Bengal Bandh: भाजपा का बंगाल बंद शुरू, जगह-जगह ट्रेनें रोकी, छात्र आंदोलन के दौरान हुआ था बवाल

बंगाल बंद के दौरान सुबह-सुबह भाजपा ने दक्षिण बारासात में रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया.
Bengal Bandh: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में भाजपा का बंगाल बंद शुरू. ट्रेनें रोकी गईं.
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Bengal Bandh: पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में आंदोलन जारी है. छात्र आंदोलन के दौरान कोलकाता और हावड़ा में हुए बवाल के बाद बुधवार (28 अगस्त) को 12 घंटे के बंगाल बंद का आह्वान किया गया है. सुबह से ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है.
बंगाल सरकार ने बंद को अवैध करार दिया
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने बंद को अवैध करार दिया है, बावजूद इसके सुबह से बंगाल बंद का असर देखा जा रहा है. कोलकाता की सड़कें सुनसान हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अग्निमित्रा पाल ने सुबह-सुबह सड़क पर उतरकर बंद का जायजा लिया. उन्होंने पुलिस पर हमला बोला. कहा कि ये लोग रीढ़विहीन हो गए हैं. पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है.
प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के विरोध में बंगाल बंद
मंगलवार को छात्रों के आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस की ओर से दागे गए आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार के लिए भी उन्होंने पुलिस की आलोचना की. कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए निकले प्रदर्शनकारियों पर पानी में केमिकल मिलाकर उन पर पानी की बौछार की गई. अग्निमित्रा पाल ने कहा कि ये लोग राज्य की महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम हैं. जब महिलाएं प्रदर्शन करतीं हैं, तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल का इस्तेमाल करती है. हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा.
कोलकाता और सिलीगुड़ी में दिख रहा बंद का असर
कोलकाता में छात्रों के नबान्न अभियान को विफल करने के लिए पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज किया था. प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए. पानी की बौछार की गई. बुधवार को सुबह में उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में भी डॉक्टर दुष्कर्म-हत्याकांड के विरोध में बंद का असर देखा गया. कोलकाता की सड़कों पर बसें तो चल रहीं हैं, लेकिन उनमें यात्री नाममात्र के ही हैं.
बैरिकेडिंग पार करने के दौरान हुआ बवाल
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या की जघन्य घटना के विरोध में मंगलवार को पश्चिम बंगाल छात्र समाज के नबान्न (राज्य सचिवालय) अभियान के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में अलग-अलग जगहों पर हिंसक झड़प हो गयी. कोलकाता और हावड़ा में विभिन्न जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड पार करने की कोशिश की, तो बवाल हो गया.
छात्र आंदोलन के दौरान कोलकाता में 26 पुलिसकर्मी हुए घायल
अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प हो गयी. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए पानी की बौछारें की गयीं. झड़प के दौरान पथराव और आगजनी की घटना भी हुई. इस दौरान कोलकाता में 26 पुलिसकर्मी घायल हो गये. पुलिस लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं.

11 थानों में केस दर्ज, 126 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
कोलकाता के 11 थानों में मामले दर्ज कर 126 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि हावड़ा में 94 लोगों को अरेस्ट किया गया. कुल 220 आंदोलनकारी गिरफ्तार किये गये हैं. पुलिस की ओर से बताया गया है कि हालात को काबू में लाने के लिए 73 राउंड आंसू गैस के गोले दागे गये हैं.
ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग पर छात्रों का नबान्न अभियान
पश्चिम बंगाल छात्र समाज ने आरजी कर अस्पताल की घटना के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग को लेकर नबान्न अभियान का एलान किया था. भाजपा ने नबान्न अभियान के दौरान पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ बुधवार को सुबह छह से शाम छह बजे तक 12 घंटे के बंगाल बंद का आह्वान किया है.
बड़ाबाजार में भी पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों में झड़प
महात्मा गांधी रोड से नबान्न अभियान के लिए विशाल जुलूस निकाला गया. जुलूस जब हावड़ा की ओर बढ़ने लगा तो पुलिस ने रोकने की कोशिश की. इस दौरान आंदोलनकारी नारे लगाते हुए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने लगे. इसके बाद पुलिस ने पानी की बौछार शुरू कर दी. साथ ही लाठीचार्ज भी किया गया.
बाबूघाट में आंदोलनकारियों ने पुलिस की मोटरसाइकिल जलाई
बाबूघाट में आंदोलनकारियों ने पुलिस की दो मोटरसाइकिलों में आग लगा दी. वाटर कैनन के पानी से पुलिस ने आग बुझाने की कोशिश की. लगभग तीन घंटे तक पुलिस आंदोलनकारियों को रोकने के लिए मशक्कत करती रही. शाम तक आंदोलन जारी रहा. पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गयी. प्रिंसेप घाट से पुलिस ने कई आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया. इसके साथ कई लोगों पर लाठीचार्ज भी किया गया.

हेस्टिंग्स में पुलिस पर आंदोलनकारियों ने किया पथराव
हेस्टिंग्स में पुलिस को लक्ष्य कर आंदोलनकारियों ने पथराव किया. पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग कर उन्हें तितर-बितर किया. हेस्टिंग्स में बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह व भाजपा नेता कौस्तव बागची को भी नबान्न अभियान में देखा गया. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री सुकांत मजुमदार के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में भाजपा समर्थकों ने मंगलवार शाम को लालबाजार का घेराव किया. इस दौरान पुलिस बैरिकेड को आंदोलनकारियों ने तोड़ने की कोशिश की. पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. इससे सुकांत मजुमदार बीमार पड़ गये.
पुलिस ने कहा- शांतिपूर्ण नहीं था आंदोलन
मंगलवार शाम को एडीजी (दक्षिण बंगाल) सुप्रतीम सरकार ने कहा कि पहले यह बताया गया था कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा. लेकिन हर ओर अशांति देखी गयी. इस तरह का आंदोलन बंगाल के असली छात्र समाज का नहीं हो सकता है. उन्होंने बताया कि आंदोलन में कुछ आपराधिक तत्व भी शामिल थे. संवाददाता सम्मेलन में एडीजी (कानून-व्यवस्था) मनोज वर्मा व डीसी (सेंट्रल) इंदिरा मुखर्जी भी मौजूद रहीं. कोलकाता पुलिस ने 126 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें 23 महिलाएं शामिल हैं. राज्य पुलिस ने 94 लोगों को गिरफ्तार किया.
हावड़ा स्टेशन से 4 लोगों को पकड़ा गया
सरकार ने बताया कि हावड़ा स्टेशन से चार लोगों को पकड़ा गया था. इनके पास अभियान के नाम पर जो साजिश की गयी थी, उसकी पूरी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि पुलिस पर ईंट, पत्थर व बोलतें फेंकी गयीं. सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. वाहनों में आग लगा दी गयी. उन्होंने कहा कि पुलिस किसी उकसावे में नहीं आकर संयम व धैर्य का परिचय दिया. पुलिसकर्मी लहूलुहान हुए.
कोलकाता पुलिस की डीसी बोलीं- उपद्रवियों ने ईंट फेंके
कोलकाता पुलिस की डीसी (सेंट्रल) इंदिरा मुखर्जी ने कहा कि वह सुबह आठ बजे से सड़क पर थीं. 11 बजे के करीब उपद्रवियों ने ईंट फेंकना शुरू किया. हमें उकसाने का प्रयास किया गया. भाजपा के बंद को लेकर सुप्रतीम सरकार ने कहा कि यह बंद अवैध है. पुलिस सभी तरह के कदम उठायेगी. लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं हो, इसके लिए पर्याप्त कदम उठाये जायेंगे. हावड़ा मैदान में प्रदर्शनकारियोें के पथराव से आइजी (सीआइडी) डीपी सिंह को चोट लगी है. बताया जा रहा है कि एक पत्थर सीधे उनके हाथ पर आकर लगा.
बंद रहीं दुकानें, ठप रहा मंगलाहाट
नबान्न घेराव का खासा असर व्यवसाय पर भी पड़ा है. प्रदर्शन के कारण हावड़ा मैदान अंचल में सारी दुकानें और शोरूम बंद रहे. प्रदर्शन का असर मंगलाहाट पर भी देखा गया. हाट के दिन सड़क किनारे दुकान लगाने वाले हॉकरों की संख्या नहीं के बराबर थी. ग्राहक भी नदारद रहे. मंगलाहाट में व्यवसाय ठप होने से करीब 250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इसे लेकर व्यवसायियों में काफी नाराजगी रही.
अचल रही मध्य व दक्षिण हावड़ा की ट्रैफिक व्यवस्था
नबान्न घेराव का सबसे अधिक असर ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ा. मध्य हावड़ा, दक्षिण हावड़ा और कोना एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक सेवा पूरी तरह से बंद रहने के कारण दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि अंडर वाटर मेट्रो सेवा शुरू होने से लोगों को राहत मिली. कोना एक्सप्रेस-वे पर यातायात व्यवस्था बंद रहने से ग्रामीण हावड़ा से कोलकाता आनेवाली बसों का आवागमन पूरी तरह से ठप रहा.
कोलकाता में क्या हुआ
कोलकाता में हेस्टिंग्स, प्रिंसेप घाट एवं महात्मा गांधी रोड पर जमकर बवाल हुआ
पुलिस को लक्ष्य कर पथराव किया गया, जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने किया लाठीचार्ज
हावड़ा ब्रिज पर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. आंसू गैस के गोले दागे. लाठीचार्ज भी हुआ.
बाबू घाट में पुलिस की दो मोटरसाइकिलों में आग लगा दी गयी, पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गयी
पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के पास भी आंदोलनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया. प्रदर्शनकारियों को विद्यासागर सेतु से नबान्न जाने से रोकने के लिए पुलिस ने एजेसी बोस रोड पर कंटेनर रख दिये थे. कोलकाता में संभवत: ऐसा पहली बार हुआ
हावड़ा में क्या हुआ
नबान्न घेराव के दौरान हावड़ा में कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई.
हावड़ा मैदान, फोरशोर रोड, सांतरागाछी और नबान्न के पास शरत चटर्जी रोड रणक्षेत्र में तब्दील हो गया
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा. पानी की बौछार होते ही बैरिकेड के पास खड़े हजारों लोगों को पीछे हटना पड़ा.
पथराव से हावड़ा मैदान में तैनात चंडीतला थाने के प्रभारी संदीप गांगुली घायल हो गये. उन्हें अस्पताल ले जाया गया.
सांतरागाछी में फोटो जर्नलिस्ट कुणाल मल्लिक के सिर पर चोट लगी है.
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लोहे की वेल्डिंग करके बैरिकेड बनाये थे
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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