सूजापुर में 55 प्रतिशत वोटर कटे, उत्तर बंगाल में BJP को बंपर समर्थन, चुनाव आयोग की रिपोर्ट में खुलासा
West Bengal Election 2026 Statistical Report Special Intensive Revision Sir
West Bengal Election 2026 Statistical Report: चुनाव आयोग ने 2026 बंगाल चुनाव की सांख्यिकीय रिपोर्ट जारी कर दी है. सूजापुर में 55 फीसदी वोटरों के नाम कटने और उत्तर बंगाल में भाजपा की रिकॉर्ड जीत मार्जिन ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
खास बातें
West Bengal Election 2026 Statistical Report: चुनाव आयोग (ECI) ने 2026 विधानसभा चुनाव के नतीजों की ‘सांख्यिकीय रिपोर्ट’ जारी कर दी है. ECINET प्लेटफॉर्म पर जारी आंकड़ों ने बंगाल की राजनीति और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से जुड़े कई राज खोल दिये हैं.
SIR के बाद देखे गये चौंकाने वाले बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की है. सीमावर्ती और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान चौंकाने वाले बदलाव देखे गये. सूजापुर जैसी सीटों पर तो आधे से ज्यादा मतदाताओं के नाम काट दिये गये. आइए, जानते हैं चुनाव आयोग की इस ‘फास्टेस्ट’ रिपोर्ट के सबसे बड़े खुलासे.
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उत्तर बंगाल में भाजपा का क्लीन स्वीप, दक्षिण में कांटे की टक्कर
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जीत के अंतर (Winning Margin) के मामले में भाजपा ने उत्तर बंगाल में अपना दबदबा साबित किया है.
सबसे बड़ी जीत : माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट पर भाजपा ने 1,04,265 वोटों के विशाल अंतर से जीत दर्ज की. इसके बाद डाबग्राम-फूलबाड़ी में 97,715 और इंग्लिश बाजार में 93,784 वोटों के अंतर से उम्मीदवार जीते.
TMC का गढ़ कैनिंग पूर्व और मेटियाबुर्ज : दक्षिण 24 परगना जिले की कैनिंग पूर्व विधानसभा सीट पर 91,954 और मेटियाबुर्ज में 87,879 वोटों के अंतर से जीतकर टीएमसी ने अपनी साख बचायी.
कांटे की लड़ाई : दक्षिण बंगाल में कई सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी बेहद मामूली अंतर से जीते. राजारहाट न्यू टाउन में जीत का अंतर मात्र 316 वोट रहा, जबकि सतगछिया में यह 401 था.
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एसआईआर में सूजापुर में कटे 55 प्रतिशत नाम
रिपोर्ट का सबसे सनसनीखेज हिस्सा मतदाता सूची में हुए बदलावों (SIR) से जुड़ा है. अल्पसंख्यक बहुल और टीएमसी के प्रभाव वाले सीमावर्ती जिलों में बड़े पैमाने पर नाम हटाये गये.
सूजापुर के वोटों का गणित
27 अक्टूबर 2025 को सूजापुर में 2,72,097 वोटर थे. 28 फरवरी 2026 तक इन वोटरों की संख्या घटकर 1,21,687 रह गयी. यानी करीब 55.3 फीसदी मतदाताओं के नाम ‘अयोग्य’ मानकर काट दिये गये.
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इन विधानसभा सीटों पर भी हुई छंटनी
रघुनाथगंज में 1,30,982 नाम कटे, शमशेरगंज में 1,25,337, रतुआ में 1,23,885 और सूती में 1,20,690 भी वोटर लिस्ट से भारी संख्या में लोगों के नाम हटाये गये. ये सभी सीटें टीएमसी के पास हैं.
सबसे कम छंटनी वाले विधानसभा क्षेत्र
भाजपा के कब्जे वाली सबंग और खेजुरी जैसी सीटों पर 10,000 से भी कम लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाये गये.
मतदान में भांगड़ नंबर-1, दार्जिलिंग पिछड़ा
वोटिंग प्रतिशत के मामले में ग्रामीण दक्षिण बंगाल ने बाजी मार ली. जिन विधानसभा सीटों पर सबसे ज्यादा वोटिंग हुई, उसकी लिस्ट इस प्रकार है.
| विधानसभा का नाम | वोट प्रतिशत |
| भांगड़ | 98.07 |
| कैनिंग पूर्व | 98.02 |
| शीतलकुची | 97.97 |
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पहाड़ के मतदाता वोटिंग के दिन रहे सुस्त
बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र के मतदाता वोटिंग के दिन बेहद सुस्त रहे. दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के मतदाताओं ने बेहद कम मतदान किया. हालांकि इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में भी 82 फीसदी से अधिक वोट पड़े.
| विधानसभा का नाम | वोट प्रतिशत |
| दार्जिलिंग | 82.5 |
| कलिम्पोंग | 83.64 |
रघुनाथगंज में महिला मतदाताओं ने की रिकॉर्डतोड़ वोटिंग
रघुनाथगंज में महिला मतदाताओं का जोश देखते ही बना. इस विधानसभा क्षेत्र की 97.93 प्रतिशत महिलाओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके वोटिंग के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिये.
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जहां सबसे ज्यादा नाम कटे, वहीं सबसे ज्यादा वोटर जुड़े
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नाम काटे गये, वहीं फरवरी के बाद सबसे ज्यादा नाम जोड़े भी गये. सूजापुर में 1,14,766 नये नाम जोड़े गये, जबकि रानीनगर और हरिश्चंद्रपुर में भी 70 हजार से ज्यादा नाम फिर से शामिल किये गये.
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