सात दिन पहले ही रची थी बड़ाबाजार के व्यवसायी की हत्या की साजिश!

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सात दिन पहले ही रची थी बड़ाबाजार के व्यवसायी की हत्या की साजिश!

वारदात के चार दिनों पहले ही नायलन रस्सी और बड़ाबाजार से धारदार हथियार खरीदा था.

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पांच माह से बकाया आठ लाख रुपये नहीं दे रहा था व्यवसायी बैरकपुर. बड़ाबाजार के व्यवसायी भागाराम सिंह (32) की हत्या के मामले में गिरफ्तार दो ममेरे भाइयों कृष्णपाल सिंह व करण सिंह से पूछताछ में कई तथ्यों का खुलासा हुआ है. पता चला है कि सात दिनों पहले ही दोनों ने हत्या की साजिश रची थी. वारदात के चार दिनों पहले ही नायलन रस्सी और बड़ाबाजार से धारदार हथियार खरीदा था. दोनों आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां जज ने उन्हें 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया. इधर, गुरुवार को राजस्थान से मृतक के परिजन घोला पहुंचे. थाने में पुलिस अधिकारियों से मृतक की पत्नी और मां ने मुलाकात की. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पांच माह से आठ लाख रुपये देने में व्यवसायी आनाकानी कर रहा था. इधर, घोला थाने की पुलिस ने गिरीश पार्क में जिस घर में घटना हुई थी, उस घर का दौरा कर चुकी है. आरोपियों ने किस तरह से वहां घटना को अंजाम दिया और फिर किस तरह से कैसे कैसे लेकर कल्याणी एक्सप्रेसवे पहुंचे थे. इसकी जानकारी के लिए घटना का पुलिस पुनर्निर्माण करेगी. घटना के दिन मछुआ में रह रहा राजस्थानी निवासी भागाराम गिरीश पार्क थाना क्षेत्र स्थित कृष्णपाल के घर बकाया आठ लाख में से 65 हजार चुकाने पहुंचा था. वहां किराये के घर में कृष्ण और करण रहते हैं. बड़ाबाजार के मुक्ताराम बाबू स्ट्रीट में भागाराम का कपड़े का व्यवसाय है. व्यवसाय के सिलसिले में ही उसने कर्ज लिया था. दोनों इससे आठ लाख रुपये पाते थे. वह उस दिन 65 हजार देने के लिए गया था, लेकिन कृष्णपाल नहीं माना. इसे लेकर काफी बहस हुई थी. इसके बाद व्यवसायी को कॉफी में दवा मिलाकर पिलायी. उसके बेहोश होते ही उसका गला घोंट दिया. मौत सुनिश्चित करने के लिए उसकी गर्दन को धारदार हथियार से रेत दिया. फिर चेहरा और हाथ-मुंह सेलो टेप से बांध कर ट्रॉली बैग में रख दिया. रात में शव ठिकाने लगाने के उद्देश्य से टैक्सी से नागेरबाजार और फिर वहां से कैब बुक कर ट्रॉली बैग को डिक्की में रखकर कल्याणी एक्स्प्रेसवे के खेपली बिल गये थे. कैब चालक राहुल ने पुलिस को बताया कि ट्रॉली बैग को लेकर संदेह होने पर बार-बार पूछने पर दोनों ने उसे पैसे का ऑफर दिया था. लेकिन वह नहीं माना और फिर पुलिस को रास्ते से गुजरते देख गाड़ी रोक सारी घटना बता दी. पुलिस ने ट्रॉली बैग से शव बरामद किया. कृष्णपाल पाल पहले फरार हो गया था, लेकिन बाद में उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया.

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