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चिकित्सकों को साफ-साफ लिखना होगा प्रिस्क्रिप्शन

Updated at : 20 Dec 2025 1:24 AM (IST)
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चिकित्सकों को साफ-साफ लिखना होगा प्रिस्क्रिप्शन

स्वास्थ्य विभाग का निर्देश. अब लिखना होगा जेनेरिक दवा का नाम

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मरीज का ब्लड प्रेशर, पल्स रेट और ऑक्सीजन सैचुरेशन का भी करना होगा उल्लेख कोलकाता. सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंने वाले मरीजों की सहूलियत के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़ी पहल की गयी है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नया निर्देश जारी किया गया है. इस निर्देश से पहले राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न सरकारी अस्पतालों के प्रिस्क्रिप्शन की जांच की गयी थी. विभाग ने जांच में पाया कि डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन पर लिखने से पहले कोई तरीका नहीं मान रहे हैं. यहीं नहीं अधिकांश चिकित्सक प्रिस्क्रिप्शन में जेनरिक दवाओं के नाम भी नहीं लिख रहे हैं. वे दवाओंं के ब्रांड नाम लिख रहे हैं. आउटडोर टिकट पर क्लिनिकल डायग्नोसिस का भी कोई जिक्र नहीं होता है. प्रिस्क्रिप्शन पर डॉक्टर की पूरी पहचान का भी उल्लेख नहीं होता है. हालांकि, प्रिस्क्रिप्शन पर डॉक्टर के पूरे साइन के साथ तारीख और समय लिखना अनिवार्य है. ऐसे राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक नया सर्कुलर जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि बार-बार गड़बड़ियां देखने को मिल रही हैं. सरकारी अस्पतालों के कई प्रिस्क्रिप्शन में डॉक्टर की हैंडराइटिंग साफ नहीं होते. यह पढ़ने लायक भी नहीं होता है. प्रिस्क्रिप्शन में मरीज की जरूरी जानकारी या जरूरी जानकारी जैसे ब्लड प्रेशर, पल्स रेट और ऑक्सीजन सैचुरेशन का जिक्र नहीं होता है. ऐसे विभा की ओर से जारी सख्त निर्देश में कहा गया है कि डॉक्टर को हर प्रिस्क्रिप्शन में मरीज का ब्लड प्रेशर, पल्स रेट, ऑक्सीजन सैचुरेशन लिखना होगा. प्रिस्क्रिप्शन में यह भी बताना होगा कि दवा लेने के बाद मरीज अब कैसा महसूस कर रहा है और कितने समय तक मरीज को दवा लेना चाहिए. कोलकाता मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल प्रो. डॉ इंद्रनील विश्वास ने हेल्थ डिपार्टमेंट के इस नये निर्देश की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि प्रिस्क्रिप्शन असल में एक डॉक्टर द्वारा लिखी गयी गाइडलाइन होती है. डॉक्टर इसे फार्मासिस्ट के लिए लिखता है. फार्मासिस्ट इस गाइडलाइन को पढ़कर मरीज को दवा देते हैं. ऐसे में एक सही और साफ प्रिस्क्रिप्शन बहुत जरूरी है. डॉ इंद्रनील विश्वास के अनुसार अगर फार्मासिस्ट ही प्रिस्क्रिप्शन नहीं पढ़ सकेगा, तो मरीज को गलत दवा दे सकता है. वहीं हर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को दवाओं के जेनेरिक नाम लिखना चाहिए. प्रोग्रेसिव हेल्थ एसोसिएशन के सदस्य और रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ कार्बी बराल के अनुसार, दवाओं के जेनेरिक नाम हर समय लिखने और प्रिस्क्रिप्शन साफ हैंडराइटिंग में लिखने की जो गाइडलाइंस आयी हैं, वह तारीफ के काबिल हैं. वहीं हेल्थ डिपार्टमेंट की नयी गाइडलाइंस हर जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के सुपरिटेंडेंट और ब्लॉक मेडिकल हेल्थ ऑफिसर को भेज दी गयी है. कहा गया है कि आने वाले दिनों में प्रिस्क्रिप्शन लिखते समय पूरी सावधानी बरती जाये. हर दवा के लिए पूरे मेडिकल इंस्ट्रक्शन दिये जायें. यानी दवा का डोज, मरीज उस दवा को कितने समय तक ले सकता है और कैसे लेना है यह साफ-साफ लिखा होना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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