बंगाल चुनाव के पहले चरण की अग्निपरीक्षा में ECI पास, 44376 हजार बूथों पर कोई नहीं कर पाया ‘खेला’, अब 29 की तैयारी

Published by :Mithilesh Jha
Published at :25 Apr 2026 3:27 PM (IST)
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West Bengal Election 2026 Post Poll Scrutiny

West Bengal Election 2026 Post Poll Scrutiny: निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण की पोस्ट-पोल स्क्रूटनी पूरी कर ली है. 152 विधानसभा सीटों पर कहीं भी गड़बड़ी नहीं मिली. जानें EVM सुरक्षा और 481 करोड़ की जब्ती का पूरा ब्योरा.

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West Bengal Election 2026 Post Poll Scrutiny: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बाद निर्वाचन आयोग (ECI) ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी प्रक्रिया पूरी कर ली है. 23 अप्रैल को हुए मतदान के बाद 152 विधानसभा क्षेत्रों के फॉर्म 17A (मतदाता रजिस्टर) और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच (Scrutiny) शुक्रवार को संपन्न हो गयी. किसी भी पोलिंग स्टेशन पर गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है. पहले चरण में कहीं भी दोबारा मतदान (Re-poll) की जरूरत नहीं पड़ी.

44,376 मतदान केंद्रों की हुई स्क्रूटनी

निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की धांधली का पता लगाने के लिए पोस्ट-पोल स्क्रूटनी के कड़े निर्देश दिये थे. पश्चिम बंगाल के 152 निर्वाचन क्षेत्रों में रिटर्निंग अधिकारियों (RO) ने जनरल ऑब्जर्वर और 600 से अधिक उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दस्तावेजों की जांच की.

किसी सीट पर पुनर्मतदान नहीं

पहले चरण में कुल 44,376 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गये थे. पूरी जांच के बाद आयोग ने पाया कि मतदान निष्पक्ष रहा, इसलिए कहीं भी दोबारा चुनाव की सिफारिश नहीं की गयी है.

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1478 उम्मीदवारों को दी सूचना

चुनाव आयोग ने स्क्रूटनी से पहले बंगाल के प्रथम चरण में चुनाव लड़ रहे सभी 1,478 उम्मीदवारों को इसकी जानकारी दी गयी थी. उन्हें स्क्रूटनी की तारीख, समय और जगह के बारे में पहले ही बता दिया गया था. इनमें से 600 से अधिक प्रत्याशी या तो खुद पहुंचे थे या उन्होंने अपने प्रतिनिधि को भेजा था.

पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी

पारदर्शिता बनाये रखने के लिए इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करायी गयी और जांच के बाद फॉर्म 17A व संबंधित सामग्री को दोबारा सील कर दिया गया.

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West Bengal Election 2026: स्ट्रांग रूम में डबल लॉक और 24 घंटे पहरा

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपीएटी (VVPAT) की सुरक्षा के भी इलेक्शन कमीशन ने अभूतपूर्व इंतजाम किये हैं. स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए डबल लेयर (दो स्तरीय) घेराबंदी की गयी है. सीसीटीवी कैमरों से कॉरिडोर व दरवाजों की 24 घंटे निगरानी हो रही है.

अधिकारियों का दौरा, उम्मीदवारों की निगरानी

रिटर्निंग अधिकारियों को दिन में 2 बार और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को रोजाना स्ट्रांग रूम की व्यवस्था की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं. उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी स्ट्रांग रूम परिसर में कैंप लगाने की अनुमति दी गयी है, ताकि वे खुद अपनी आंखों से सुरक्षा देख सकें.

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जब्ती का आंकड़ा 481 करोड़ के पार

चुनाव आयोग की ताजा प्रवर्तन रिपोर्ट (Enforcement Report) के अनुसार, बंगाल में अवैध सामग्री और नकदी की जब्ती का सिलसिला जारी है. मतदान के दिन (23 अप्रैल को) मुर्शिदाबाद के मुरारई विधानसभा (बूथ संख्या 137) में सीआरपीएफ के जवानों ने एक पोलिंग एजेंट, रेजाउल दफादार के पास से 1,65,820 रुपए बरामद किये.

करोड़ों की शराब और ड्रग्स

26 फरवरी से अब तक राज्य में कुल 48,139.39 लाख रुपए (481 करोड़ से अधिक) की जब्ती हुई है. इसमें 29 करोड़ का कैश, 107 करोड़ की शराब और 108 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ शामिल हैं. 15 मार्च से अब तक 384 अवैध हथियार और 1,232 बम बरामद किये जा चुके हैं.

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21 लाख से ज्यादा पोस्टर हटाये गये

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने चुनावी विज्ञापनों और अवैध पोस्टरों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है. अब तक पूरे राज्य में 21,96,607 अवैध पोस्टर और दीवार लेखन हटाये गये हैं. इस मामले में पश्चिम बर्धमान (3,19,985) और मुर्शिदाबाद (1,80,869) सबसे ऊपर हैं.

29 अप्रैल की वोटिंग के लिए ईवीएम की कमिशनिंग 25 तक

आयोग अब 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान की तैयारियों में जुट गया है, जिसके लिए ईवीएम की कमीशनिंग का काम 25 अप्रैल तक पूरा कर लिया जायेगा.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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