बंगाल में 2011 के बाद का जाति प्रमाणपत्र संदिग्ध, राज्य सरकार ने सत्यापन के दिये आदेश

Author Ashish Jha
Updated:
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सांकेतिक

Caste Certificates: मंत्री ने पहले कहा था कि जिन अधिकारियों की देखरेख में ऐसे प्रमाणपत्र जारी किये गये थे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.

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Caste Certificates: कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर राज्य में वर्ष 2011 से जारी सभी जाति प्रमाणपत्रों का पुन: सत्यापन करने का निर्णय लिया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने शुक्रवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर पुन: सत्यापन प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया. पूर्व सरकार के कार्यकाल में जाति प्रमाणपत्र जारी करने में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप बार-बार सामने आये थे.

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फर्जी प्रमाण पत्र की जांच के निर्देश

राज्य के जनजातीय विकास और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा कि उस दौरान कई फर्जी प्रमाणपत्र जारी किये गये थे. टुडू ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में बड़ी संख्या में फर्जी एससी, एसटी और ओबीसी प्रमाण पत्र जारी किये गये और कई लोगों ने इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करके लाभ उठाया. मंत्री ने पहले कहा था कि जिन अधिकारियों की देखरेख में ऐसे प्रमाणपत्र जारी किये गये थे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.

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