झारखंड सहायक आचार्यों का वेतन भुगतान का रास्ता साफ, शपथ पत्र और PF खाते को लेकर बड़ा आदेश

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Jharkhand Teacher News

झारखंड में सहायक आचार्यों के वेतन भुगतान का रास्ता साफ, Pic Credit- AI Only for symbolism

Jharkhand Teacher News: झारखंड स्कूली शिक्षा विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन ने नवनियुक्त सहायक आचार्यों के लंबित वेतन भुगतान के लिए शपथ पत्र लेने का आदेश जारी किया है. साथ ही 4 महीने में सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन पूरा करने का निर्देश दिया गया है. पढ़ें पूरी खबर.

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रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट

Jharkhand Teacher News, रांची: झारखंड के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में हाल ही में नियुक्त हुए सहायक आचार्यों के लंबित वेतन भुगतान का रास्ता साफ हो गया है. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. शिक्षा निदेशक ने सभी जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षकों (DSE) को निर्देश दिया है कि प्रमाण पत्रों की जांच में हो रही देरी को देखते हुए, नवनियुक्त सहायक आचार्यों से अविलंब शपथ पत्र (Affidavit) लेकर उनके वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.

आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों को मिलेगी राहत

लंबे समय से वेतन का भुगतान नहीं होने के कारण राज्य के नवनियुक्त सहायक आचार्यों को भारी आर्थिक तंगी और विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. शिक्षकों की इस परेशानी को देखते हुए अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ और झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ लगातार वेतन भुगतान की मांग कर रहे थे. हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी शिक्षा विभाग को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने का कड़ा निर्देश दिया था, जिसके बाद यह आदेश जारी हुआ है.

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प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी पत्र में दो मुख्य बातें और कही गई हैं:

  • सभी नवनियुक्त सहायक आचार्यों का भविष्य निधि (Provident Fund) खाता तुरंत खुलवाया जाए
  • निर्धारित प्रपत्र (Format) में शिक्षकों से शपथ पत्र प्राप्त कर वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाए.

4 माह के भीतर पूरा करना होगा सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक (Educational & Training) प्रमाण पत्रों के सत्यापन (Verification) कार्य में तेजी लाई जाए. संबंधित सहायक आचार्यों का सहयोग लेते हुए 4 महीने के भीतर हर हाल में सभी के सर्टिफिकेट्स की जांच पूरी करनी होगी. पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि इस निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी शिक्षक का सत्यापन कार्य पूरा नहीं हो पाता है, तो उसके बाद उनका वेतन स्थगित (Hold) मान लिया जाएगा.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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