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राज्य में क्षेत्रीय असंतुलन के कारण सरकार व लोगों के बीच दूरी बढ़ी : राज्यपाल

Updated at : 20 Nov 2024 10:42 PM (IST)
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राज्य में क्षेत्रीय असंतुलन के कारण सरकार व लोगों के बीच दूरी बढ़ी : राज्यपाल

राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने कार्यकाल के दो साल पूरे होने से कुछ दिन पहले जमीनी स्तर के अपने अनुभवों का हवाला देते हुए राज्य के उत्तर और दक्षिण जिलों के बीच ‘क्षेत्रीय असंतुलन’ को उजागर किया और दावा किया कि उत्तर क्षेत्र में कम समृद्धि के कारण राज्य सरकार और वहां के लोगों के बीच ‘दूरी आयी’ है.

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कोलकाता.

राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने कार्यकाल के दो साल पूरे होने से कुछ दिन पहले जमीनी स्तर के अपने अनुभवों का हवाला देते हुए राज्य के उत्तर और दक्षिण जिलों के बीच ‘क्षेत्रीय असंतुलन’ को उजागर किया और दावा किया कि उत्तर क्षेत्र में कम समृद्धि के कारण राज्य सरकार और वहां के लोगों के बीच ‘दूरी आयी’ है. राज्यपाल बोस ने विभिन्न मुद्दों पर विशेष बातचीत की. इस बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी संवैधानिक सहयोगी और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काम का मूल्यांकन करने से परहेज किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि वह एक नेता के बजाय मुख्यमंत्री के तौर पर उनके प्रदर्शन को लेकर ‘अधिक चिंतित’ हैं. बोस ने अब तक के अपने कार्यकाल पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा : इन दो वर्षों ने मुझे कई सकारात्मक बातें सिखायी हैं. यह एक बहुत ही परिष्कृत राज्य है, जहां कला और संस्कृति पर बहुत जोर दिया जाता है.

23 नवंबर, 2022 को आनंद बोस ने संभाला था राज्यपाल का पदभार

उन्होंने कहा : लेकिन राज्य में कुछ समस्याएं हैं, विशेषकर उत्तर बंगाल में जहां क्षेत्रीय असंतुलन है और उसके कारण दूरी पैदा हो रही है. बोस ने कहा कि गंगा के उत्तर में स्थित जिलों में ‘आर्थिक पिछड़ेपन’ के कारण लोगों की राज्य प्रशासन से ‘दूरी’ पैदा हुई है. उन्होंने 23 नवंबर, 2022 को राज्यपाल का पदभार संभाला था. पद संभालने के बाद से बोस का पश्चिम बंगाल सरकार के साथ विभिन्न मुद्दों पर कई बार टकराव हो चुका है, जिनमें राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति, कोलकाता पुलिस की उनके कार्यालय में कथित जासूसी और राजभवन की एक महिला संविदाकर्मी द्वारा उनके खिलाफ लगाये गये यौन उत्पीड़न के आरोप शामिल हैं.

गोपनीय रखा जायेगा सीएम के काम का मूल्यांकन

सीवी आनंद बोस ने कहा : ममता बनर्जी के काम का मूल्यांकन गोपनीय रखा जायेगा. सबसे पहले इसकी जानकारी उपयुक्त सक्षम प्राधिकारियों को दी जायेगी. उन्होंने कहा : लेकिन एक आम आदमी के नजरिये से या एक संवैधानिक सहयोगी के तौर पर मेरी चिंता मुख्यमंत्री के कामकाज को लेकर है न कि एक नेता को लेकर. मैं इस पर राजनीति नहीं करना चाहता कि वह एक नेता के तौर पर कैसे काम करती हैं. इसका फैसला दूसरे दलों के नेताओं को करना चाहिए, राज्यपाल के तौर पर मुझे नहीं.

ममता बनर्जी मेरे पसंदीदा लोगों की सूची में नहीं : राज्यपाल

हालांकि राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि मुख्यमंत्री के साथ उनके मजबूत पेशेवर संबंध हैं. साथ ही उन्होंने कहा : नेता ममता बनर्जी मेरे पसंदीदा लोगों की सूची में नहीं हैं. अपने कार्यकाल की उपलब्धियों के बारे में बोस ने कहा : मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि बंगाल के लोगों के मन की समझ है, जिसने मुझे वहां के लोगों के और करीब ला दिया है. मैं ऐसा राज्यपाल बनना चाहूंगा, जो लोगों के लिए सुलभ हो. कुछ मीडिया ने मुझे ‘ग्राउंड जीरो गवर्नर’ कहा है और मैं बहुत खुश हूं. मैं ‘ग्राउंड जीरो’ में रहना चाहता हूं. उन्होंने कहा : जब भी कोई संकट आता है, मैं घटनास्थल पर, अस्पताल में, पीड़ितों के परिवारों के पास जाता हूं और राज्यपाल के रूप में मैं हरसंभव तरीके से उनकी सहायता करने का प्रयास करता हूं.

कथित छेड़छाड़ के आरोप को झूठ करार दिया

राजभवन में एक महिला कर्मचारी के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना पर बोस ने नाराजगी व्यक्त की और उन्होंने मामले को ‘एक महिला द्वारा आपराधिक इरादे से गढ़ा गया और मिथ्या’ करार दिया. बोस ने स्पष्ट किया : एक व्यक्ति के तौर पर मेरे खिलाफ कुछ झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाये गये हैं. यह एक आपराधिक मानसिकता वाली महिला द्वारा किया गया है. मैंने कलकत्ता उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर किया हुआ है.

राज्य में आरजी कर घटना और कानून और व्यवस्था की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर बोस ने देश के अन्य हिस्सों के साथ सीधी तुलना करने से परहेज किया. उन्होंने कहा : लेकिन एक बात जिस पर मैं कायम हूं, वह यह है कि हिंसा और भ्रष्टाचार बंगाल के समाज के दो दुश्मन हैं.

बंगाल के लोगों के लिए अपनी भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए बोस ने कहा कि वह अपने ‘कर्तव्य, जिम्मेदारी और संविधान का उल्लंघन होने पर हस्तक्षेप करने के अधिकार’ को प्राथमिकता देते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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