हमें अपने बेटे शुभेंदु पर गर्व है : RSS के सरकार्यवाह होसबाले ने बंगाल के मुख्यमंत्री को बताया अपने परिवार का अटूट हिस्सा

Published by : Mithilesh Jha Updated At : 14 May 2026 6:45 AM

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दत्तात्रेय होसबाले और शुभेंदु अधिकारी.

Dattatreya Hosabale on Suvendu Adhikari: RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने शुभेंदु अधिकारी को संघ परिवार का 'पुत्र' बताया है. उन्होंने कहा कि बंगाल में स्वयंसेवकों के उत्पीड़न ने ही सुनामी पैदा की, जिससे भाजपा को जीत मिली. जानें संघ और CM के रिश्तों पर क्या बोले होसबाले.

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Dattatreya Hosabale on Suvendu Adhikari: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पश्चिम बंगाल के नये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को अपना पुत्र बताते हुए उन्हें संघ परिवार का एक गौरवशाली सदस्य करार दिया है. संघ के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी को संघ का हिस्सा बनने के लिए किसी औपचारिक सदस्यता फॉर्म की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि जिस तरह घर में आने वाली पुत्रवधू बिना किसी फॉर्म के परिवार का स्वाभाविक हिस्सा बन जाती है, उसी तरह शुभेंदु भी अब इस वैचारिक परिवार के अभिन्न अंग हैं.

बेटे पर गर्व और दामाद वाले सवाल का करारा जवाब

होसबाले से जब पूछा गया कि क्या दूसरी पार्टी से आकर भाजपा में मुख्यमंत्री बनने वाले शुभेंदु अधिकारी संघ के लिए ‘दामाद’ की तरह हैं, तो उन्होंने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में कहा. हमें इस बेटे पर गर्व है. संघ में कोई लिखित सदस्यता नहीं होती. होसबाले ने कहा कि उन्होंने खुद कभी कोई फॉर्म नहीं भरा. जो विचारधारा से जुड़ गया, वह परिवार का सदस्य बन गया.

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हिमंता बिस्व सरमा और सम्राट चौधरी का दिया उदाहरण

हिमंता बिस्व शर्मा और सम्राट चौधरी जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा का विस्तार उसकी स्वीकार्यता का प्रमाण है. इससे संघ खुश है. होसबाले ने बंगाल चुनाव के परिणामों को एक ‘सभ्यतागत सुनामी’ बताया. उन्होंने इसके पीछे के संघर्ष को विस्तार से समझाया.

  • दोहरा उत्पीड़न : बंगाल में स्वयंसेवकों ने पहले कम्युनिस्टों और फिर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासन के दौरान भारी उत्पीड़न सहा है.
  • दीवार से टकराकर पलटवार : उन्होंने कहा कि जब किसी को दीवार की ओर धकेल दिया जाता है, तो वह पलटकर वार करता है. बंगाल में यही हुआ.
  • हर घर में कार्यकर्ता : होसबाले ने कहा कि बंगाल में सनातन हिंदू और राष्ट्रवाद की बात करने पर हमले हुए, जिसके कारण हर हिंदू मतदाता खुद एक ‘हिंदू कार्यकर्ता’ में बदल गया.

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Dattatreya Hosabale on Suvendu Adhikari: हम सेना नहीं, समाज सेवक हैं : होसबाले

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका पर स्पष्टीकरण देते हुए सरकार्यवाह ने कहा कि स्वयंसेवक केवल भाजपा की मदद नहीं कर रहे थे, बल्कि समाज की सुरक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि संघ कोई सेना नहीं है, समाज के प्रति प्रेम से प्रेरित एक संगठन है. संकट के समय स्वयंसेवकों ने उन लोगों की भी मदद की है, जो हिंदू नहीं हैं या संघ के सदस्य नहीं हैं.

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संघ के सबसे लाडले ‘पुत्र’ बन गये शुभेंदु अधिकारी

दत्तात्रेय होसबाले का यह बयान शुभेंदु अधिकारी के कद को संघ परिवार के भीतर और भी ऊंचा करता है. यह उन विरोधियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है, जो शुभेंदु को भाजपा और संघ के भीतर ‘बाहरी’ करार देने की कोशिश करते थे. अब यह साफ है कि ‘दीदी’ के पूर्व सेनापति अब संघ के सबसे लाडले ‘पुत्र’ बन चुके हैं.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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