Soma Munda Murder Case: खूंटी के पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड के विरोध में बुलाए गये झारखंड बंद का खूंटी और सरायकेला जिलों में व्यापक असर देखने को मिला रहा है. वहीं, राजधानी रांची में बंद का असर सीमित है. खूंटी और सरायकेला में वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप है. अधिकांश दुकानें बंद पड़ी हैं. सरायकेला जिले के कुचाई में आदिवासी संगठनों के सदस्य शनिवार सुबह से ही सड़कों पर उतर आए. मुख्य बाजार बंद करा दिया. इसके बाद कुचाई चौक पर टायर जलाकर आवागमन रोक दिया गया. हालांकि बंद के दौरान स्कूल, अस्पताल, दवा दुकान समेत अन्य आवश्यक सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया.
मुख्य साजिशकर्ता को अविलंब गिरफ्तार करें : मंगल सिंह मुंडा
आदिवासी एकता मंच, कुचाई के अध्यक्ष मंगल सिंह मुंडा ने कहा कि पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या से आदिवासी समाज के सामाजिक व्यवस्था को गहरा आघात पहुंचा है. वे जल जंगल जमीन और आदिवासी समाज के लिए जीवन भर संघर्ष करने वाले शख्स थे. हत्याकांड के इतने दिनों बाद भी अभी तक हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. उन्होंने जल्द से जल्द घटना के मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार करने की मांग की है.

बंद समर्थकों ने की जमकर नारेबाजी
सोमा मुंडा हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आदिवासी संगठनों के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की. आदिवासी एकता मंच, कुचाई ने पड़हा राजा के मुख्य हत्यारों को गिरफ्तार करने के साथ साथ पीड़ित परिवार को मुआवजा और सुरक्षा देने की मांग की गयी. बंद कराने वालों में आदिवासी एकता मंच, कुचाई के अध्यक्ष मंगल सिंह मुंडा, जिला परिषद सदस्य जींगी हेंब्रम, मान सिंह मुंडा, लखीराम मुंडा, बनवारी लाल सोय, रामचंद्र सोय, गोलाराम लोवादा, लुबुराम सोय, रामकृष्ण मुंडारी, हरिश चंद्र बानरा, केपी सेठ सोय, सुरेश सोय, देवेंद्र सोय, धर्मेंद्र सिंह मुंडा, कारु मुंडा, आसु मुंडा, मुन्ना सोय समेत कई लोग शामिल थे.

रांची में बंद का असर सीमित
रांची में झारखंड बंद का सीमित असर देखने को मिला है. राजधानी रांची के ज्यादातर स्कूल बंद हैं. वाहनों का आवागमन आम दिनों की तुलना में कम रहा, जबकि सड़कों पर आमजन की आवाजाही भी काफी कम नजर आई. फिलहाल पतरातू रांची सड़क को घाटी के पास जाम कर दिया गया है, जिससे गाड़ियों की लगी लंबी कतार लगी है.

