मयनागुड़ी़ नपा बनाने की घोषणा पर गरमायी सियासत
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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विपक्ष ने बताया चुनावी दावं जलपाईगुड़ी़ : जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी को नगरपालिका बनाने के राज्य सरकारी की घोषणा के बाद यहां की सियासत गरमा गयी है़ राज्य में सत्तरूढ़ तृणमूल कांग्रेस जहां इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित कर रहा है,वहीं विपक्ष ने इसे चुनावी चाल बताया है़ हांलाकि स्थानीय लोग सरकार के […]
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विपक्ष ने बताया चुनावी दावं
जलपाईगुड़ी़ : जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी को नगरपालिका बनाने के राज्य सरकारी की घोषणा के बाद यहां की सियासत गरमा गयी है़ राज्य में सत्तरूढ़ तृणमूल कांग्रेस जहां इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित कर रहा है,वहीं विपक्ष ने इसे चुनावी चाल बताया है़ हांलाकि स्थानीय लोग सरकार के इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं.
स्थानीय तृणमूल नेताओं को जैसे ही सरकार के इस निर्णय की जानकारी मिली,उन्होंने इसे अपने पक्ष में भुनाना शुरू कर दिया़ तृणमूल कांग्रेस ने तो विजय जुलूश तक का आयोजन कर लिया़ तृणमूल विधायक अनंतदेव अधिकारी का कहना है कि ममता बनर्जी ने हमेशा ही विकास का काम किया है़
वहलोग मयनागुड़ी को नगरपालिका बनाने को लेकर जोर शोर से कोशिश कर रहे थे़ आखिरकार ममता बनर्जी ने यहां के लोगों की सुन ली और मयनागुड़ी को नगरपालिका बनाने का निर्णय ले लिया़ उन्होंने कहा कि यह उनकी सरकार की बड़ी उपलब्धि है़ जो काम पूर्ववर्ती वाम मोरचा सरकारों ने नहीं किया वह काम उनकी सरकार ने कर दिखाया है़ तृणमूल कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव में मयनागुड़ी को नगरपालिका बनाने का वादा किया था़ इस वादे को पूरा किया गया है़
दूसरी तरफ माकपा नेता अरूण घोष का कहना है कि यह पूरी तरह से राजनीतिक चाल है़ आने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने यह निर्णय लिया है़ यदि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मयनागुड़ी को नगरपालिका बनाने के लिए इतना ही गंभीर थी तो इसमें साढ़े चार साल से भी अधिक का वक्त क्यों लग गया़ उन्होंने कहा कि दस साल पहले उनलोगों ने ही सरकार को नगरपालिका बनाने का प्रस्ताव दिया था़
आरएसपी नेता अतुल प्रसाद राय का कहना है कि तत्कालीन वाम मोरचा सरकार के समय भी मयनागुड़ी को नगरपालिका बनाने की कोशिश की गयी थी़ तब किन्हीं वजहों से ऐसा नहीं हो सका़ उन्होंन कहा कि नगरपालिका बनाये जाने से निश्चित रूप से यहां के लोगों को लाभ होगा,लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले यह निर्णय लेना सही नहीं है़ ऐसा लगता है कि राज्य की तृणमूल सरकार ने राजनीतिक कारणो से यह निर्णय लिया है़
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