बर्न यूनिट न होने से दर-दर की ठोकरें खाने को विवश मरीज
Updated at : 03 Feb 2020 2:03 AM (IST)
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आपात हालत में उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल ही एकमात्र सहारा बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज व नर्सिंग होम ले जाने के क्रम में कई रोगियों की हो चुकी है मौत सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में बर्न यूनिट की सुविधा नहीं होने से अगलगी में झुलसे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना […]
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आपात हालत में उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल ही एकमात्र सहारा
बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज व नर्सिंग होम ले जाने के क्रम में कई रोगियों की हो चुकी है मौत
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में बर्न यूनिट की सुविधा नहीं होने से अगलगी में झुलसे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. जिला अस्पताल में इस तरह का मरीज आने पर उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल रेफर कर दिया जाता है.
अक्सर ये भी देखा गया है कि मरीजों की हालत ज्यादा खराब होने के चलते अस्पताल से निकाल कर बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज व नर्सिंग होम ले जाने के क्रम में कई रोगियों की मौत भी हो चुकी है.
गौरतलब है कि हाल ही में सरस्वती पूजा के दिन एक मासूम बच्ची बन्ना सरकार (4) आग लगने से मौत के मुंह में चली गयी. अगर झुलसे मरीजों इलाज की व्यवस्था सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में होती तो शायद वो बच्ची बच सकती थी.
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