संदेशखाली ममता बनर्जी के लिए खतरे की घंटी? जानिए 2026 का समीकरण और जमीनी हकीकत

Published by :Mithilesh Jha
Published at :16 Apr 2026 6:15 AM (IST)
विज्ञापन
Sandeshkhali Vidhan Sabha West Bengal Election 2026 News

Sandeshkhali Vidhan Sabha: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में संदेशखली विधानसभा (एसटी) सीट ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ी खतरे की घंटी साबित हो सकती है. इस सीट पर कभी कांग्रेस-वामदलों के बीच टक्कर होती थी. अब दंगल ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच है. जानिए 2026 का पूरा समीकरण और जमीनी हकीकत.

विज्ञापन

Sandeshkhali Vidhan Sabha: उत्तर 24 परगना जिले में सुंदरवन के मुहाने पर बसा है संदेशखाली. बशीरहाट लोकसभा के अंतर्गत आने वाले संदेशखाली विधानसभा (एसटी) क्षेत्र में लगातार 2 बार से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जीत रहे हैं. कभी कांग्रेस और वामदलों के बीच टक्कर होती थी. अब माहौल बदल चुका है. यहां टक्कर टीएमसी बनाम भाजपा हो गयी है.

हालांकि, इस बार यानी बंगाल विधानसभा 2026 में टीएमसी, भाजपा, कांग्रेस और वामदलों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं. टीएमसी ने इस बार अपना उम्मीदवार बदल दिया है. सुकुमार महता की जगह झरना सरदार को प्रत्याशी बनाया है. भाजपा ने सनत सरदार को, कांग्रेस ने युधिष्ठिर भूमिज को टिकट दिया है. वामदलों की ओर से माकपा के रवींद्रनाथ महतो यहां ताल ठोंक रहे हैं.

2026 का चुनावी रण : पार्टियों का प्रदर्शन और आंकड़ों की बाजीगरी

संदेशखाली विधानसभा अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित (ST Reserved Seat) है. इसका इतिहास और वर्तमान दोनों दिलचस्प है. निर्वाचन आयोग (eci.gov.in) के आंकड़ों का विश्लेषण करेंगे, तो पायेंगे कि कई दलों के लिए यहां की जमीन अब खिसक रही है. SIR के बाद इस विधानसभा क्षेत्र के वोटर का आंकड़ा बदल गया है. 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए इस सीट पर कुल 2,31,094 वोटर्स हैं. इनमें 1,20,684 पुरुष 1,10,405 महिला और 5 थर्ड जेंडर मतदाता हैं. यह पूरी तरह से ग्रामीम विधानसभा क्षेत्र है.

2016 से संदेशखाली में जीत रही है टीएमसी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को वर्ष 2016 में पहली बार यहां जीत मिली थी. ममता बनर्जी की पार्टी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के 34 साल के दबदबे को खत्म करके यहां विजय ध्वज लहराया था. वर्ष 2021 में सुकुमार महता ने कुल 1,12,450 वोट (54.6 प्रतिशत) हासिल करके अपनी विधायकी बरकरार रखी. हालांकि, लोकसभा चुनाव 2024 में इसी विधानसभा क्षेत्र में टीएमसी पिछड़ गयी और उसे 43.32 प्रतिशत वोट ही मिल पाये.

रॉकेट की तरह बढ़ा बीजेपी के वोट का ग्राफ

भारतीय जनता पार्टी (BJP) का ग्राफ संदेशखाली में रॉकेट की तरह बढ़ा है. वर्ष 2011 में महज 11.27 प्रतिशत वोट पाने वाली बीजेपी ने वर्ष 2021 में 35.36 प्रतिशत और लोकसभा चुनाव 2024 में 47.47 प्रतिशत वोट हासिल की थी.

बंगाल चुनाव की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

1977 से 2011 तक संदेशखाली में था वामदलों का साम्राज्य

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) ने वर्ष 1977 से 2011 तक लगातार 8 बार यहां से जीत दर्ज की. वाममोर्चा की सबसे मजबूत पार्टी माकपा आज पूरी तरह से हाशिये पर है. वर्ष 2016 में निरापद सरदार को टीएमसी के सुकुमार महता ने पराजित कर दिया था. वाम मोर्चा अब अपनी खोयी जमीन तलाश रहा है.

Sandeshkhali Vidhan Sabha: खास बातें

  • वोटर प्रोफाइल : निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021 में यहां 2,45,817 वोटर थे. इनमें 36.04 प्रतिशत अनुसूचित जाति (एससी) और 25.10 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति (एसटी) के मतदाता थे.
  • महिलाओं की स्थिति : संदेशखाली का पूरा मुद्दा इस बार के चुनाव में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के इर्द-गिर्द सिमट गया है.
  • इस बार चुनाव के मुद्दे : भ्रष्टाचार, राशन घोटाला, शेख शाहजहां और मूसा से जुड़ी हिंसा वर्ष 2026 के चुनाव में सबसे बड़े फैक्टर होंगे.

संदेशखाली का चुनावी इतिहास

  • संदेशखाली में वामदलों की लगातार 10 बार की जीत के बाद बना दबदबा खत्म हो चुका है. अब यहां TMC और BJP के बीच सीधी टक्कर है.
  • वर्ष 2016 में 87.20 प्रतिशत वोट हुआ था. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में यहां 82.16 प्रतिशत वोट हुआ. मतदान प्रतिशत में 5 प्रतिशत की गिरावट आयी.
  • जनवरी 2024 की हिंसा और भ्रष्टाचार के आरोपों ने सत्ताधारी पार्टी की छवि पर गहरा असर डाला है. जनवरी 2025 में मूसा कांड ने इस दाग को और गहरा कर दिया है.
  • भाजपा ने पिछले 10 सालों में अपने वोट शेयर को 11 प्रतिशत से बढ़ाकर 47 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है. यह बताता है कि क्षेत्र में उसकी पकड़ मजबूत हुई है.

संदेशखाली एसटी विधानसभा चुनाव 2021 के आंकड़े

उम्मीदवारपुरुषमहिलाथर्ड जेंडरकुल
नामांकन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या6006
नामांकन रद्द 0000
नाम वापस लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या0000
चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की संख्या6006
जमानत जब्त4004
निर्वाचक
सामान्य (विदेशी मतदाताओं को छोड़कर)1222551163125238572
आप्रवासी मतदाता (ओवरसीज वोटर)0000
सर्विस वोटर583061
कुल1223131163155238633
मतदाता
सामान्य (विदेशी मतदाताओं को छोड़कर)105902989930204895
आप्रवासी मतदाता (ओवरसीज वोटर)0000
प्रॉक्सी वोटर0
पोस्टल मतदाता1139
कुल105902989930206034
मतदान का प्रतिशत86.34 प्रतिशत
वोट का हिसाब
इवीएम में पड़े कुल मत204895
इवीएम से घटाये गये वोट (टेस्ट+अन्य कारणों से रद्द+ ‘NOTA’)2454
इवीएम में दर्ज कुल वैध मत202441
पोस्टल वोटर के कुल मत1139
पोस्टल वोटर से घटाये मत (पोस्टल वोटर के रद्द मत + पोस्टल वोटर के द्वारा NOTA को दिये गये वोट)249
पोस्टल मतदाताओं के वैध मतों की संख्या890
कुल वैध मतों की संख्या203331
इवीएम में टेस्ट वोट की संख्या0
NOTA को पड़े कुल मतों की संख्या (पोस्टल वोट समेत)2456
टेंडर वोट0
स्रोत : इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया

संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र का वर्तमान विधायक किस पार्टी से है?

वर्तमान में संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कब्जा है और सुकुमार महता यहां के विधायक हैं.

क्या संदेशखाली एक आरक्षित सीट है?

जी हां. वर्ष 2008 के परिसीमन आदेश के बाद से यह सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हो गयी है.

वर्ष 2021 के चुनाव में हार-जीत का अंतर क्या था?

वर्ष 2021 में तृणमूल कांग्रेस के सुकुमार महता ने भाजपा के डॉ भास्कर सरदार को 39,685 वोटों के अंतर से पराजित किया था.

संदेशखाली में मुख्य चुनावी मुद्दे क्या हैं?

संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र में इस बार मुख्य रूप से भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ हिंसा (शेख शाहजहां मामला) और सुंदरवन इलाके में बुनियादी ढांचे का अभाव प्रमुख मुद्दे हैं.

बंगाल चुनाव परिणाम 2021: संदेशखाली एसटी विधानसभा सीट का पूरा गणित यहां देखें

उम्मीदवारों के नामउम्मीदवार का लिंगउम्रवर्गपार्टी का नामसामान्य वोटपोस्टल वोटकुल वोटप्राप्त वोट का प्रतिशतकुल वोट पड़े
सुकुमार महतापुरुष44एसटीतृणमूल कांग्रेस11197048011245054.64238633
डॉ भास्कर सरदारपुरुष43एसटीबीजेपी724163497276535.36238633
बरुण महतोपुरुष38एसटीआरएसएससीएमजेपी1434047143876.99238633
NOTANOTA2454224561.19238633
हरिश्चंद्र सरदारपुरुष55एसटीनिर्दलीय1955619610.95238633
सुबल चंद्र सरदारपुरुष50एसटीनिर्दलीय1058510630.52238633
खोकन सरदारपुरुष46एसटीनिर्दलीय70237050.34238633
कुल20489589220578786.24
स्रोत : इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया

इसे भी पढ़ें

बंगाल चुनाव से पहले आई-पैक कार्यालय पर ईडी की रेड पर सीपीएम ने कह दी ये बड़ी बात

बंगाल चुनाव 2026: भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य से दिलीप घोष की मुलाकात से राजनीतिक हलचल तेज

बंगाल चुनाव 2026 की तैयारी में जुटी भाजपा, दिलीप घोष ने अमित शाह की तारीफों के पुल बांधे

कोलकाता में गरजे अमित शाह, कहा- घुसपैठ को बढ़ावा दे रहीं ममता बनर्जी, 15 अप्रैल के बाद बंगाल में भाजपा सरकार

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola