वीडियो शेयर कर ममता बनर्जी पर भड़की भाजपा, कहा- चप्पल पहनकर बाबा साहेब को दी श्रद्धांजलि, यही है टीएमसी की सोच
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 03 Jun 2026 6:03 PM
Mamata Banerjee Slippers Controversy: भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो साझा कर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर डॉ. भीमराव आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाया है. भाजपा का कहना है कि ममता ने चप्पल पहने हुए पुष्पांजलि दी, जो उनकी दलित विरोधी मानसिकता को दिखाता है.
खास बातें
Mamata Banerjee Slippers Controversy: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और आंतरिक राजनीतिक उठापटक के बीच अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी एक नये विवाद में घिर गयी हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर का ‘घोर अपमान’ करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है.
भाजपा ने बताया दलित समाज व संवैधानिक मूल्यों का अपमान
भाजपा का दावा है कि एक ताजा वीडियो में ममता बनर्जी पैरों में चप्पल पहने हुए ही बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करती दिखाई दे रही हैं. इस वीडियो के सामने आते ही भाजपा ने दिल्ली से लेकर कोलकाता तक टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इसे दलित समाज व संवैधानिक मूल्यों का अपमान करार दिया है.
शहजाद पूनावाला का वीडियो धमाका
इस पूरे विवाद को हवा देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक छोटा वीडियो साझा किया. पूनावाला ने इस वीडियो के जरिये टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व की मानसिकता पर तीखा हमला बोला.
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चप्पल उतारना तक जरूरी नहीं समझा : पूनावाला
भाजपा प्रवक्ता ने लिखा- आंबेडकर जी का अपमान करना ही तृणमूल कांग्रेस की एकमात्र पहचान बन चुकी है. जिस तरह ममता बनर्जी ने बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित करते समय अपने पैरों से चप्पल तक उतारने की जरूरत नहीं समझी, वह साफतौर पर तृणमूल कांग्रेस, ममता बनर्जी और उनके कुनबे की असली मानसिकता को उजागर करता है.
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संवैधानिक संस्थाओं पर चोट का आरोप
पूनावाला ने दावा किया कि यह कोई पहली घटना नहीं है. तृणमूल ने बार-बार डॉ आंबेडकर के आदर्शों और सिद्धांतों के विपरीत जाकर काम किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने हमेशा न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग जैसी देश की शीर्ष संवैधानिक संस्थाओं को अपमानित करने का प्रयास किया है.
Mamata Banerjee Slippers Controversy: वोट बैंक के लिए एससी-ओबीसी का हक छीना
इस विवाद को भाजपा ने बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और दलित-पिछड़ा कार्ड से बेहद रणनीतिक ढंग से जोड़ दिया है. पूनावाला ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की पार्टी ने वोट बैंक की राजनीति के लिए बाबा साहेब के बनाये संविधान की धज्जियां उड़ाई हैं. वोट बैंक के चक्कर में ओबीसी (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) का जायज आरक्षण छीनकर मुस्लिम समुदाय को दे दिया.
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संविधान से ऊपर शरिया को रखती है टीएमसी : शहजाद
भाजपा ने टीएमसी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि इस दल ने देश के संविधान से ऊपर शरिया को रखा है. यही वजह है कि जब संसद में वक्फ संबंधी केंद्रीय कानून लाया गया, तो टीएमसी ने दलितों और वंचितों के हितों की अनदेखी करते हुए इसका पुरजोर विरोध किया था.
समूचे इंडिया गठबंधन को लिया लपेटे में
शहजाद पूनावाला ने ममता बनर्जी ही नहीं, समूचे इंडिया (INDIA) गठबंधन और कांग्रेस को भी लपेटे में ले लिया. कहा कि कांग्रेस स्वयं आंबेडकर विरोधी रही है. विपक्ष के इन तमाम दलों के लिए देश का संविधान और बाबा साहेब के आदर्श सिर्फ दिखावा हैं, जबकि हकीकत में ये वोट बैंक की राजनीति को हर चीज से ऊपर रखते हैं. इन्होंने आदिवासी समुदाय से आने वाली देश की पहली महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बार-बार अपमान किया. OBC वर्ग से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी लगातार अपमान करते रहते हैं.
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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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