सिलीगुड़ी : वार्ड पार्षदों के खिलाफ एनजीटी जाने की तैयारी

Updated at : 12 Sep 2018 9:02 AM (IST)
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सिलीगुड़ी : वार्ड पार्षदों के खिलाफ एनजीटी जाने की तैयारी

सिलीगुड़ी : नदियों की जमीन दखल करानेवाले सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड पार्षदों व उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला लेकर दार्जिलिंग जिला प्रशासन नेशनल ग्रीन ट्राईबूनल (एनजीटी) से शिकायत करने को तत्पर हुआ है. सिलीगुड़ी व आसपास की अधिकांश नदियों की जमीन पर अतिक्रमण करके बस्ती बसा दी गयी है. जबकि एनजीटी नदी किनारों को […]

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सिलीगुड़ी : नदियों की जमीन दखल करानेवाले सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड पार्षदों व उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला लेकर दार्जिलिंग जिला प्रशासन नेशनल ग्रीन ट्राईबूनल (एनजीटी) से शिकायत करने को तत्पर हुआ है. सिलीगुड़ी व आसपास की अधिकांश नदियों की जमीन पर अतिक्रमण करके बस्ती बसा दी गयी है. जबकि एनजीटी नदी किनारों को दखल मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन पर दबाव बना रहर है.
सिलीगुड़ी की जीवनरेखा महानंदा नदी शहर के बीच से गुजरती है. इस नदी के किनारों पर अवैध कब्जा जमाकर बस्तियां बसायी गयी हैं. नदी की जमीन दखल करके बाजार-हाट भी बसा हुआ है. यही नहीं, यह सिलसिला अभी भी जारी है.
महानंदा के अलावा महिषमारी, साहुडांगी, फुलेश्वरी, जोड़ापानी आदि नदियों के किनारे बस्तियां बसी हुई हैं. इसके अतिरिक्त पंचनई, बालासन, बूढ़ी बालासन व सिलीगुड़ी के आसपास बहनेवाली नदियों का किनारा दखल हो गया है. अवैध दखल, अवैध खनन से नदियां अपना मार्ग बदल रही है. बारिश के समय नदियों में कटाव बढ़ रहा है. दूसरी ओर नदियों में पानी लगातार कम हो रहा है.
एनजीटी नदियों के किनारे दखल व अवैध खनन को रोकने के लिए प्रयासरत है. महानंदा को दखमुक्त कराने के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम ने भी कई बार अभियान चलाया, लेकिन हर अभियान राजनीति की भेंट चढ़ गयी. आजतक नदी किनारे बसे एक व्यक्ति को हटाया नहीं गया, बल्कि बसने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों का बहुत बड़ा हाथ है. अपना वोट बढ़ाने व चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए नेता नदी किनारे लोगों को बसा देते हैं.
सिलीगुड़ी नगर निगम के कई पार्षदों, महकमा परिषद व ग्राम पंचायत सदस्यों के खिलाफ नदी किनारा दखल करने में लोगों की सहायता करने की शिकायत डीएम तक पहुंची है. महानंदा नदी किनारे सिलीगुड़ी के एक वार्ड पार्षद के नाम पर बस्ती बसाये जाने का मामला भी डीएम तक पहुंचा है.
मंगलवार को दार्जिलिंग की जिला शासक जयसी दासगुप्ता ने बताया कि नदी किनारा दखल कर बस्ती व बाजार बसाने में कई पार्षदों का हाथ है. कई के नाम पर भी बस्तियां बसायी गयी हैं. मिली शिकायत की जांच-पड़ताल पूरी कर ली गयी है. उन पार्षदों के खिलाफ एनजीटी में शिकायत की जायेगी. एनजीटी के आदेशानुसार उन पर कार्रवाई भी की जायेगी.
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