होली उत्सव में पहुंचे भाजपा के शुभेंदु अधिकारी, माकपा ने दर्ज करायी प्राथमिकी, जानें पूरा मामला

भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा लेकर नंगे पैर शोभायात्रा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी. फोटो : प्रभात खबर
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले होली उत्सव में भाग लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं. माकपा ने उनके खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. लेफ्ट का कहना है कि शुभेंदु अधिकारी ने दोल यात्रा में संविधान विरोधी बयान दिये. तृणमूल कांग्रेस ने भी लीडर ऑफ ऑपोजीशन की आलोचना की है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीम लीडर और वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में ‘डोल यात्रा’ उत्सव और शोभायात्रा में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने हिंदुओं के बीच अधिक एकता का आह्वान किया. इससे नाराज मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवायी है.
शरत बोस रोड में दोल उत्सव में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी
माकपा की ओर से बताया गया है कि बालीगंज इलाके के शरत बोस रोड में आयोजित दोल उत्सव में शुभेंदु अधिकारी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने संविधान विरोधी बयान दिया. माकपा का दावा है कि इस अवसर पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि देश में नास्तिकता, धर्मनिरपेक्षता नहीं चलेगी. हिंदुस्तान में हिंदुओं का राज ही रहेगा.
शुभेंदु अधिकारी ने दिया है ये बयान
इस देश का नाम हिंदुस्तान है. इसका अर्थ है कि हिंदू और अन्य समुदायों के लोग यहां सदियों से शांतिपूर्वक रहते आये हैं. हम कुछ लोगों को धर्मनिरपेक्षता को भारत की सच्ची बहुलवादी भावना से भ्रमित करने और उसे मिलाने की अनुमति नहीं देंगे, जहां विभिन्न धर्मों के लोगों को अपने धर्म का पालन करने का समान अधिकार है.
शुभेंदु अधिकारी, लीडर ऑफ ऑपोजीशन, वेस्ट बंगाल असेंबली
माकपा का दावा – शुभेंदु अधिकारी का बयान संविधान विरोधी
माकपा ने कहा है कि लीडर ऑफ ऑपोजीशन का यह बयान संविधान विरोधी है. हर किसी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है. माकपा ने कहा है कि शुभेंदु अधिकारी के इस बयान के लिए उनके खिलाफ बालीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी है. पार्टी ने यह भी कहा कि सभी को धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे का भाव बनाये रखना होगा.
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धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्दों की हो रही गलत व्याख्या
इससे पहले, भवानीपुर में सनातन हिंदू समाज की रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि देश में ‘धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्दों की गलत व्याख्या की जा रही है’. उन्होंने कहा, ‘इस देश का नाम हिंदुस्तान है. इसका अर्थ है कि हिंदू और अन्य समुदायों के लोग यहां सदियों से शांतिपूर्वक रहते आये हैं. हम कुछ लोगों को धर्मनिरपेक्षता को भारत की सच्ची बहुलवादी भावना से भ्रमित करने और उसे मिलाने की अनुमति नहीं देंगे, जहां विभिन्न धर्मों के लोगों को अपने धर्म का पालन करने का समान अधिकार है.’
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ममता बनर्जी की सरकार को सत्ता से बेदखल करने का आह्वान
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पवित्र ‘डोल यात्रा’ के दिन, मैं अपने हिंदू भाइयों और बहनों से आह्वान करता हूं कि वे शांतिपूर्वक एकजुट होकर इस तुष्टीकरणवादी ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से हटा दें, जो अपने वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को यहां रहने की अनुमति देकर बंगाल की जनसांख्यिकी को बदलना चाहती है.
भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगे शुभेंदु अधिकारी?
पश्चिम बंगाल में अप्रैल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले शुभेंदु अधिकारी के दौरे ने इस चर्चा को बल दिया है कि वह इस बार भवानीपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं. भाजपा ने हाल ही में इस क्षेत्र में एक नया पार्टी कार्यालय भी खोला है.
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शुभेंदु के बयान पर क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक
राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा है कि शुभेंदु अधिकारी की टिप्पणियां चुनाव से पहले भाजपा के हिंदुत्व के रुख का संकेत देती हैं, जिसमें त्योहारों के मंच का उपयोग हिंदू मतदाताओं के बीच समर्थन को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है.
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मुसलमान उपवास भी कर रहे, होली भी खेल रहे – तृणमूल कांग्रेस
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि हिंदुओं के वोट जुटाने के लिए उत्सवों के दौरान भाजपा की ‘सांप्रदायिक और विभाजनकारी टिप्पणियां’ सफल नहीं होंगी. घोष ने कहा- हमारे राज्य में, सभी धर्मों के लोग समान उत्साह के साथ ‘डोल यात्रा’/होली मना रहे हैं. आज मुसलमान उपवास भी रख रहे हैं और होली समारोह में भी भाग ले रहे हैं. यही हिंदुस्तान का सच्चा अर्थ है, न कि भाजपा द्वारा प्रचारित ‘एक राष्ट्र एक समुदाय’ का राज्य.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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