Soma Munda Murder Case: खूंटी के एदेल संगा पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में शामिल सात मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आदिवासी संगठनों ने 17 जनवरी को झारखंड बंद बुलाया है. इस हत्याकांड में 7 आरोपियों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य शूटर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. खुंटी, रांची सहित राज्य के अधिकतर जिलों में आदिवासी संगठनों ने 16 जनवरी की शाम मशाल जुलूस निकालकर झारखंड बंद का आह्वान किया. संगठनों ने बताया है कि यह बंद पूर्ण रूप से शांतिपूर्ण रहेगा और स्कूल बस, एंबुलेंस सहित जरूरी सेवाओं को बंद से मुक्त रखा जाएगा. झारखंड पुलिस ने भी सुरक्षा के लिए पूरी तैयारी कर ली है.
इन संगठनों का मिला साथ
पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में 17 जनवरी को झारखंड बंद रहेगा. इस बंद का विभिन्न संगठनों ने समर्थन किया है. इसमें आदिवासी समन्वय समिति खूंटी, आदिवासी बचाओ मोर्चा, मानकी मुंडा संघ चाईबासा, आदिवासी जन परिषद, आदिवासी महासभा, केंद्रीय सरना समिति, आदिवासी बचाओ युवा मोर्चा, झारखंड पार्टी, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, सरना सोंगोम समिति, एदेल सांगा पड़हा समिति, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा, संयुक्त बाइस पड़हा, नगड़ी जमीन बचाओ समिति, आदिवासी अधिकार संरक्षण समिति, आदिवासी लोहरा समाज, भारत मुंडा समाज, महली जनजातीय विकास मंच, मांझी परगना सरदार महासभा जामताड़ा, झारखंड प्रदेश आदिवासी सरना-पड़हा समाज, मुन्ना पतरा चकला, झारखंड आदिवासी संयुक्त मोर्चा, आदिवासी छात्रसंघ, कांके रोड सरना समिति, संपूर्ण आदिवासी समाज तमाड़ और ऑल मुस्लिम यूथ एसोसिएशन आदि संगठन शामिल हैं. Soma Munda Murder Case Jharkhand bandh of Tribal organizations on 17 January
कुचाई में झारखंड बंद की पूर्व संध्या पर निकला मशाल जुलूस
सरायकेला के कुचाई में पड़हा राजा सोम मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों द्वारा 17 जनवरी को संपूर्ण झारखंड बंद का आह्वान किया. आदिवासी एकता मंच, कुचाई (सरायकेला-खरसावां) की ओर से झारखंड बंद का समर्थन किया है. झारखंड बंद के समर्थन में आदिवासी एकता मंच ने शुक्रवार की शाम को मशाल जुलूस निकाला तथा कुचाई के लोगों से इस बंदी को समर्थन देने की अपील की. इस दौरान आदिवासी एकता मंच की ओर से बताया गया कि शनिवार को सुबह सात बजे से ही बाजार बंद रहेगा. बंद से स्कूल, अस्पताल, दवा दुकान समेत अन्य आवश्यक सेवाओं को मुक्त रखा गया है. आदिवासी एकता मंच, कुचाई की ओर से कहा कि जल, जंगल, जमीन एवं आदिवासी समाज के लिए जीवन भर संघर्ष करने वाले पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या से आदिवासी समाज के साथ ही सामाजिक व्यवस्था को गहरा आघात लगा है.
हत्याकांड के इतने दिनों बाद भी अब तक हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता की पुलिस के गिरफ्त से बाहर है. दोषियों को सजा देने के साथ साथ पीड़ित परिवार को मुआवजा व सुरक्षा देने की मांग की गयी. मशाल जुलूस में मुख्य रुप से आदिवासी एकता मंच, कुचाई के अध्यक्ष मंगल सिंह मुंडा, जिप सदस्य जींगी हेंब्रम, मान सिंह मुंडा, लखीराम मुंडा, डुमू गोप, गोलाराम लोवादा, लुबुराम सोय, रामकृष्ण मुंडारी, हरिश चंद्र बानरा, केपी सेठ सोय, सुरेश सोय, सालुका मुंडा, देवेंद्र सोय आदि शामिल थे.
7 नवंबर को कर दी गयी थी सोमा मुंडा की हत्या
7 नवंबर को पड़हा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. जिसके बाद हत्या के विरोध में उसके दूसरे दिन खूंटी बंद कर दिया गया. जिसमें पक्ष-विपक्ष के कई नेता शामिल हुए. मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी मनोज कौशिक ने एसआईटी का गठन कर एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया. साथ ही सदर थाना के प्रभारी मोहन कुमार को सस्पेंड कर उनकी जगह अशोक सिंह को जिम्मेदारी दी गयी. वह खुद खूंटी जाकर परजनों से मिले थे और एसपी से मामले की जानकारी ली थी.
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