Ansh Anshika Case, रांची : रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित मल्लार कोचा मौसीबाड़ी से गायब हुए बच्चों को अपहरणकर्ता दंपती दोनों को मिर्जापुर के गैंगपास पहुंचाने वाले थे. इसके लिए वे मामले का ठंडा होने का इंतजार कर रहे थे. ये खुलाला गिरफ्तार आरोपी नभ खरवार और उसकी पत्नी पूनम कुमारी ने पुलिस के सामने किया है. केस के अनुसंधानकर्ता और वरीय अधिकारी आरोपी दंपती से पूछताछ कर रहे हैं.
आरोपियों ने अपने गिरोह के बारे में दी पुलिस को अहम जानकारियां
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. साथ ही अपने गिरोह के बारे में कई अहम जानकारियां साझा की है. पुलिस ने 15 जनवरी को आरोपी दंपती को न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार भेज दिया था. मामले में पूछताछ के लिए पुलिस को पांच दिनों की रिमांड मिली है. शुक्रवार दोपहर को भी रांची पुलिस की टीम बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा पहुंची और मानव तस्करी के इस आरोपी दंपती को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गयी.
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15 जनवरी को दिया गया सूचनादाता को इनाम
अंश‐अंशिका के मामले में सूचना देने वाले को इनाम नहीं दिये जाने की चर्चा पर प्रभात खबर की एसआईटी ने रांची के एसएसपी रांकेश रंजन से सीधा सवाल किया. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मैंने खुद सूचना दाता से बात की. उनका सत्यापन के उनको अंश‐अंशिका की सूचना देने के एवज में चार लाख रुपये का इनाम 15 जनवरी को दिया. साथ ही पुलिस की ओर से उनको सम्मानित भी किया गया. लेकिन, हमलोग उस सूचना दाता का नाम सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस का काम करने का अपना तरीका है. हमलोगों ने पहले ही सूचनादाता का नाम गोपनीय रखनेकी बात कही थी. ऐसे में सूचनादाता की सुरक्षा से हमलोग कतई खिलवाड़ नहीं कर सकते.
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