ePaper

मिर्जापुर गैंग के पास फिक्स थी धुर्वा से गायब बच्चे अंश-अंशिका की डील, गिरफ्तार दंपती ने खोल दिये राज

Updated at : 17 Jan 2026 9:07 AM (IST)
विज्ञापन
मिर्जापुर गैंग के पास फिक्स थी धुर्वा से गायब बच्चे अंश-अंशिका की डील, गिरफ्तार दंपती ने खोल दिये राज
अंश अंशिका की तस्वीर, Pic Credit- Prabhat Khabar

Ansh Anshika Case: रांची के धुर्वा से गायब बच्चों को मिर्जापुर के गैंगपास पहुंचाने की साजिश का राज खुल गया है. गिरफ्तार आरोपी दंपती ने पुलिस की पूछताछ में मानव तस्करी गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में कई अहम जानकारियां साझा की हैं. फिलहाल SIT की पूछताछ जारी है.

विज्ञापन

Ansh Anshika Case, रांची : रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित मल्लार कोचा मौसीबाड़ी से गायब हुए बच्चों को अपहरणकर्ता दंपती दोनों को मिर्जापुर के गैंगपास पहुंचाने वाले थे. इसके लिए वे मामले का ठंडा होने का इंतजार कर रहे थे. ये खुलाला गिरफ्तार आरोपी नभ खरवार और उसकी पत्नी पूनम कुमारी ने पुलिस के सामने किया है. केस के अनुसंधानकर्ता और वरीय अधिकारी आरोपी दंपती से पूछताछ कर रहे हैं.

आरोपियों ने अपने गिरोह के बारे में दी पुलिस को अहम जानकारियां

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. साथ ही अपने गिरोह के बारे में कई अहम जानकारियां साझा की है. पुलिस ने 15 जनवरी को आरोपी दंपती को न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार भेज दिया था. मामले में पूछताछ के लिए पुलिस को पांच दिनों की रिमांड मिली है. शुक्रवार दोपहर को भी रांची पुलिस की टीम बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा पहुंची और मानव तस्करी के इस आरोपी दंपती को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गयी.

Also Read: Soma Munda Murder Case: 17 को आदिवासी संगठनों का झारखंड बंद, कई संगठनों ने किया समर्थन

15 जनवरी को दिया गया सूचनादाता को इनाम

अंश‐अंशिका के मामले में सूचना देने वाले को इनाम नहीं दिये जाने की चर्चा पर प्रभात खबर की एसआईटी ने रांची के एसएसपी रांकेश रंजन से सीधा सवाल किया. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मैंने खुद सूचना दाता से बात की. उनका सत्यापन के उनको अंश‐अंशिका की सूचना देने के एवज में चार लाख रुपये का इनाम 15 जनवरी को दिया. साथ ही पुलिस की ओर से उनको सम्मानित भी किया गया. लेकिन, हमलोग उस सूचना दाता का नाम सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस का काम करने का अपना तरीका है. हमलोगों ने पहले ही सूचनादाता का नाम गोपनीय रखनेकी बात कही थी. ऐसे में सूचनादाता की सुरक्षा से हमलोग कतई खिलवाड़ नहीं कर सकते.

Also Read: इस दिन आएगी Maiya Samman Yojana की किश्त, एकमुश्त 5000 रुपये गिरेंगे बैंक खाते में

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola