बंगालियों के नाम सीवी आनंद बोस का भावुक पत्र, लिखा- मेरी प्रजा की रक्षा करो, मां दुर्गा

Updated at : 11 Mar 2026 2:28 PM (IST)
विज्ञापन
बंगालियों के नाम सीवी आनंद बोस का भावुक पत्र, लिखा- मेरी प्रजा की रक्षा करो, मां दुर्गा

सीवी आनंद बोस

CV Ananda Bose: पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बंगाल के लोगों के नाम एक भावुक पत्र लिखा है. उन्होंने मैं बंगाल नहीं छोड़ सकता, और बंगाल मुझे जाने नहीं देगा.

विज्ञापन

CV Ananda Bose: कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कोलकाता से विदा होते हुए राज्य की जनता के नाम एक खुला पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने भावुक होकर बंगाल के लोगों की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि उन्हें बंगाल से बेहद लगाव है. तीन साल चार महीने बाद राज्यपाल पद से अचानक इस्तीफा देकर बंगाल छोड़ते हुए भी वे राज्य के प्रति अपना लगाव स्पष्ट किया. पत्र में उन्होंने कहा कि आम लोगों से मिलने की यादें, बच्चों का उत्साह, युवाओं का दृढ़ हाथ मिलाना और बड़ों की स्नेह भरी निगाहें उनके लिए अनमोल रहेंगी. उन्होंने महात्मा गांधी के एक कथन का हवाला देते हुए कहा- महात्मा गांधी ने कहा था, मैं बंगाल नहीं छोड़ सकता, और बंगाल मुझे जाने नहीं देगा. यही भावना मेरे मन में भी है.

बंगाल हमारा दूसरे घर

नवंबर 2022 में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनते समय उन्होंने यही बात कही थी. उनके ‘बोस’ नाम के पीछे नेताजी सुभाष चंद्र बोस का प्रभाव भी झलकता है. उन्होंने बंगाली में एक किताब लिखने की इच्छा भी जताई थी. पत्र की शुरुआत में आनंद बोस ने पश्चिम बंगाल की जनता को अपने प्रिय भाई-बहन बताया. पश्चिम बंगाल की जनता के प्रेम, समर्थन और सहयोग के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्होंने पत्र में लिखा कि राज्यपाल के रूप में उनका कार्यकाल भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन पश्चिम बंगाल से उनका रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल अब उनका ‘दूसरा घर’ है और भविष्य में भी वे इस राज्य से घनिष्ठ रूप से जुड़े रहेंगे. पत्र के अंत में उन्होंने पश्चिम बंगाल के लोगों की प्रगति और समृद्धि की कामना की.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

शिखर पर पहुंचेगा बंगाल गौरव

पत्र में उन्होंने कवि रवींद्रनाथ टैगोर के एक प्रसिद्ध कथन का भी उल्लेख किया, जिसमें श्रमिक वर्ग में ईश्वर की उपस्थिति का जिक्र है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा किया है और आम लोगों से घनिष्ठ रूप से बातचीत की है. उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आम लोगों के घरों में भोजन करना, युवा छात्रों के साथ अध्ययन करना और प्रतिष्ठित व्यक्तियों से चर्चा करना उनके लिए अत्यंत मूल्यवान अनुभव रहा है. राज्यपाल ने कहा कि बंगाल के लोग अपने सामाजिक मूल्यों और संस्कृति पर गहरा गर्व महसूस करते हैं, जो बंगाली मानसिकता की पहचान हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आने वाले दिनों में बंगाल गौरव के शिखर पर पहुंचेगा. अंत में उन्होंने लिखा, ‘देवी दुर्गा मेरी प्रजा की रक्षा करें.

Also Read: सीवी आनंद बोस से मिलीं ममता बनर्जी, बोली- आपको फिर से बंगाल आना चाहिए

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola