बंगाल के कोल्ड स्टोरेज में आलू के लिए जगह नहीं, बांकुरा में किसानों ने किया हंगामा

Updated at : 23 Mar 2026 1:48 PM (IST)
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बंगाल के कोल्ड स्टोरेज में आलू के लिए जगह नहीं, बांकुरा में किसानों ने किया हंगामा

प्रदर्शन करते किसान

Potato Farmer : आलू की 5,000 बोरियों को रखने की जगह अभी भी मौजूद है, लेकिन अधिकारियों ने उससे पहले ही कोल्ड स्टोरेज को बंद करने का फैसला कर लिया है. फैसले के विरोध में आलू व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया.

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Potato Farmer : कोलकाता. बंगाल में कोल्ड स्टोरेज को बंद किया जा रहा है. बांकुरा में अधिकारियों ने कोल्ड स्टोरेज बंद करने की घोषणा कर दी है. अधिकारियों की इस घोषणा के बाद आलू किसान आक्रोशित हैं. अधिकारियों के इस फैसले से आलू की 5,000 बोरियां बाहर रह गईं हैं. इस घटना को लेकर बांकुरा के कोतुलपुर में तनाव फैल गया. स्थानीय आलू किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बिष्णुपुर-आरामबाग राज्य सड़क को काफी देर तक जाम कर दिया. बाद में कोतुलपुर पुलिस स्टेशन की मध्यस्थता से जाम हटा लिया गया. आलू किसानों का दावा है कि कोल्ड स्टोरेज सुविधा के अधिकारी किसानों के आलू रखने के बजाय व्यापारियों के लिए उस जगह को खाली रखने की कोशिश कर रहे हैं.

किसानों ने अधिकारियों पर लगाया गंभीर आरोप

किसानों का कहना है कि खुले बाजार में आलू का कोई भाव नहीं है. स्वाभाविक रूप से सभी आलू किसान आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखने और कीमत बढ़ने पर बेचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद, कई कोल्ड स्टोरेज अधिकारी उन्हें ऐसा करने से रोक रहे हैं. अधिकारियों ने बांकुरा के कोटुलपुर ब्लॉक में एक निजी कोल्ड स्टोरेज सुविधा को बंद करने की घोषणा की थी, जिससे 5,000 बोरी आलू रखने की जगह खाली हो गई थी. इस घोषणा के विरोध में आज कोल्ड स्टोरेज सुविधा के सामने तनाव फैल गया. किसानों ने बिष्णुपुर आरामबाग स्टेट रोड को अवरुद्ध कर दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. कुछ समय तक नाकाबंदी जारी रहने के बाद, सूचना मिलने पर कोटुलपुर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी अंततः नाकाबंदी स्थल पर पहुंचे.

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किसानों को आलू रखने की मिली जगह

पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज अधिकारियों से बात की और उन्हें आदेश दिया कि जब तक कोल्ड स्टोरेज का खाली हिस्सा भर नहीं जाता, तब तक किसानों से आलू लेते रहें. जब कोल्ड स्टोरेज अधिकारियों ने पुलिस के निर्देशों का आश्वासन दिया, तो किसानों की नाकाबंदी हटा ली गई. कोल्ड स्टोरेज अधिकारियों का दावा है कि कोल्ड स्टोरेज में आलू के भंडारण को लेकर शुरू हुए हंगामे के बाद किसानों से आलू लेना अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया था. कोल्ड स्टोरेज प्राधिकरण के कुमारेश चक्रवर्ती ने कहा- पांच हजार बोरी रखने की जगह बची थी, लेकिन हम चल रही परेशानी को बर्दाश्त नहीं कर सकते थे. अब, अगर हमें पांच हजार बोरी रखने की अनुमति दी जाती, तो हमें 50 हजार बोरी मिल जातीं. अब पुलिस और किसानों ने सहयोग किया है. हम केवल पांच हजार बोरी ही रखेंगे.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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