनुसार प्लेटफॉर्म पर लग गयी. इस दिन 29 पर्यटकों की सीट रिजर्व थी और सभी 29 यात्री उपस्थित भी थे. लेकिन एक यात्री ने बखेड़ा खड़ा कर दिया. आज के लिए जो रिजर्वेशन प्लान था, उसके मुताबिक एक कोच में 17 और एक में 12 सीट उपलब्ध होनी थी. लेकिन इसमें कुछ बदलाव हो गया. हाल ही में पगलाझोड़ा में हुए भूस्खलन की वजह से एक कोच वहां अटका हुआ है. जिसकी वजह से आज की ट्रेन में दूसरे कोच लगाये गये जिसमें एक में 14 और एक में 15 सीट उपलब्ध थी. आज के कुल 29 पर्यटकों के अनुसार सीट उपलब्ध थी. लेकिन एक यात्री पहले से निर्धारित सीट ही उपलब्ध कराने पर अड़ गये. उनका कहना था कि वे उसी कोच में सफर करेंगे जो उनके टिकट में दिया है. इस बखेड़े की वजह से की खिलौना गाड़ी करीब एक घंटे की देरी से रवाना हुई.

सिलीगुड़ी जंक्शन के स्टेशन मैनेजर सुरेन सैंकिया ने बताया कि 17 और 12 सीट वाले कोच उपलब्ध ना होने की वजह से 14 और 15 सीट वाले कोच इंजन के साथ जोड़े गये. लेकिन एक पर्यटक अपने सीट नंबर को अड़ गया. फिर बाद में दूसरे यात्रियों को समझा-बुझा कर उन्हें मनचाही सीट मुहैया करायी गयी. इस झमेले की वजह से खिलौना गाड़ी 10.30 के बजाए 11.30 बजे रवाना हुयी, लेकिन समयानुसार 2 बजकर 30 मिनट पर वापस लौट आयी.

मिली जानकारी के अनुसार सीट को लेकर हंगामा करनेवाले यात्री स्वंय रेलवे के अवकाशप्राप्त कर्मचारी हैं. वे अपने परिवार के दो सदस्यों के साथ जंगल सफारी के लिये कोलकाता से सिलीगुड़ी पहुंचे थे. दो दिन पहले एक प्राकृतिक आपदा की वजह से पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था. भूस्खलन की वजह से खिलौना रेलगाड़ी दो बजे रात में दार्जिलिंग पहुंची थी. गाड़ी पटरी से उतर गयी थी. फिर पटरी को साफ कर रेल को पटरी पर चढ़ाया गया था. ट्रेन में सवार पर्यटक इस घटना के बाद काफी सहम गये थे. रात के करीब दो बजे दार्जिलिंग स्टेशन पर सही-सलामत उतरने के बाद राहत की सांस ली थी.

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