ममता बनर्जी ने टीएमसी के 75 विधायकों की कर दी छुट्टी, शुभेंदु अधिकारी से भवानीपुर में होगा नंदीग्राम का हिसाब

Updated at : 17 Mar 2026 10:47 PM (IST)
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TMC Candidate List 2026 West Bengal Elections Mamata Banerjee

TMC Candidate List 2026: बंगाल चुनाव 2026 के लिए ममता बनर्जी ने 75 विधायकों के टिकट काटकर बड़ा जोखिम लिया है. भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ सीधी जंग का ऐलान करके दीदी ने नंदीग्राम की हार का बदला लेने की तैयारी भी कर ली है. पार्टी ने इस बार ग्लैमर को दरकिनार कर संगठन और बूथ मैनेजमेंट पर पूरा जोर दिया है.

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TMC Candidate List 2026: पश्चिम बंगाल की सत्ता पर लगातार चौथी बार काबिज होने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपने 291 योद्धाओं की सूची जारी की. कालीघाट से जारी इस लिस्ट ने राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है. 2021 के चुनाव में जहां सेलेब्रिटी कार्ड हावी था, तो 2026 में ममता ने बूथ मैनेजमेंट और लोकल नेटवर्क को प्राथमिकता दी है. पार्टी ने 135 मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट दिया है. सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) से निबटने के लिए 75 विधायकों की छुट्टी कर दी है.

भवानीपुर बनेगा ममता बनाम शुभेंदु का कुरुक्षेत्र

सूची का सबसे बड़ा धमाका भवानीपुर सीट है. ममता बनर्जी अपनी इसी परंपरागत सीट से चुनाव लड़ेंगी. भाजपा ने यहां उनके ‘धुर विरोधी’ शुभेंदु अधिकारी को उतारकर मुकाबले को व्यक्तिगत बना दिया है. 2021 में नंदीग्राम में मिली 1,956 वोटों की हार का बदला लेने का ममता बनर्जी को अपने घर में मौका मिल सकता है. नंदीग्राम में ममता बनर्जी ने भाजपा से तृणमूल कांग्रेस में आये जमीनी नेता पबित्र कर पर दांव खेला है.

पार्थ चटर्जी और चिरंजीत का पत्ता कटा

टीएमसी की इस नयी रणनीति में बड़े-बड़े ‘सितारे’ धराशायी हो गये हैं. टॉलीवुड सुपरस्टार और विधायक चिरंजीत चक्रवर्ती (बारासात), परेश पाल (बेलेघाटा) और यहां तक कि कद्दावर नेता पार्थ चटर्जी (बेहला पश्चिम) को भी इस बार टिकट नहीं मिला है. पार्टी ने संदेश दिया है कि जो नेता केवल ‘स्टार’ हैं और बूथ नहीं संभाल सकते, उनकी जगह अब संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को मिलेगी.

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नये चेहरे और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का कॉकटेल

भले ही ग्लैमर कम हुआ हो, लेकिन प्रतिभाओं की कमी नहीं है. ओलिंपिक खिलाड़ी स्वप्ना बर्मन (राजगंज) और पूर्व क्रिकेटर शिव शंकर पॉल (तूफानगंज) जैसे खिलाड़ियों को मैदान में उतारकर टीएमसी ने युवाओं को संदेश दिया है. पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष को पहली बार बेलेघाटा से चुनावी मैदान में उतारा गया है. सांसद कल्याण बनर्जी के बेटे सिर्सन बनर्जी (उत्तरपाड़ा) और श्रेया पांडे (मानिकतला) जैसे नये चेहरों के जरिये पार्टी ने ‘नेक्स्ट जनरेशन’ लीडरशिप को प्रमोट किया है.

टीएमसी की ‘सोशल इंजीनियरिंग’ और नये चेहरे

सामाजिक समूहटीएमसी उम्मीदवारनयी सोच
महिलाएं52 उम्मीदवारआधी आबादी पर बड़ा दांव – लक्ष्मी भंडार, कन्याश्री जैसी योजनाओं के लाभार्थियों को गोलबंद करने की कोशिश.
SC-ST वर्ग95 उम्मीदवारभाजपा के ‘आदिवासी कार्ड’ की काट – दलित और आदिवासी समुदायों में पैठ मजबूत करने का लक्ष्य.
अल्पसंख्यक वर्ग47 उम्मीदवारमजबूत वोट बैंक को एकजुट – माकपा और कांग्रेस से होने वाले मतों के बिखराव को रोकने की रणनीति.
नये चेहरे (प्रोफेशनल और युवा)72 उम्मीदवारओलिंपियन खिलाड़ी स्वप्ना बर्मन (राजगंज), पूर्व क्रिकेटर शिव शंकर पॉल (तूफानगंज), कल्याण बनर्जी के बेटे सिर्सन बनर्जी (उत्तरपाड़ा).

TMC Candidate List 2026: ये लोग फिर लड़ेंगे चुनाव

ममता बनर्जी एक बार फिर भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी, जहां उनका मुकाबला भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से होगा. फिरहाद हकीम, जावेद अहमद खान, अरूप विश्वास, इंद्रनील सेन और चंद्रिमा भट्टाचार्य सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों को उनके मौजूदा निर्वाचन क्षेत्रों से फिर से उतारा गया है.

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TMC टिकटों का गणित : एक नजर में

कुल उम्मीदवार291 (3 सीटें सहयोगी BGPM के लिए छोड़ी)
महिलाएं52
SC/ST उम्मीदवार95
अल्पसंख्यक चेहरा47
लक्ष्य226+ सीटें

ममता की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की रणनीति

रणनीतिक बदलावGlamour आउट (दिखावा)संगठन IN (ग्राउंड)
महत्वपूर्ण पहलू75 विधायकों के टिकट काटे – सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) को कम करने के लिए कड़ा कदम.संगठन को मजबूती – जमीनी स्तर पर पकड़ रखने वाले, बूथ मैनेज करने वाले नेताओं को तवज्जो.
प्रमुख परिणामदिग्गजों की विदाई – चिरंजीत चक्रवर्ती, पार्थ चटर्जी, परेश पाल जैसे बड़े चेहरे ड्रॉप.युवा नेतृत्व को मौका – संगठन में लंबे समय से काम कर रहे 72 नये चेहरे शामिल.
क्षेत्रवार प्रभावशहरी क्षेत्रों में ग्लैमर कम – कोलकाता, हावड़ा में स्टार उम्मीदवारों की जगह संगठन के चेहरों पर दांव.ग्रामीण इलाकों में संगठन मजबूत – बीरभूम, 24 परगना में जिला स्तरीय नेताओं को रिटेन किया गया.
प्रमुख संदेशनंबरों की जगह निष्ठा – केवल ‘स्टार’ होने से काम नहीं चलेगा, संगठन के प्रति निष्ठा और बूथ मैनेजमेंट जरूरी.मिशन 226+ – ‘Ground’ को ‘Grit’ (दृढ़ संकल्प) से जोड़कर भारी बहुमत हासिल करने का लक्ष्य.

प्रमुख चुनावी रणक्षेत्र – भवानीपुर में महामुकाबला

चुनावी रणक्षेत्रममता बनर्जी (दीदी)शुभेंदु अधिकारी (दादा)
निर्वाचन क्षेत्रभवानीपुर (कोलकाता)भवानीपुर (कोलकाता)
रणनीतिक महत्वगुरु-शिष्य की सीधी जंग – 2021 के नंदीग्राम री-मैच.दीदी के घर में चुनौती – ममता बनर्जी को उनके ही अभेद्य किले में घेरने की रणनीति.
2021 का रिकॉर्डउपचुनाव में प्रचंड जीत (58,835 वोट से)नंदीग्राम में ममता को दी शिकस्त (1,956 वोट से)
2026 का मिशनअभेद्य किले की रक्षा – शुभेंदु अधिकारी को हराकर नंदीग्राम का हिसाब चुकता करना.ममता बनर्जी को हराकर ‘बाहरी’ का टैग हटाकर भवानीपुर में कमल खिलाना.
प्रमुख मुद्देबंगाल का ‘नंबर 1’ – प्रतिष्ठा की लड़ाई, ‘नबान्न’ तक पहुंचने का रास्ता.‘मदर’ वर्सेज ‘मास’ – ममता की मदर छवि और शुभेंदु की ‘मास’ लीडरशिप की टक्कर.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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