कल्याण बनर्जी पर अब ममता बनर्जी को भरोसा नहीं, इस वकील को सौंप रही पार्टी का केस

Edited by Ashish Jha
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कल्याण बनर्जी

Kalyan Banerjee: तृणमूल कांग्रेस अभी कई मामलों में फंसी हुई है. इसके चलते पार्टी में एक तरह से फूट पड़ गई है. ऐसे में, अभिषेक बनर्जी के साथ एक मामले को लेकर हुए मतभेद के बाद, पार्टी के अन्य कई मामलों में वकीलों की नियुक्ति को लेकर कल्याण का नेतृत्व से मतभेद भी महत्वपूर्ण है.

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Kalyan Banerjee: कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व को अब वकील कल्याण बनर्जी पर भी भरोसा नहीं रहा. कल्याण और तृणमूल नेतृत्व के बीच मतभेद जारी हैं. तृणमूल कई मामलों में कल्याण की जगह किसी और वकील को नियुक्त करने की कोशिश कर रही है. सेरामपुर से तृणमूल सांसद ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है.

कल्याण ने जतायी थी आपत्ति

कल्याण ममता बनर्जी के लंबे समय से सहयोगी हैं. उन्होंने पूर्व सत्ताधारी पार्टी तृणमूल के कई महत्वपूर्ण मामलों में पैरवी की है. चाहे सिंगुर-नंदीग्राम का मामला हो या रिजवानुर रहमान का, या एसआईआर का मामला हो या भर्ती भ्रष्टाचार का, इन सभी मामलों में कल्याण वकील थे. हाल ही में कल्याण ने अभिषेक बनर्जी के मामले से खुद को अलग कर लिया. उन्होंने यहां तक ​​कह दिया कि वे ममता बनर्जी के लिए अब कोई मुकदमा नहीं लड़ेंगे.

अभिषेक को लेकर बढ़ा विवाद

इसका कारण अभिषेक के प्रति नाराजगी बताया गया था. हालांकि, बाद में मीडिया के सामने दोनों के बीच फिर से अनबन हो गई. उन्होंने अभिषेक को अपना बेटा कहकर मामले को सुलझा भी लिया, लेकिन अब पता चला है कि कल्याण ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से थोड़ा नाराज़ हैं. ममता और अभिषेक की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान उन्होंने एक अन्य वकील की नियुक्ति पर आपत्ति जताई.

ईडी मामले में मेनका ने दिया साथ

तृणमूल नेतृत्व कई मामलों में कल्याण की जगह मेनका गुरुस्वामी और अन्य वकीलों को नियुक्त करने पर विचार कर रहा है. यह मेनका सिर्फ वकील ही नहीं हैं, बल्कि राज्यसभा में तृणमूल की मनोनीत सांसद भी हैं. उन्होंने एआईपीएसी मामले में राज्य सरकार की ओर से ईडी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की थी. उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ जांच में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.

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मेनका पर बढ़ा भरोसा

बाद में तृणमूल ने उन्हें राज्यसभा सांसद बनाया. अब राज्य की पूर्व सत्ताधारी पार्टी उसी मेनका पर अपना भरोसा बढ़ाना चाहती है. कल्याण इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं. सूत्रों का दावा है कि चल रही बैठक के दौरान पार्टी के वकील सांसद ने अपना गुस्सा ज़ाहिर किया. हाल ही में तृणमूल कई मामलों में शामिल रही है, जिसके चलते पार्टी में फूट जैसी स्थिति पैदा हो गई है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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