हालांकि उन्होंने कहा कि वह फिलहाल विधायक पद से इस्तीफा नहीं दे रहे हैं. श्री घोष ने कहा : यदि मैं अभी इस्तीफा दे दूंगा, तो मेरे विधानसभा क्षेत्र के लोगों को काम कराने में दिक्कत होगी और उन्हें दूसरे जगहों पर भागना पड़ेगा. मैं किसी भी पार्टी संबंधी गतिविधियों के लिए उपलब्ध नहीं रहूंगा, लेकिन अपने क्षेत्र के विकास के लिए अगले वर्ष तक विधायक के रूप मे काम करता रहूंगा. तृणमूल कांग्रेस शासित सूरी नगरपालिका में पेयजल सहित केंद्रीय योजनाओं के लिए मिली 10.36 करोड़ रुपये की राशि की चोरी के विरोध में प्रदर्शन के बाद पार्टी ने 25 फरवरी को श्री घोष को निलंबित कर दिया था.
उन्होंने इससे बात से खंडन किया कि मुकुल राय व विधायक सिउली साहा के फिर से तृणमूल खेमे में लौटने के कारण ही वह हताश हुए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है, वह चाहते तो दूसरी पार्टी में भी जा सकते थे. उन्होंने कहा कि वह उन लोगों के साथ खड़ा होना चाहते हैं, जो अभी भी किसी के समक्ष माथा नहीं झुकाते हैं और अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करते. उन्होंने मुकुल राय को अपने निर्णय से अवगत करा दिया था और इस कारण संवाददाता सम्मेलन कर रहे हैं कि अब मुकुल राय भी उन्हें फिर से राजनीति में वापस लौटने का आग्रह नहीं कर पायेंगे.

