ममता बनर्जी 31 सीटों पर ‘वोटर लिस्ट’ को सुप्रीम कोर्ट में देंगी चुनौती, क्या बदल जायेंगे बंगाल के चुनाव परिणाम?

Published by :Mithilesh Jha
Published at :11 May 2026 4:08 PM (IST)
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Supreme Court on West Bengal Election 2026 SIR

Supreme Court on West Bengal Election 2026: सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी को बंगाल चुनाव में SIR प्रक्रिया के तहत हटाये गये वोटों और जीत के कम अंतर को लेकर नयी याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है. क्या 31 सीटों पर दोबारा होगा विचार? जानें पूरी कानूनी इनसाइड स्टोरी.

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Supreme Court on West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मचे राजनीतिक घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर है. कोर्ट ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके सहयोगियों को चुनाव में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ नयी याचिकाएं दायर करने की याचिका को मंजूर कर लिया है.

बंगाल की राजनीति में फिर शुरू हुई हलचल

ममता बनर्जी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल की कम से कम 31 सीटों पर जीत का अंतर उन वोटों की संख्या से भी कम है, जिन्हें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान हटा (Delete) दिया गया था. अदालत के इस रुख ने बंगाल की राजनीति में फिर से हलचल पैदा कर दी है.

31 सीटों पर वोटों की कटौती का पेच

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के सामने तृणमूल कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाये.

  • जीत का अंतर बनाम डिलीट वोट : ममता बनर्जी के वकील कल्याण बनर्जी ने दलील दी कि 31 विधानसभा क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत का मार्जिन उन मतदाताओं की संख्या से कम है, जिनके नाम चुनाव से ठीक पहले लिस्ट से हटाये गये थे.
  • नयी याचिका को मंजूरी : सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे दावे हैं, तो प्रभावित पक्ष नयी और विस्तार से याचिकाएं दाखिल करने के लिए स्वतंत्र हैं. अदालत इन दावों की कानूनी जांच करेगी.

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Supreme Court on West Bengal Election 2026: चुनाव आयोग ने याचिका का किया कड़ा विरोध

भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने ममता बनर्जी के वकील की ओर से दी गयी इन दलीलों का पुरजोर विरोध किया. आयोग ने कहा कि चुनाव संपन्न होने के बाद किसी भी तरह की आपत्ति के लिए चुनाव याचिका (Election Petition) दायर करना ही कानूनी प्रक्रिया है. आयोग ने कहा कि वोट जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया (SIR) नियमों के तहत हुई है. इस मामले में आयोग किसी भी कानूनी अपील का जवाब देने के लिए तैयार है.

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80 बनाम 207: क्या है बंगाल का समीकरण?

हाल ही में संपन्न हुए 294 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में 90 प्रतिशत से अधिक बंपर वोटिंग हुई थी. नतीजों में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है, जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस मात्र 80 सीटों पर सिमट गयी है. अब अगर 31 सीटों पर दोबारा कानूनी पेच फंसता है, तो यह भाजपा सरकार के लिए सिरदर्द बन सकता है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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